महाराष्ट्र

मराठों को मिलेगा स्वतंत्र आरक्षण- सीएम फडणवीस

दिसंबर को खुशियां मनाने के लिए तैयार रहें मराठा— फड़नवीस

मुंबई- महायुति सरकार को ठग आफ महाराष्ट्र बतानेवाले विपक्ष को मुंख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास मुद्दे नहीं हैं, लिहाजा विपक्ष फिल्मी टाइटल का सराहा लेकर बचपना कर रहा है। विपक्ष को राजनीति से बाज आना चाहिए। यदि विपक्ष जनता का हित चाहता है तो यैसी टिप्पणियों से बचकर सरकार को सुझाव दे। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि मराठा समुदाय को स्वतंत्र आरक्षण दिया जाएगा।

राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसे। उन्होंने कहा कि विपक्ष वही मुद्दे उठा रहा है जो उनकी सरकार के कार्यकाल में समस्याएं निर्माण की गई है। हम विपक्ष के सारे सवालों का जवाब दे चुके हैं। फिर भी विपक्ष के हर सवालों का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को गंभीर होना चाहिए। जब मुद्दे नहीं हैं तो विपक्ष को फिल्मी टाइटल का सहारा लेना पड़ रहा है। यह उचित नहीं है। इसतरह की बचकाना हरकतें रोकी जानी चाहिए। समाज-समाज में तनाव निर्माण करने का प्रयास कुछ लोग कर रहे हैं, विपक्ष का गैर-जिम्मेदाराना बयान उनकों समर्थन देता है। विपक्ष न जाने क्यों सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मराठा समाज के आरक्षण संबंधी रिपोर्ट और सूखे पर अधिवेशन में चर्चा होगी। इसीतरह 20 विधेयक पेश किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मराठा समाज को एसई-बीसी के अंतर्गत स्वतंत्र आरक्षण दिया जाएगा। पिछड़ी जाति के आरक्षण को ठेस नहीं पहुंचाई जाएगी। राज्य पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट मंत्रिमंडल ने स्वीकार कर ली है। आयोग ने तीन सिफारिशें की हैं। मराठा समाज शैक्षणिक और सामाजिक स्तर पर पिछड़ा हुआ है। मराठा समुदाय का सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में प्रर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है। मराठा समाज को आरक्षण देने की सिफारिश की गई है। मंत्रिमंडल की उपसमिति आगे की संवैधानिक कार्यवाही पूरी करेगी। दोनों सदनों में रिपोर्ट पेश की जाएगी। सत्र समाप्त होने से पहले मराठा समाज को आरक्षण घोषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आरक्षण के लिए केंद्रीय पिछड़ा आयोग से अनुमति लेनी की जरूरत नहीं है। पचास प्रतिशत से अधिक आरक्षण दिया जा सकता है। धनगर समाज के आरक्षण के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि धनगर समाज के आरक्षण का मसला केंद्र सरकार के अधीन है। केंद्र सरकार को राज्य सरकार की ओर से सिफारिश भेजी जाएगी।

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में सूखे पर चर्चा की जाएगी। इस साल 74 प्रतिशत बारिश हुई है। केंद्र सरकार के दिशा- निर्देशों के आधार पर राज्य में सूखा घोषित किया गया है। विपक्ष राजनीति करने के बजाए सुझाव दे। उपाययोजना की जा रही है। जानबूझकर विपक्ष किसानों में भ्रम निर्माण न करे। सीएम ने बताया कि 50 लाख किसानों के कर्जमाफी दी गई है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वे अपनी सरकार में की गई कर्ज माफी की जानकारी दें। हमने जो कर्ज माफी दी है, उसमें सभी किसानों के नाम और पते उपलब्ध है। करीब 35 लाख 20 हजार बोंडअली किसानों को आर्थिक सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के मामले में महाराष्ट्र आज भी पहले पायदान पर है। आघाड़ी सरकार के 14 वर्ष के कार्यकाल में 3 लाख 14 हजार करोड़ रुपए का निवेश हुआ था। जबकि महायुति सरकार के 4 साल के कार्यकाल में 3 लाख 36 हजार करोड़ रुपए का निवेश राज्य में हुआ है।

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