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फोरलेन परियोजना– समीक्षा बैठक आयोजित

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शिमला ————— निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने के अलावा राज्य में क्रियान्वित की जा रही फोर-लेन परियोजनाओं के निर्माण के दौरान वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए विशिष्ट सड़क सुरक्षा प्रावधानों की कड़ाई से पालना की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर ने यह बात हिमाचल प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की फोर-लेन परियोजनाओं के कार्यान्वयन को लेकर आज यहां सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के केन्द्रीय दल के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के कारण अपना व्यवसाय तथा आजीविका खोने वाले व्यक्तियों को समुचित मुआवजा प्रदान कर उन्हें उपयुक्त पुनर्वास सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए।

केन्द्र सरकार ने राज्य के लिए 69 राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत किए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य की कुल 3226 पंचायतों में से केवल 100 पंचायतें ही शेष है जिन्हें सड़कों से जोड़ा जाना है और इन पंचायतों को सड़क सुविधा प्रदान करने का कार्य प्रगति पर है और शीघ्र ही इन्हें सड़कों से जोड़ दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में एक मजबूत सड़क नेटवर्क पर्यटन क्षेत्र को विशेष तौर पर प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा कि सैलानियों तथा आम यात्रियों को लाभान्वित करने के लिए सभी प्रमुख फोर-लेन परियोजनाओं पर सड़क किनारे की सुविधाओं का सृजन किया जाएगा।

विभिन्न क्रियान्वयन एजेंसियों द्वारा पांच खण्डों में कार्यान्वित की जा रही किरतपुर-नेरचौक, कुल्लू-मनाली फोर-लेन परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू जिले के रायसन गांव के बाजार के साथ सड़क का निर्माण इस ढंग से किया जाना चाहिए ताकि भवनों तथा प्रस्तावित सड़क अथवा मार्गरेखा के बीच सुरक्षित दूरी हो।

उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की नीति के अनुरूप राष्ट्रीय राजमार्ग 21 पर केंची मोड़ से लरोल मार्ग के विस्तारीकरण के शेष बचे कार्य को पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस फोर-लेन परियोजना का पूरा स्ट्रैच वर्ष 2021 तक पूरा किया जाना है और इसका कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।

श्री जय राम ठाकुर ने कहा कि ढलानों के संरक्षण, सड़क संकेतों तथा नालियों इत्यादि के लिए उपयुक्त पर्यावरण संरक्षण उपायों को क्रियान्वित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए, जहां आवश्यक हो धूल मिट्टी को रोकने के उपाए भी अपनाए जाने चाहिए।

परवाणु-शिमला, सोलन-कैथलीघाट तथा शिमला बाईपास फोरलेन परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए क्रियान्वयन एजेंसियों को हर सम्भव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी इन परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के लिए मंत्रालय से हर सम्भव सहायता प्रदान कर रहें हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव मनीषा नन्दा, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, केन्द्रीय परिवहन सड़क एवं राजमार्ग मंत्री के निजी सचिव वैभव डांगे, केन्द्रीय भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त महानिदेशक बी.एन. सिंह, भूतल परिवहन मंत्रालय के मुख्य अभियन्ता टी.टी. नेगी, मण्डी, कुल्लू व कांगड़़ा के उपायुक्तों के अलावा राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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