बिहार

दुबारा मूर्ति तोड़ने की घटना से भड़के ग्रामीण, पुलिस को की बंधक बनाने की कोशिश

दुबारा मूर्ति तोड़ने की घटना से भड़के ग्रामीण, पुलिस को की बंधक बनाने की कोशिश

आरा(डिम्पल राय)। जगदीशपुर थाना क्षेत्र के कहथु गाँव स्थित काली मंदिर में स्थापित मां काली की तकरीबन 6 माह बाद दुबारा मूर्ति तोड़े जाने से नाराज ग्रामीण आक्रोशित होकर हंगामा करने लगे थे। मूर्ति तोड़े जाने की सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंचे जगदीशपुर थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिस बलों को नाराज ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाकर घटनास्थल पर वरीय अधिकारियों को घटनास्थल पर बुलाने की मांग पर अड़ गए थे। हालांकि जगदीशपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार बंधक बनाने की बात से इनकार करते रहे। आक्रोशित ग्रामीण दोषियो को तत्काल गिरफ्तार कर कारवाई करने के मांग पर अड़े थे। मामला विगड़ते देख कर आनन-फानन मे आयर थाने की पुलिस के अलावे जगदीशपुर के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी ने घटना स्थल पर पहुँच स्थिति को संभाला। ग्रामीणों ने बताया कि इस घटना से विगत छः माह पहले भी इसी मंदिर में पूर्व से स्थापित काली मां की मूर्ति को तोड़ने के क्रम में ही ग्रामीणों द्वारा पकड़ लिया गया था। तब उस वक्त ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए दो व्यक्तियों ने अपने एक और साथी का नाम बताया था। तत्पश्चात ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से तीनों नामजद आरोपी व्यक्तियों के विरुद्ध जगदीशपुर थाने में मामला दर्ज कराया गया था। जिसमे परसिया गांव निवासी ललन राम के पुत्र संतोष राम, सुदर्शन राम के पुत्र रविन्द्र राम और दीपक राम के एक रिश्तेदार को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। तब जगदीशपुर पुलिस द्वारा अग्रेतर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जिसके बाद ग्रामीणों द्वारा माँ काली की प्रतिमा लाकर विधिवत पूजा अर्चना व यज्ञ कर मूर्ति स्थापित की गई थी लेकिन पुनः दूसरी बार रामनवमीं के एक दिन पहले मूर्ती तोड़ने की घटना घट गई। ग्रामीणो का आरोप है कि पुलिस द्वारा इन पर कोई ठोस कारवाई नही करने के कारण आरोपी जल्द ही बाहर आ गए और फिर मूर्ति तोड़ने की घटना को अंजाम दिया है। आक्रोशित ग्रामीणों को पदाधिकारियो द्वारा दोषियो पर शीघ्र कारवाई करने के आश्वासन के बाद उग्र लोग शांत हुए।

Leave a Comment