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केवल 69 प्रतिशत लोगों ने फाइल किया रिटर्न

केवल 69 प्रतिशत लोगों ने फाइल किया रिटर्न
इस वर्ष की आरंभ से लेकर अभी तक लगाातार दूसरी बार GST से होने वाली कमाई में गिरावट देखने को मिली. फरवरी महीने में केवल 69 प्रतिशत लोगों ने GST रिटर्न फाइल किया है, जिसकी वजह से कर कलेक्शन में कमी देखने को मिली है.
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इतना हुआ कलेक्शन
गवर्नमेंट की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक फरवरी महीने में केवल 85174 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ है. हालांकि अभी 5 दिन बचे हैं, ऐसे में कर कलेक्शन में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.25 मार्च तक केवल 59.51 लाख GST रिटर्न फाइल हुए हैं. वहीं इसके मुकाबले जनवरी में GST से करीब 86318 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था. नवंबर  दिसंबर में यह 83716 करोड़ रुपये और88929 करोड़ रुपये था.

केंद्र गवर्नमेंट ने GST रिर्टन के फॉर्म 3बी अब बहुत ज्यादा आसान कर दिया है. GST नेटवर्क ने फॉर्म 3बी में कई जरूरी परिवर्तन किए हैं, जिसके बाद कारोबारियों को रिटर्न भरने में बहुत सरलता हो जाएगी.

टैक्स का पेमेंट होगा आसान

पहले कारोबारियों को अपनी कर की देनदारी का पता करने के लिए रिटर्न को सबमिट करना पड़ता था, जिसके बाद किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया जा सकता था. लेकि अब कर देनदारी का पता रिटर्न सबमिट करने से पहले ही पता चल जाएगा.

चालान का होगा ऑटो जेनरेशन
अब नए फॉर्म में कर पेमेंट करने का चालान ऑटो जेनरेट होगा. यह इनपुट कर क्रेडिट के अतिरिक्तहोगा. इसके अतिरिक्त टैक्सपेयर के पास क्रेडिट राशि को एडिट करने का ऑप्शन भी होगा.Adeaquare के सीईओ पवन पीचारा ने बोला कि नए रिटर्न फॉर्म के लागू होने से कारोबारियों के लिए रिटर्न भरना बहुत ज्यादा सरल हो जाएगा. अब यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से ऑटोमेटिक हो जाएगी, जिससे कारोबारियों का रिटर्न फाइल करने के प्रोसेस में बहुत ज्यादा समय बचेगा.

कारोबारियों को भरना होगा 3 रिटर्न फॉर्म
GST काउंसिल की मीटिंग में कारोबारियों को 3 रिटर्न फॉर्म भरने से आजादी देने की बात हो रही थी, लेकिन इस पर भी किसी तरह की सहमति नहीं बन पाई है. कारोबारियों को सिंगल रिटर्न फॉर्म के लिए थोड़ा  इंतजार करना पड़ेगा.

ई-वे बिल के नियमों में किया बदलाव
केंद्र गवर्नमेंट ने ई-वे बिल के नियमों में परिवर्तन किया है. गवर्नमेंट को उम्मीद है कि इस परिवर्तनसे ई-कॉमर्स कंपनियों को वस्तुओं के सुचारू परिवहन में मदद मिलेगी  वस्तुओं के मूल्य की गणना करने का उपाय आसान होगा.

गवर्नमेंट ने ई-वे बिल के नियमों में परिवर्तन की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें वस्तुओं को लाने ले जाने के लिए नौकरी वर्कर्स को भी इलेक्ट्रॉनिक रसीद निकालने की अनुमति दी गई है. 50,000 रुपये से अधिक मूल्य के माल को एक राज्य से दूसरे राज्य लाने ले जाने के लिए 15 अप्रैल से इलेक्ट्रॉनिक वे या ई-वे बिल की आवश्यकता होगी. काउंसिल ने 1 जुलाई तक रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को टालने का निर्णय लिया है.

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