बिहार

आधार कार्ड की मदद से परिवार से बिछड़े बच्चों की हुई घर वापसी

आधार कार्ड की मदद से परिवार से बिछड़े बच्चों की हुई घर वापसी

पटना। प्रदेश में चल रहे शेल्टर होम्स इन दिनों अपने गलत कार्यो के चलतें चर्चा में बने हुए हैं लेकिन इस बीच राजधानी पटना के एक शेल्टर होम से अच्छी खबर आयी। बुधवार को इस शेल्टर होम के 6 बच्चों की घर वापसी हुई और घर वापसी की इस प्रकिया में मददगार बना आधार कार्ड।

दरअसल आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया के दौरान ही उन बच्चों के परिवार का ठिकाना मिला जो काफी दिनों से इस शेल्टर होम में रह रहे थे। जब अपना घर शेल्टर होम के अधीक्षक ने यहां रहने वाले वैसे बच्चों का आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू की जो कुछ बता पाने में सक्षम नहीं थे। इसी दौरान शेल्टर होम के 6 बच्चे ऐसे पाये गये जिनके आधार कार्ड पहले से ही बने थे। जब केन्द्राधीक्षक को आधार कार्ड से इन बच्चों के परिवार की जानकारी मिली तो पते के आधार पर घरवालों से संपर्क किया गया।

बुधवार को पटना के अपना घर शेल्टर होम में कुछ उत्सवी नजारा था। ऐसे बच्चों के चेहरे पर खुशी थी जो कई दिनों बाद वापस अपने घर जा रहे थे। इस शेल्टर होम के छह बच्चों को रिलीज किया जाना था जिसमें से पांच के अभिभावक उन्हें लेने पहुंचे थे।

शेल्टर होम से जिन बच्चों को घर भेजा जाना था उसमें से कुछ ऐसे भी थे नि:शक्तता की श्रेणी में आते हैं। शेल्टर होम के अधीक्षक रवि शंकर ने बताया कि आधार कार्ड की मदद से छह बच्चों के परिवार से संपर्क साधा गया और वो आज वापस अपने घर जा रहे हैं। जिन बच्चों की घर वापसी हो रही थी उनमें गोलू कुमार चौधरी, विशेष केसरवानी, सुनील कुमार, मोहम्मद इकबाल, कुन्नी चंपैया और रामू शामिल थे।

इन बच्चों में से तीन बिहार के जबकि तीन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड के रहने वाले हैं। समाज कल्याण विभाग के निदेशक राज कुमार ने बताया कि आधार कार्ड की मदद से आज इन बच्चों की घर वापसी हो रही है। उन्होंने बताया कि आधार की मदद से बच्चों को वापस घर भेजने में लगातार मदद मिल रही है। इससे पहले भी छपरा के 9 बच्चों को आधार कार्ड की मदद से उनके परिवार को सौंपा गया था।

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