बिहार

खबर का हुआ असर, लेपटॉप, एटीएम कार्ड, पेनड्राइव, चलान बनाने के कागज के साथ दो गिरफ्तार

खबर का हुआ असर, लेपटॉप, एटीएम कार्ड, पेनड्राइव, चलान बनाने के कागज के साथ दो गिरफ्तार

खबर का हुआ असर, लेपटॉप, एटीएम कार्ड, पेनड्राइव, चलान बनाने के कागज के साथ दो गिरफ्तार

आरा(डिम्पल राय)। तरुणमित्र के पोर्टल पर प्रमुखता से चले खबर अवैध बालू चलान से सरकार को लग रहा चुना, धंधेबाज़ों को कट रही चांदी का हुआ असर। संदेश थाना पुलिस ने सन्देश थाना क्षेत्र के अखगांव बाजार स्थित सिंह मार्केट से फर्जी चलान बनाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। संदेश थानाध्यक्ष धनन्जय शार्मा ने बताया कि बचरी गांव निवासी रामजी सिह के पुत्र नवीन कुमार सिंह एवं अखगांव निवासी शिवशंकर उपाध्याय के पुत्र अभिषेक उपाध्याय को सिह मार्केट के एक मेडिकल दुकान से गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से लेपटॉप, तीन एटीएम, कार्ड, पेनड्राइव सहित चलान बनाने का कागज आदि कई समान बरामद किया गया है। आपको बताते चले कि सोन नद से सुनहरी रेत का कारोबार शुरू होते ही लूट-खसोट शुरू हो गई है। जिसमें बालू से जुड़े माफिया से लेकर संवेदको की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है। बालू खनन में अवैध चालान (निर्गत रसीद) का बड़ा खेल चल रहा है। राज्य सरकार ने अवैध खनन पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने को लेकर सूबे के तमाम बालू घाटों पर इ-चालान सिस्टम लागू किया है। ताकि बालू का खनन सही चलान के माध्य्म से हो सके लेकिन, बालू माफियाओं के दबाव में इस सिस्टम की सही ढंग से निगरानी नहीं हो पा रही। आलम यह है कि भोजपुर के कई घाटों पर अवैध चलान काट कर ट्रक ड्राइवरों से मोटी रकम ली जाती है। जिससे बालू खरीदारों के साथ साथ सरकार को भी चुना लगाया जाता है। इस काली खेल से सरकार को हर महीने इस प्राकृतिक संपदा के साथ ही करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। इस गोरख धंधे में भोले भाले ट्रक ड्राइवर फंस जाते है। भोजपुर जिले के संदेश घाट पर हुई छापेमारी में इसका खुलासा हुआ था। खनन विभाग के पदाधिकारियों ने जब जांच की तो दो ट्रक को अवैध चलान के सहारे बालू लोडिंग करते जप्त किया गया था। उसके बाद भी अवैध चालान निर्गत होने से जिला खनन कार्यालय पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ज्ञातव्य हो कि इ-चालान के तहत घाटों पर से बालू लेकर निकलने वाले हर ट्रक-ट्रैक्टर की पूरी जानकारी मौके पर एनआइसी के सॉफ्टवेयर पर लोड की जाती है। बंदोबस्तधारी अपने यूजर आइडी-लॉगिन पासवर्ड के सहारे वाहन नंबर, उसका प्रकार, चेसिस नंबर, इंजन नंबर, घाट का नाम, निर्गत तिथि व समय व पहुंचने वाले स्थान का ब्योरा वेबसाइट पर डालते है। स्वीकृत होते ही इ-चालान निर्गत हो जाता है और ड्राइवर को एक स्लिप प्रिंटआउट कर दे दिया जाता है। साथ ही मोबाइल नंबर पर इसकी सूचना मिल जाती है। यह चालान नंबर व प्रिंटआउट दिखाने पर उनको हर चेक प्वाइंट पर छूट मिलती है। लेकिन, इ-चालान की व्यवस्था में भी कालाबजारी शुरू हो गई है। जिसके तहत अवैध रूप से चलाने काट कर बालू की कालाबजारी की जाती है।

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