दिल्ली

फीका पर अन्ना हजारे का आंदोलन

फीका पर अन्ना हजारे का आंदोलन
नई दिल्ली। रामलीला मैदान में समाजसेवी अन्ना हजारे के नेतृत्व में सशक्त लोकपाल, चुनाव सुधार प्रक्रिया और किसानों की मांगों को लेकर शुक्रवार से शुरू हुआ जन आंदोलन फीका पड़ता नजर आ रहा है। भले ही आंदोलन में शामिल होने वाले लोग उत्साह से लबरेज हैं, लेकिन वर्ष 2011 की तरह इस बार ज्यादा भीड़ नहीं जुट पा रही है।
किसानों को जबरदस्ती रोका जा रहा है
रामलीला मैदान में बने मंच से किसान नेताओं ने भी लोगों को संबोधित किया और केंद्र सरकार की किसान नीतियों पर सवाल खड़े किए। वहीं, अन्ना ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान, पंजाब से सरकार लोगों को यहां आने नहीं दे रही है। किसानों को जबरदस्ती रोका जा रहा है, लेकिन किसान पैदल आ रहे हैं। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी आंदोलन शुरू हो गया है। जब सरकार जनता की नहीं सुनती है तो जनता आंदोलन करती है।
…वरना हम भी बदनाम हो जाते
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर उन्होंने कहा कि अच्छा हुआ दूर हो गए वरना हम भी बदनाम हो जाते। उन्होंने कहा कि अनशन पर बैठे लोग खूब सारा पानी पीकर आंदोलन कर रहे
हैं। सरकारें सुनती नहीं है, उनके लिए जान क्यों दें।
वहीं, गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल से मिलने की बात पर उन्होंने कहा कि मंच पर उनसे कोई बात नहीं होगी और न ही कोई भाषण देने दूंगा। मंच के पीछे कमरे में बैठकर बात करेंगे। बता दें कि शनिवार को हार्दिक के आने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन वह यहां नहीं पहुंचे।
क्रांतिकारी सुखदेव का  परिवार भी पहुंचा
अन्ना के समर्थन में स्वतंत्रता सेनानी सुखदेव के परिवार के सदस्य भी पहुंचे। उन्हीं के परिवार के सदस्य संदीप थापर के मुताबिक वर्ष 2011 में हुए आंदोलन की वजह से तत्कालीन सरकार सत्ता से बेदखल हुई थी। ऐसा ही हाल इस सरकार का भी न हो जाए। इसके अलावा फ्लैट पर कब्जा नहीं मिलने से परेशान हुए नोएडा के लोग भी यहां समर्थन देने के लिए पहुंचे। वहीं, अन्ना की तरह दिखने वाले हैदराबाद से आए शाह नकवी भी रामलीला मैदान पहुंचे।
अनशन से अन्ना का वजन हुआ कम
अनशन पर बैठने के बाद से अन्ना हजारे का वजन 2.2 किलो तक कम हो गया है। उनका रक्तचाप भी ऊपर-नीचे हो रहा है। उनके डॉक्टर धनंजय ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए उन्हें कम बात करने की सलाह दी। शनिवार को दोपहर के समय अन्ना मंच से उठकर आराम करने के लिए भी चल गए थे। वहीं, अनशन पर बैठे भारत सेन की तबीयत खराब होने पर उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही एक और महिला की अनशन के दौरान तबीयत खराब हो गई, उनको भी नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इनके अलावा देर रात दो अन्य लोगों की भी तबीयत बिगड़ गई।
राजनीतिक पार्टी से भविष्य में नहीं जुड़ेंगे
 आंदोलन को लेकर जो टीम बनी है, वे अनशन करने वालों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रही है कि कितने लोग अन्ना के साथ अनशन कर रहे हैं। आंदोलन में हिस्सा लेने वाले भर रहे हैं प्रतिज्ञा पत्र आंदोलन में हिस्सा लेने पहुंचे लोग प्रतिज्ञा पत्र भर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अब तक करीब एक हजार से ज्यादा लोग इस पत्र को भर चुके हैं।
इसके लिए लोगों से एक रंगीन फोटो, आधार कार्ड की प्रति और हलफनामा लिया जा रहा है। इसके तहत आंदोलन से जुड़ने वाले लोग किसी राजनीतिक पार्टी से भविष्य में नहीं जुड़ेंगे। हजारों लोगों के लिए बन रहा खाना आंदोलनकारियों के लिए खाने की व्यवस्था भी की गई है। उनके लिए आलू-पूड़ी और चावल बनाए जा रहे हैं। बता दें कि काफी संख्या में किसान यहां ठहरे हुए हैं।

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