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खत्म हुईं मूंगे की चट्टानें तो बढ़ेगा बाढ़ से नुकसान

लॉस एंजिलिसः  एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि  विश्वभर में मूंगे की चट्टानों के तेजी से खत्म होने से बाढ़ का संभावित वार्षिक खर्च दोगुणा और त्वरित तूफानों का खर्च तीन गुणा हो जाएगा।  अमेरिका के सांता क्रूज में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के एक शोधार्थियों के अनुसार समुद्र के जलस्तर में वृद्धि के साथ बाढ़ की आवृत्ति चार गुणा अधिक हो जाएगी।  नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार मूंगे की चट्टानों की वजह से विश्वभर में बाढ़ के कारण होने वाला खर्च आधा हो जाता है। मूंगे की चट्टानें जल की धारा को तोड़कर उनकी शक्तियां कम करती हैं। अध्ययन में मूंगे की चट्टानों की ऊपरी एक मीटर परत के खत्म होने के बाद अभी आने वाले बाढ़ की तुलना मूंगे की चट्टानों के रहते हुए आने वाले बाढ़ से की गयी है।

कितनी होगी वृद्धि

शोध में कहा गया कि मूंगे की जिंदा चट्टानों के बिना बाढ़ से होने वाला वार्षिक अनुमानित खर्च चार अरब डॉलर बढ़ जाएगा। उनके अनुसार 100 साल के बड़े तूफानों का खर्च 91 प्रतिशत बढ़कर 272 अरब डॉलर पर पहुंच सकता है।

संरक्षण से लाभ

शोधार्थियों ने कहा कि समुद्री मूंगों की चट्टानों के संरक्षण से सर्वाधिक फायदा इंडोनेशिया, फिलिपींस, मलेशिया, मैक्सिको और क्यूबा को होगा। इनमें से हर देश को बाढ़ खर्च में इससे 40 करोड़ डॉलर से अधिक की बचत होगी। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका को भी काफी फायदा होगा। उसे प्रति वर्ष 10 करोड़ डॉलर की प्रत्यक्ष बचत होगी।

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