अन्य

महिलाओं को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए वचनबद्ध

Capture

शिमला ———- राज्य सरकार महिलाओं को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है ताकि वे राज्य के विकास में योगदान कर सकें।

मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर ने यह बात हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग तथा पुलिस अनुसंधान ब्यूरो द्वारा आयोजित 46वीं अखिल भारतीय पुलिस कांग्रेस की अध्यक्षता करते हुए कही।

श्री जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में उत्कृष्ट कानून एवं व्यवस्था सुनिश्चित बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार नशे की तस्करी व कारोबार करने वालों, विशेषकर इन गतिविधियों में संलिप्त युवाओं पर अंकुश लगाने पर विशेष बल देगी। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘गुड़िया हेल्पलाइन’ तथा ‘शक्ति बटन ऐप’ की शुरूआत की गई है। इन पहलों को शुरू करने का उद्देश्य महिलाओं को आपात की स्थिति में तुरन्त सहायता प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रभावी कानून एवं व्यवस्था सुनिश्चित बनाने के लिए राज्य सरकार आधुनिक तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित बनाने के प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस विभाग को सीसीटीएनएस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए श्रेष्ठ आंका गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की नित्यप्रति की कार्य प्रणाली में तकनीकी का अधिक से अधिक उपयोग करने तथा पुलिस की कार्यशैली को और बेहतर बनाने के लिए ‘लीक से परे’ की सोच को विकसित करना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने संचार के नए माध्यम के रूप में एक बड़ी क्रान्ति लाई है और कानून लागू करने वाली एजेंसियां विभिन्न पुलिस क्रियाकलापों में इसकी संभावना को नज़रअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने कहा हालांकि, सोशल मीडिया के बारे में पुलिस तथा नागरिकों की अलग-अलग अनुभव, सोच एवं प्राथमिकताएं हैं, लेकिन यह पुलिस तथा जनता के बीच खाई को पाटने में बहुत लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

श्री जय राम ठाकुर ने कहा कि आजकल क्रिप्टो अथवा वर्चुअल करंसी का प्रयोग हो रहा है और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को इसे पुरी तरह से समझना होगा और अपराधों में इसके दुरूपयोग को रोकने के लिए आवश्यक रूप से तंत्र विकसित करना होगा।

उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के अपराधों से निपटने तथा उनका समाधान करने के लिए सूचना-प्रौद्योगिकी की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस स्तर के सम्मेलन न केवल पुलिस के कौशल को बढ़ाने, बल्कि आम जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में भी मद्दगार होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषकर युवा पीढ़ी में नशाखोरी की लत चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा, हालांकि नशीले पदार्थों को जब्त करना इनकी आपूर्ति को रोकने का एक माध्यम है, लेकिन इस सामाजिक बुराई पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए इस प्रकार की फसलों की खेती को समाप्त करना एक बेहतर तरीका है।

उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए भांग, अफीम इत्यादि की अवैध फसलों को नष्ट करना रणनीति का मुख्य हिस्सा होना चाहिए।

श्री जय राम ठाकुर ने कहा कि लोगों को गुणात्मक सेवाएं प्रदान करने तथा अपराधमुक्त व सुरक्षित वातावरण को लेकर उनकी अपेक्षाओं को पुरा करने के लिए इन मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने की आवश्यकता है।

इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न जॉच व पुलिस सहायता उपकरणों पर लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।

पुलिस महानिदेशक श्री एस.आर. मरड़ी ने मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को श्रेष्ठ कानून व व्यवस्था उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने मुख्यमंत्री का राज्य पुलिस को सम्मेलन आयोजित करने के लिए हर सम्भव सहायता प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया।

महानिदेशक बी.आर.पी. एण्ड डी. श्री ए.पी. महेश्वरी ने भी इस अवसर सम्बोधित किया।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) श्री अनुराग गर्ग ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

शिक्षा व विधि मंत्री श्री सुरेश भारद्वाज तथा विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सम्मेलन में भाग लिया।

Leave a Comment