व्यापार

पीएम मोदी के खास दोस्त ने दिया सिरदर्द

पीएम मोदी के खास दोस्त ने दिया सिरदर्द

पीएम नरेंद्र मोदी इन दिनों कर्नाटक चुनाव में बिजी हैं दो दिन बाद वहां मतदान हैलेकिन, मोदी की सबसे करीबी ‘दोस्त’ ने उन्हें इस समय पर सबसे बड़ा ‘सिरदर्द’ दे दिया है दरअसल, पीएम मोदी के ‘दोस्त’ डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुई परमाणु संधि से अमेरिका को बाहर कर लिया है अब यह हिंदुस्तान के लिए अच्छा नहीं हैं, मोदी गवर्नमेंट के लिए अच्छा नहीं है वो भी ऐसे समय पर जब आने वाले समय में हिंदुस्तान के करीब आधा दर्जन राज्यों में चुनाव होने हैं अमेरिका के परमाणु संधि के बाहर होने  ईरान पर ऑयल प्रतिबंध लगाने से ऑयल की कीमतों में बड़ा उछाल आएगा यह मोदी गवर्नमेंट के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक हो सकता है मोदी गवर्नमेंट के लिए यह किसी पहेली से कम नहीं कि चुनाव के समय ऐसे मुद्दों का हल कैसे सुलझाया जाए

क्या किया ट्रंप ने ऐलान?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, ‘हम ईरान के परमाणु बम को नहीं रोक सकते ईरान समझौता मूल रूप से दोषपूर्ण है इसलिए मैं ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने की घोषणा कर रहा हूं ‘ इसके कुछ समय बाद उन्होंने ईरान के विरूद्ध प्रतिबंधों वाले दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए ट्रंप ने दूसरे राष्ट्रों को भी आगाह किया कि जो भी ईरान की मदद करेगा उन्हें भी प्रतिबंध झेलना पड़ेगा

क्यों है हिंदुस्तान के लिए पहेली?
दरअसल, हिंदुस्तान संसार में ऑयल खपत के मामले में तीसरा सबसे बड़ा राष्ट्र है हिंदुस्तान जिन राष्ट्रों से ऑयल खरीदता है, उनमें सऊदी अरब, इराक  ईरान हैं हालांकि, 2014 के बाद से हिंदुस्तान ईरान से सबसे ज्यादा ऑयल मंगाता है लेकिन, ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से ऑयलकी कीमतें आसमान छू सकती हैं ऑयल के दाम से हिंदुस्तान पहले ही परेशान है ऐसे में  कीमतें बढ़ना किसी झटके से कम नहीं होगा उधर, वर्ल्ड बैंक भी ऑयल की कीमतों में 20 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जता चुका है

क्यों है पीएम मोदी के लिए मुश्किल?
दरअसल, कर्नाटक चुनाव से पहले ही मोदी गवर्नमेंट के लिए ऑयल की कीमतें एक बड़ी टेंशन थीपेट्रोल के दाम पांच वर्ष से ऊपरी स्तर पर हैं वहीं, डीजल अपने रिकॉर्ड हाई पर चल रहा है ऐसे में गवर्नमेंट के पास प्रतिदिन बढ़ने वाली कीमतों पर अंकुश लगाने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं दिखता यही वजह है कि कर्नाटक चुनाव से पहले भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर रोक लगाई गई हैअब गवर्नमेंट को मजबूरन ऑयल वितरक कंपनियों को कीमतें बढ़ाने से रोकना होगा लेकिन, ऐसा करने पर कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है

महंगाई है दूसरी टेंशन
ऑयल कंपनियों ने 24 अप्रैल से ऑयल की कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया है इससे उनके मार्जिन पर भी फर्क पड़ा है हालांकि, इस दौरान क्रूड की कीमतें करीब साढ़े तीन वर्ष के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं गवर्नमेंट के लिए दूसरी बड़ी टेंशन यही है कि ऑयल के दाम बढ़े तो महंगाई भी बढ़ जाएगी ऑयल की कीमतों में 10 डॉलर की वृद्धि होने से हिंदुस्तान का करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) 15 अरब डॉलर या GDP का 0.6 प्रतिशत बढ़ जाएगा इससे वित्तीय घाटा GDP का 0.1 प्रतिशत बढ़ जाएगा

80 डॉलर जा सकता है क्रूड
अमेरिकी निर्णय का तत्कालिक प्रभाव पड़ना तय है एक्सपर्ट भी मानते हैं कि मौजूदा हालातों में क्रूड की कीमतों में उछाल आएगा अगले 2 महीने में कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के पार भी जा सकती हैं डिमांड  सप्लाई के सेंटिमेंट मजबूत हैं अगर जियो पॉलिटिकल टेंशन नहीं बढ़ी तो क्रूड की कीमतें थोड़ी गिर सकती है, लेकिन इससे हिंदुस्तान के खजाने पर बोझ पड़ना तय है

70 डॉलर से नीचे नहीं आएंगी कीमतें
CARE रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस के मुताबिक, अभी के दशा देखते हुए ऐसा नहीं लगता कि क्रूड 70 डॉलर के नीचे आएगा हालांकि, RBI की मौद्रिक नीति में ऑयल की कीमतों के 65-70 डॉलर के बीच रहने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अभी की स्थिति में यह स्तर 70-75 डॉलर प्रति बैरल हो सकता है

Article पीएम मोदी के खास दोस्त ने दिया सिरदर्द took from Poorvanchal Media | Breaking Hindi News| Current Hindi News| Latest Hindi News | National Hindi News | Hindi News Papers | Hindi News paper| Hindi News Website| Indian News Portal – Poorvanchalmedia.com.

Leave a Comment