महाराष्ट्र

क्या आपका घर तो नहीं है डेंगू के साए में ? 

क्या आपका घर तो नहीं है डेंगू के साए में ? 

पारुल पाण्डेय – मुंबई: इस उमसभरी गर्मी ने मुंबईकरों का हाल बेहाल कर दिया है, जिसके चलते मुंबईवासी बेसब्री से मानसून का इंतज़ार कर रहे हैं। अब कुछ ही दिन में मुंबई में मानसून पधारने वाला है ऐसे में मुंबईकरों पर बरसाती बिमारियों का खतरा मंडरा रहा है, जिसमें सबसे अधिक खतरा डेंगू का है। मुंबई महापालिका द्वारा हाल ही में किए गए सर्वेक्षण में अधिकारीयों को कुल 836 जगहों पर डेंगू मच्छर के लार्वा मिलें हैं। इतना ही नहीं मनपा ने अबतक 3600 से ज्यादा निवासी सोसायटियों को नो टीस भी भेजा है।

मनपा द्वारा की गई इस मुहीम पर अधिक जानकारी देते हुए मनपा के कीटकनाशक विभाग प्रमुख डॉ. राजन नारिंगेकर ने बताया कि डेंगू और मलेरिया दूर करने के लिए इनके लार्वा को पनपने से रोकना बेहद जरुरी है। इसलिए कर्मचारियों द्वारा प्रत्येक वार्ड में लार्वा की जाँच  करवाई जा रही है। मार्च महीने से शुरू की गई इस विशेष मुहीम को मई महीने तक चलाया गया। इस मुहीम के अंतर्गत तीन महीनों कुल 836 जगहों पर डेंगू के लार्वा पाए गए। यह जाँच रोज़ की जा रही है। साल 2018 की शुरुवात से अबतक कुल चार हजार से ज़्यादा डेंगू के लार्वा पनप चुके हैं। वहीं  मुंबई के इन सभी लार्वा वाले स्थान को खोज लिया गया है।

इन आंकडों से एक बात स्पष्ट है की मुंबईकर आज भी डेंगू जैसी बिमारी को गंभीरता से नहीं लेते। मनपा ने जनवरी महीने से अप्रैल महीने तक की अवधी में मुंबई के तक़रीबन पौने तीन लाख घरों की जाँच की है, जिसके तहत जिन स्थानों पर डेंगू के लार्वा पाए गए उन्हें नष्ट कर दिया गया।

मानसून में डेंगू और मलेरिया के मच्छर की उत्पत्ती बड़े पैमाने पाए होती है

इसका ध्यान रखते हुए मनपा ने मुंबईवासियों को सजग रखने के लिए बड़े पैमाने पर लोगों में जनजागृती करने की तैयारी कर ली है। इस बार मुंबई के कोने-कोने से डेंगू और मलेरिया के लार्वा नष्ट करने के लिए नए स्वयंसेवकों की मदद भी ली जाएगी। यह स्वयंसेवक मुंबई  के  विविध भागों में जाकर लोगों को डेंगू, मलेरिया और अन्य बरसाती बीमारीयों  की जानकारी देंगे।

 

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