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आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, वाणिज्यकर का प्रस्तुतिकरण

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रायपुर—- राज्य शासन के मुख्य सचिव श्री अजय सिंह के समक्ष राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, वाणिज्यकर (पंजीयन) विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे कार्यो एवं उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण किया गया।

बैठक में राजस्व विभाग के सचिव श्री एन.के. खाखा ने बताया कि आपातकालीन स्थितियों की जानकारी प्राप्त करने एवं उनके प्रभावितों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नया रायपुर मंत्रालय राज्य इमरजेंसी ऑपरेशन सेन्टर की स्थापना की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है।

विभाग द्वारा अग्निशमन सेवाओं का संचालन गृह विभाग के सहयोग से किया जाता है। राज्य में नौ लाख 58 हजार सूखा प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण किया जा चुका है।

श्री खाखा ने बताया कि राज्य में मुख्य खनिजों से 15 रूपए प्रतिटन और गौण खनिजों से 7.50 रूपए प्रति टन रायल्टि के रूप में उपकर की वसूली की जाती है। प्राप्त राजस्व में से 50 प्रतिशत अद्योसंरचना निर्माण और 50 प्रतिशत पर्यावरण के विकास के लिए खर्च किया जाता है।

इस निधि को अद्योसंरचना एवं पर्यावरण विकास निधि के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में 421 करोड़ रूपए इस निधि में उपलब्ध है।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 1083 मसाहती गांव के सर्वे का कार्य किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने कहा है।

राज्य में 702 राजस्व निरीक्षक सर्किल निर्मित किए जाने है। इसके लिए जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने की प्रक्रिया चालू है। मुख्य सचिव ने यह कार्य भी समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए है।

मुख्य सचिव ने विभागीय रिक्त पदों भर्ती प्रक्रिया पदोन्नति प्रक्रिया की भी जानकारी दी।

पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के महानिरीक्षक श्री कार्तिकेय गोयल ने बताया कि विभाग द्वारा स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क के रूप में राजस्व की वसूली की जाती है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 में 1212 करोड़ और 2017-18 में 1198 करोड़ रूपए राजस्व की वसूली की गयी है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 1790 करोड़ रूपए राजस्व की वसूली का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में सचिव वाणिज्यकर श्री डी.डी. सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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