बिहार

अभी तक हो चुकी है चार हत्याएं ,पुलिस कर रहीं है कैंप

अभी तक हो चुकी है चार हत्याएं ,पुलिस कर रहीं है कैंप

>> राम जानकी मठ के जमीन पर कब्जे को लेकर 34 वर्षों से चल रहा है विवाद
>> बिहार धार्मिक न्याय बोर्ड ने बना रखा है 11 सदस्यीय कमिटी ,एक पक्ष मानने को तैयार नहीं
>> 5 दिन पूर्व दुल्हिनबाजार पुलिस गयी थी आरोपियों को गिरफ्तार करने ,पुलिस पर हो गया था पथराव, है तनाव व्याप्त
>> आईजी ने कहां ,दोषियों पर होगी कार्रवाई

पटना (रवीश कुमार मणि) । राजधानी के दुल्हिनबाजार थाना क्षेत्र में राम जानकी मठ के जमीन को लेकर अभी तक चार हत्याएं हो चुकी है और आज फिर एक बार दो पक्षों में तनाव उत्पन्न हो गया है । पुलिस दो दिनों से लगातार कैंप कर रहीं है ।
लाला भदसारा गांव में राम जानकी मठ है और इस मठ का करीब 7 बिगहा जमीन है । 1983 से आज तक, मठ के जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद चला आ रहा है । बीते वर्ष 1995 में मठ के जमीन को लेकर गांव के पारस महतो एवज मुनेश्वर महतो,दोनों सहोदर भाईयों की हत्या कर दिया गया । उस वक्ता मठ का पुजारी के रूप में सियाराम दास थे।जिनका हत्या में नाम पड़ा । वर्ष 2012 में सियाराम दास की मृत्यु हो गयी ,तो इनका भाई टोप नारायण दास अपने को मठ का पुजारी घोषित करने का प्रयास किया ।जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया । मठ के जमीन के साथ, अब पुजारी बनने का विवाद चला। बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा मामला 4248 /13 के द्वारा निर्णय पारित कर 11 सदस्यीय कमिटी बनाया और मठ के जमीन को कमिटी के निगरानी में दे दिया । इस निर्णय से असंतुष्ट ,टोप नारायण दास ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किया । हाईकोर्ट ने दिशा निर्देश देते हुये निचली अदालत में पहले मामला ले जाने को कहां । टोप नारायण दास द्वारा पटना केस संख्या 54 /15 दाखिल किया गया जो विचारण चल रहा है।
इसी क्रम में बीते 20 दिसंबर 2017 को दोषियों पक्षों के गोलीबारी हुईं इसमें आसनारायण और पटना के पुनपुन का अपराधी चंदन कुमार की हत्या हो गयी और टोप नारायण के बयान पर दर्जनों को अभियुक्त बनाया गया । रामनवमी के एक दिन पहले पुलिस को सूचना मिली की दोहरा हत्याकांड 306 /17 के फरार अभियुक्त गांव में आएं हुये है । पुलिस ने छापेमारी किया तो अभियुक्त और उनके समर्थकों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया जिसमें दो पुलिसकर्मी जख्मी हो गये । इस मामले में टोप नारायण दास एवं पुलिस दोनों की ओर से 16 -16 नामजद एवं अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया । इधर पुलिस के खिलाफ भी लोगों ने आरोप लगाया है ।
इस घटना के बाद 1983 से चला आ रहा विवाद फिर एक बार बहरा गया है और दोनों पक्षों के बीच तनाव व्याप्त है । सुरक्षा के मद्देनजर गांव में बीते दो दिनों से पुलिस कैंप कर रहीं है ।अनहोनी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता । विवाद को लेकर ग्रामीण दहशत में है ।
जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खां के अनुसार पुलिस हर गतिविधियों पर नजर रखें हुये है । किसी को कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा ।वही बताया की किसी दोषियों को बक्सा नहीं जाएगा । सभी आरोपों का निष्पक्ष जांच होगी और जो कानून से फरार है वह कोर्ट में या पुलिस के पास आत्मसमर्पण कर जाएं नहीं तो पुलिस उन्हें हर हाल में गिरफ्तार करेगी ।

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