महाराष्ट्र

शीत सत्र की अवधि बढ़ाने, राज्यपाल से मिला विपक्ष

शीत सत्र की अवधि बढ़ाने, राज्यपाल से मिला विपक्ष

मुंबई- शीत सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को विपक्ष के एक शिष्टमंडल ने राजभवन जाकर राज्यपाल सी. विद्यासागर राव से मुलाकात की। विपक्ष ने सत्र की अवधि तीन सप्ताह बढ़ाने की मांग की है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल और विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे के नेतृत्व में राजभवन पहुंचे शिष्टमंडल में कांग्रेस और एनसीपी के कई नेता शामिल थे। विखे पाटिल ने बताया कि सोमवार से शुरू हुआ शीत सत्र में केवल नौ दिन का कामकाज निर्धारित किया गया है। यह समय विपक्ष को स्वीकार नहीं है। इससे जनता की समस्य़ाओं का हल नहीं निकलेगा। राज्यपाल इसमें हस्तक्षेप करें और सरकार को सत्र की अवधि बढ़ाने का निर्देश दें। राज्यपाल ने भरोसा दिलाया कि वे इस पर गौर करेंगे। उन्होंने सलाह दी कि विपक्ष होने के नाते वे भी सरकार से कामकाज सलाहकार की बैठक बुलाकर फैसला लेने की मांग करें।

मुंडे ने बताया कि राज्यपाल से शीत सत्र की अवधि तीन सप्ताह बढ़ाने की मांग की गई है। इतने कम समय में भीषण सूखे, मराठा, धनगर, मुस्लिम, लिंगायत आरक्षण, सिंचाई, कानून व्यवस्था, कुपोषण, बालमृत्यू, बिजली कटौती, राज्य की आर्थिक स्थिति, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दो पर चर्चा हो पाना संभव नहीं है। इसके अलावा कुल 20 विधेयकों पर चर्चा कैसे हो पाएगी। लिहाजा शीत सत्र का कामकाज तीन सप्ताह बढ़ाने का निर्देश सरकार को राज्यपाल दें। राज्यपाल से मुलाकात करने पहुंचे शिष्टमंडल में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, एनसीपी नेता अजित पवार, पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल, एनसीपी प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटिल, दिलीप वलसे-पाटिल, लोकभारती के कपिल पाटील सहित अधिकांश विपक्ष के विधायक शामिल थे।

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