व्यापार

भू-राजनीति के कारण चुनौती बनेगा पूंजी जुटाना


कोलकाताः वैश्वीकरण में पीछे हटने व भू-राजनीति की वजह से भविष्य में पूंजी चुनौती बन जाएगी। वित्तीय क्षेत्र में डेटा एनालिटिक्स, कृत्रिम इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की भूमिका बहुत अधिक होगी। ये बातें मर्चेंट चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एमसीसीआई) द्वारा आयोजित परिचर्चा सत्र में बंबई शेयर बाजार लिमिटेड के चेयरमैन एस रवि ने कहीं। इस अवसर पर एमसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अमिताव कोठारी ने स्वागत भाषण दिया जबकि स्टेंडिंग कमेटी ऑन बैंकिंग, फाइनेंस एंड इंश्योरेंस के चेयरमैन समरजीत मित्रा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
रवि ने कहा कि भू-राजनीति की वजह से पूंजी चुनौती बनने जा रही है, डी-वैश्वीकरण हो रहा है। हर देश अंदर की ओर देख रहा है और हर व्यवसाय को सही प्रकार की पूंजी की तलाश करनी होगी। प्रशासन ढांचा मजबूत और रणनीतिक गठबंधन महत्वपूर्ण होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूंजी का कुशल प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा। कॉर्पोरेट गवर्नेंस मजबूत हो सकता है यदि पूर्णकालिक परिचालन करने वाले लोगों के बीच कार्यशील निदेशकों और स्वतंत्र निदेशकों के बीच की भूमिका स्पष्ट हो। उन्होंने कहा कि कोटक समिति की सिफारिशें लागू की जा रही हैं। कंपनी बोर्ड की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है।

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