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मंत्रीमंडलीय निर्णय

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शिमल——— मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य की वर्तमान जलविद्युत नीति में कुछ संशोधन करने को मंजूरी प्रदान करने का निर्णय लिया।

बैठक में राष्ट्रीय जलविद्युत नीति के प्रावधानों तथा हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती राज्यों उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के प्रावधानों के दृष्टिगत नई परियोजनाओं के आवंटन के लिए लागू होने वाली रॉयल्टी दरों को तर्कसंगत बनाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में पहले से आवंटित परियोजनाओं के मामले में पहले 12 वर्षों के लिए 12 प्रतिशत निःशुल्क विद्युत प्रदान की जाएगी। 10 मेगावाट तक क्षमता वाली जलवद्यित परियोजनाओं की ऊर्जा हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड द्वारा अनिवार्य रूप से खरीदने को मंजूरी दी गई।

25 मेगावाट तक की जलविद्युत परियेजनाओं के मामलों में लागू होने वाली जेनरिक टेरिफ समझौते के कार्यान्वयन की तिथि के स्थान पर परियोजना के शुरू होने की तिथि से लागू करने को भी मंजूरी प्रदान की गई।

25 मेगावाट तक की क्षमता वाली जलविद्युत परियोजनाओं में व्हीलिंग दरों/ ओपन एक्सेस दरों को लागू नहीं किया जाएगा ताकि वे राज्य से बाहर ऊर्जा को प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर बेचा जा सके।

इन सभी कदमों से लगभग 5100 मेगावाट क्षमता की 737 बाधित परियोजनाओं को शुरू किया जा सकेगा तथा उनके कार्यान्वयन में तेजी आएगी। 2200 मेगावाट क्षमता की 300 परियोजनाओं को आवंटित करना भी संभव होगा जिसके लिए पुरानी नीति के अंतर्गत बार-बार विज्ञापन देने के बावजूद कोई आगे नहीं आया था। इन सभी प्रयासों से आगामी 10 वर्षों में जलविद्युत क्षेत्र में 70 हजार करोड़ का निजी निवेश संभव होगा।

बैठक में शून्य लागत प्राकृतिक कृषि के माध्यम से किसानों की खेतों से आय बढ़ाने तथा कृषि लागत कम करने के लिए प्रदेश में ‘प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान’ योजना के कार्यान्वयन के दिशा-निर्देशों को मंजूरी प्रदान की गई। इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मंत्रिमंडल ने लूरी चरण-एक, दो तथा सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजनाओं की तर्ज पर स्पेशल पर्पज व्हीकल के स्थान पर स्टैंडअलोन, बूम आधार पर जिला हमीरपुर की ब्यास नदी पर 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना के कार्यान्वयन को एसजेवीएन लिमिटेड को आवंटित करने को मंजूरी प्रदान की।

विभिन्न सरकारी विभागों में 31 मार्च, 2018 तथा 30 सितंबर, 2018 को तीन साल का नियमित सेवाकाल पूर्ण करने वाले अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में विभिन्न विभागों में 31 मार्च, 2018 तथा 30 सितंबर, 2018 को पांच साल का निरंतर सेवाकाल पूर्ण करने वाले दैनिकभोगी/आकस्मिक भोगीकर्मियों को नियमित करने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक में जिला सिरमौर के नौहराधार में व्हाईट सीमेंट संयंत्र स्थापित करने के लिए 108 हेक्टेयर क्षेत्र पर माइनिंग लीज़ के लिए मैसर्ज एफ.सी.आई. अरावली जिप्सम ऐंड मिनरल्ज़ इंडिया लिमिटेड (भारत सरकार का उपक्रम), जोधपुर, राजस्थान को ‘लैटर ऑफ इनटेंट’ जारी करने को स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमंडल ने प्रदेश में विद्यार्थियों को विज्ञान विषय में रुचि लेने के लिए जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों के लिए ‘युवा विज्ञान पुरस्कार योजना’ को शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के अंतर्गत जमा दो की बोर्ड परीक्षाओं में विज्ञान संकाय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले 10 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

बैठक में जिला कांगड़ा के जवाली में शैक्षणिक संस्थान को संचालित करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 18 पदों सहित नया राजकीय कॉलेज खोलने को मंजूरी प्रदान की।

मंत्रिमंडल ने आवश्यक कर्मियों सहित जिला कांगड़ा के ग्राम पंचायत पटियालकर में नियमित पशु औषधालय खोलने का निर्णय लिया है।

बैठक में मुख्यमंत्री आरोग्य पशुधन योजना के अंतर्गत आवश्यक कर्मचारियों सहित ऊना जिले की थानाकलां तथा लठियाणी पशु औषधालयों को पशु चिकित्सालय में स्तरोन्नत करने को भी मंजूरी प्रदान की गई।

बैठक में कांगड़ा जिले की उपतहसील थुरल को आवश्यक स्टाफ सहित तहसील में स्तरोन्नत करने को भी मंजूरी प्रदान की गई।

मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश पीड़ित मुआवजा निधि (अपराध पीड़ित- मुआवजा) योजना, 2018 को मंजूरी प्रदान की।

बैठक में गृह रक्षक तथा नागरिक सुरक्षा विभाग में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों में से विभिन्न श्रेणियों के 6 पद भरने को भी मंजूरी प्रदान की गई।

बैठक में अनुबंध आधार पर जिला बिलासपुर के राजकीय डिग्री कॉलेज जुखाला में शारीरिक शिक्षा के असिस्टेंट प्रोफेसर का एक पद तथा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की राज्य न्यायालय प्रबंधन समिति में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) का एक पद सृजित करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमंडल ने दैनिक आधार पर हिमाचल प्रदेश सचिवालय में सफाई कर्मियों के 12 रिक्त पदों को भरने को मंजूरी प्रदान की।

बैठक में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों का त्याग करने वाली सहायक शहरी एवं ग्राम नियोजक स्व. श्रीमती शैल बाला को श्रद्धांजलि देते हुए जिला मंडी की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलद्वाड़ा का नाम श्रीमती शैल बाला राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलद्वाड़ा रखने का निर्णय लिया गया।

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