हेल्थ

डाइजेशन और आंत संबंधी दिक्‍कतों में बेहद कारगर हैं Sprouts

Sprouts are extremely effective in diagnosis and intestinal problems

मिनरल्स और फाइबर से भरपूर Sprouts डाइजेशन को बेहतर करने और आंत संबंधी गैस से छुटकारा दिलाने में बेहद कारगर माना जाता है। न्युट्रिशनिस्ट कुणाल कालरा कहते हैं, ‘डाइजेशन में मदद करने के साथ ही Sprouts, कैंसर पैदा करने वाले सेल्स से भी शरीर को सुरक्षित रखता है। Sprouts में ग्लूकोराफैनिन नाम का एंजाइम पाया जाता है जो कैंसर पैदा करने वाले सेल्स से लड़ता है। साथ ही शरीर में ऑक्सिजन के लेवल को बढ़ाकर यह शरीर को डीटॉक्सिफाई करने में भी मदद करता है।’
Sprouts खाने के सेहत से जुड़े ढेरों फायदे
स्प्राउट्स में लिविंग एंजाइम्स पाए जाते हैं तो खाने को असरदार तरीके से छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ देता है जिससे शरीर द्वारा पोषक तत्वों को सोखने की प्रक्रिया तेज हो जाती है और डाइजेशन आसान होता है।
ओमेगा-3 फैटी ऐसिड से भरपूर Sprouts कार्डियोवस्क्युलर सिस्टम के स्ट्रेस को कम करता है। साथ ही अगर स्प्राउट्स को सुबह-सुबह खाया जाए तो यह शरीर में गुड कलेस्ट्रॉल यानी HDL के लेवल को भी बढ़ाता है जिससे आप दिल से जुड़ी बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं।
DNA का विध्वंस जिससे उम्र बढ़ती है और बुढ़ापा आता है उसे रोकने में स्प्राउट्स मदद करते हैं। Sprouts में ऐक्टिव ऐंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं तो प्रीमच्योर एजिंग यानी समय से पहले बुढ़ापे को रोकता है।
स्प्राउट्स में विटमिन C भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो वाइट ब्लड सेल्स यानी WBC को स्फूर्तिदायक बनाने का काम करता है। खून में मौजूद WBC इंफेक्शन्स और बीमारियों से लड़ता है और हमारे इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।
अगर आप वजन घटाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो स्प्राउट्स खाएं। शरीर में मौजूद हॉर्मोन ग्रेलिन (ghrelin) जो दिमाग को ज्यादा खाने का संकेत भेजता है उसके रिलीज को कम करने में मदद करता है Sprouts। स्प्राउट्स फाइबर से भरपूर होता है और इसमें कैलरीज बेहद कम होती हैं जिससे स्प्राउट्स खाने के बाद आपका पेट काफी लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है।
Sprouts में मौजूद ऐंटीऑक्सिडेंट्स आंखों की सेल्स को फ्री रैडिकल्स से सुरक्षित रखते हैं और इसमें मौजूद विटमिन A आई साइट यानी आंखों की रोशनी को तेज करता है।
वैसे तो स्प्राउट्स को कच्चा खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन अकैडमी ऑफ न्यूट्रिशन ऐंड डायटेटिक्स की एक रिसर्च के अनुसार स्प्राउट्स को अंकुरित करते समय इसमें रहने वाली नमी से साल्मोनेला, ई. कोलाई और लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया पैदा हो सकते हैं जिनसे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि Sprouts को उबालकर ही खाया जाए।
-एजेंसी

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