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छत्तीसगढ़ में बिजली 22 पैसे प्रति यूनिट हुई सस्ती, 10 सालों में पहली बार घटाई गईं दरें

छत्तीसगढ़ में बिजली 22 पैसे प्रति यूनिट हुई सस्ती, 10 सालों में पहली बार घटाई गईं दरें

रायपुर. चुनावी साल में सभी को खुश करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली की दरों में औसतन 22 पैसे प्रति यूनिट की कमी की है। यह कमी घरेलू, गैर घरेलू, औद्योगिक और अन्य सभी वर्ग के उपभोक्ताओं में बांटी गई है। यानी हर वर्ग के टैरिफ में कमी की गई है। उद्योगों से लेकर हाई वोल्टेज उपभोक्ताओं को भी राहत देने की कोशिश की गई है। नई दरें 1 अप्रैल 2018 से लागू होंगी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली की औसत दर (औसत लागत के आधार पर पावर कंपनी की दर) को 6.44 रुपए प्रति यूनिट से घटाकर 6.22 रुपए किया है। इससे बिजली कंपनी के राजस्व में 531 करोड़ रुपए की कमी आएगी

10 साल में पहली बार घटाई गई बिजली की दरें

– घरेलू उपभोक्ताओं के टैरिफ में चारों श्रेणी (0 से 40, 41 से 200, 201 से 600 और 600 यूनिट से ज्यादा खपत की दरें) मिलाकर औसतन 6.25 % की कमी की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विनियामक आयोग के सचिव पीएन सिंह ने सोमवार को नई दरों की घोषणा करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में पहली बार है जब बिजली की दरें बढ़ाने के बजाए घटाई गई हैं।

1000 यूनिट की खपत पर उपभोक्ता को 100 रुपए की बचत

– आम व्यक्ति यानी घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल लगभग सवा छह % कम आएगा। सामान्य रूप से समझा जाए तो माना जाएगा कि पिछले महीने तक एक हजार रुपए का बिल आता था, तो अप्रैल में बिजली बिल 62.5 रुपए कम आएगा।

– बिजली कंपनी ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए खपत यूनिट का अलग-अलग ग्रुप तय किया है। हर ग्रुप में टैरिफ कम हुआ है। जैसे 40 यूनिट तक टैरिफ 3.80 रुपए है। इसे अब 3.70 रुपए किया गया है। इसी तरह 41 से 200 यूनिट पर टैरिफ 3.90 रुपए था। इसे घटाकर 3.80 रुपए किया गया है।

– 201 से 600 यूनिट की दर 5.40 से घटाकर 5.30 और 600 यूनिट से ऊपर का टैरिफ 7.45 से घटाकर 7.35 रुपए किया गया है। कोई उपभोक्ता महीने में 1000 यूनिट की बिजली खपत करता है तो पहले उनका बिल 5906 रुपए आता था। यह अब 5806 रुपए आएगा।

पीक आवर्स में एनर्जी चार्ज 5% बढ़ाया
टाइम आफ डे टैरिफ (हाई वोल्टेज-2, 3, व 4 श्रेणी) में बदलाव किया गया है। पीक आ‌वर्स यानी शाम के समय बिजली की सामान्य दर का 120 % विद्युत प्रभार लागू किया गया है। यह पहले 115 % था। आफ पीक आवर्स टैरिफ में विद्युत प्रभार 90 % से घटाकर 75 % किया गया है।

निजी अस्पतालों और क्लिनिक को बिल में 5 % की छूट
– बिजली की नई दरें मेडिकल फील्ड से जुड़े लोगों के लिए भी राहत देने वाली हैं। इस बार तय किया गया है कि सरकारी अस्पतालों को छोड़कर निजी अस्पताल व क्लीनिक के बिजली बिलों में पांच % की छूट दी जाएगी। यानी किसी अस्पताल का बिल यदि एक लाख रुपए है तो उसका पांच % यानी पांच हजार रुपए कम हो जाएंगे।

निम्न दाब कृषि संबंधी कार्य के लिए 25 एचपी की नई श्रेणी बनाई गई है। निम्नदाब उद्योगों के लिए भी 100 से 150 एचपी का नया ग्रुप बनाया गया है। रोलिंग मिल के लिए लोड फैक्टर को 15% से बढ़ाकर 25% किया गया है। स्टील उद्योगों को 65% से अधिक लोड फैक्टर रखने पर ऊर्जा प्रभार में अधिकतम 15% की छूट दी जाएगी।

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