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“पापा”———– 10 ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र कि योजना

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शिमला ———– विश्व पर्यावरण दिवस हमारे दैनिक जीवन में पर्यावरण की रक्षा करने तथा प्लास्टिक के उपयोग की गम्भीरता का एहसास करने तथा प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करने के लिये एक आह्वान है।

मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर ने मण्डी जिले के राजकीय पालिटेक्निक महाविद्यालय सुन्दरनगर में विश्व पर्यावरण दिवस-2018 के अवसर पर के लिए आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने राजकीय पॉलिटैक्निक सुन्दरनगर में 1.50 करोड़ रुपये के अतिथि गृह तथा 5.58 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मकैनिकल इंजीनियरिंग खण्ड भवन की आधारशिलाएं रखीं।

उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पृथ्वी की सुरक्षा के प्रति कुछ करने के लिए ‘लोगों का दिन’ है।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए विद्यार्थियों को आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य के 67.5 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में वन है, लेकिन अभी भी प्रभावी पर्यावरण संरक्षण के लिए काफी कुछ करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जहां प्लास्टिक के बैगों पर प्रतिबन्ध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को प्लास्टिक के बैग के स्थान पर जूट अथवा कागज के बने थैलों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिमला में पानी की समस्या प्रदूषण तथा कैचमेंट क्षेत्र व शिमला को पेयजल आपूर्ति करने वाली नदियों और जल स्त्रोतों में पानी की कमी के कारण उत्पन्न हुई है।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने के लिए अभिभावकों से प्लास्टिक बोतलों के स्थान पर अपने बच्चों को स्टील की बोतलें खरीदने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में थर्मोकोल की प्लेटों तथा ग्लासों पर प्रतिबन्ध लगाया जाएगा, क्योंकि ये प्रदूषण के मुख्य कारणों में हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में सार्वजनिक सभाओं के दौरान एक लीटर क्षमता से कम की पानी की प्लास्टिक बोतल पर प्रतिबन्ध लगाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कचरे के वैज्ञानिक प्रबन्धन के लिए राज्य के विभिन्न भागों में 10 ठोस कचरा प्रबन्धन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सुन्दरनगर तथा घुमारवीं शहरों के लिए पॉलिथीन शैडर मशीन प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि बद्दी, नालागढ़, परवाणु, कालाअम्ब, पांवटा साहिब, सुन्दरनगर, डमटाल तथा ऊना में 5 जून से पहली जुलाई, 2018 तक पौधरोपण पर विशेष बल दिया जाएगा, क्योंकि ये शहर राज्य के सर्वाधिक प्रदूषित शहर हैं।

उन्होंने राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज सुन्दरनगर में अथिति गृह तथा मकैनिकल इंजीनियरिंग खण्ड भवन के निर्माण की आधारशिला रखने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. आर.के. प्रूथी ने मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्यों का स्वागत करते हुए विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों का ब्यौरा दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री द्वारा ‘पापा’ का शुभारम्भ किया गया।

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी डॉ. साधना ठाकुर, द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर, बंजार के विधायक सुरेन्द्र शौरी, बल्ह के विधायक इन्द्र सिंह गांधी, पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के ओएसडी शिशु धर्मा, मण्डी के उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर, पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के निदेशक डी.सी.राणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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