दिल्ली

किसानो के लिए कम लागत वाला सौर ऊर्जा कोल्ड स्टोरेज रूम

किसानो के लिए कम लागत वाला सौर ऊर्जा कोल्ड स्टोरेज रूम

नई दिल्ली: आईस मेक रेफेरीजेरेशन ने जहां भंडारण के लिए उचित तापमान और पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं है, वहां के लिए एक सौर ऊर्जा संचालित पोर्टेबल कोल्ड स्टोरेज – शीत कक्ष लॉन्च किया है। लगभग 4-5 मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता व 11-12 लाख रुपये की लागत वाले इस शीत कक्ष के उपयोग से फल , सब्जी व अन्य पदार्थो की गुणवत्ता, ताजगी, शेल्फ-लाइफ को बनाए रखने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है।

उचित तापमान के अभाव से खराब होने वाले उत्पादों की बर्बादी में कमी से किसानो व् आपूर्ति श्रृंखला में अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए शीत कक्ष बहुत लाभकारी है। प्रदेश में मुख्यरूप से हर साल सीतरस, मौसम्बी , संतरा, नींबू , अमरुद, अनार, आवला, खरबूजा, भिंडी, लौकी, बैंगन, गोभी, मटर, टमाटर, शिमला मिर्च, आलू-प्याज का उत्पादन लगभक 15-20 मिलियन मेट्रिक टन होता है लेकिन पर्याप्त मात्रा में शीत भंडारण सुविधाओं की कमी के कारण इन उत्पादो का लगभग 30 से 40: नाश होने से किसानो को भारी नुकसान होता है।

सीएमडी श्री चंद्रकांत पी पटेल ने कहा ‘‘प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का कृषि क्षेत्र के विकास और किसानो की आय को दोगुना करने के विजन के अनुरूप आइस मेक ने पहले पोर्टेबल सौर ऊर्जा आधारित कोल्ड स्टोरेज रूम को इन-हाउस टेक्नोलॉजी, डिजाइन और क्षमता के साथ विकसित किया है जो ग्रामीण और अर्ध शहरी आवश्यकताओं के लिए आर्थिकरूप से अनुकूल है. सौर संचालित कोल्ड स्टोरेज रूम का शेल्फ लाइफ लगभग 7-10 साल है।

भारत सरकार अपनी योजना के तहत 40-50: सब्सिडी सोलर संचालित रेफेरीजेरेशन इकाई को देती है ताकि किसानो को यह शीत कक्ष सस्ती कीमत में मिले और उन्हें इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके जिससे किसान अपनी आय में 30 से 40: की बढ़ोतरी करने में सफल हो।

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