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स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल हो RTI एक्ट

स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल हो RTI एक्ट

मुख्य सूचना आयुक्त यशपाल सिंघल को दिया 14 सूत्रीय ज्ञापन

RTI एक्ट के सेक्शन-चार के तहत राज्य सूचना अधिकारियों ने तमाम सूचनाओं को एक्ट लागू होने के चार माह के अंदर वेबसाइटों पर डालना था, मगर 12 वर्ष बीत जाने पर भी सूचनाओं के स्वत: प्रकटीकरण का यह कार्य नहीं किया गया।

Chandigarh/Alive News : 12 वर्ष में पहली बार राज्य सूचना आयोग के यहां आरटीआइ एक्टिविस्टों ने अपनी को लेकर दस्तक दी है। आरटीआई एक्टिविस्टों के संगठन जन अभियान मंच के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्य सूचना आयुक्त यशपाल सिंघल को 14 सूत्री ज्ञापन देकर आरटीआई एक्ट को प्रभावी तरीके से लागू कराने की मांग की है।

मंच ने मांग की है कि सूचना आयोग में 50 फीसद पद आरटीआई कार्यकर्ताओं के लिए सुरक्षित होने चाहिए और आरटीआई एक्ट को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। मंच के अध्यक्ष पीपी कपूर ने कहा कि आरटीआई एक्ट को लागू हुए 12 वर्ष बीत गए लेकिन सरकारों की राजनीतिक इच्छा शक्ति के अभाव में इसे मजबूत ढंग से लागू नहीं किया गया है।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल आरटीआइ एक्टिविस्ट राकेश बैंस, एडवोकेट पवन आर्य, एडवोकेट संजीव यादव, सतपाल पंवार, अजय, भूपेंद्र शर्मा, महेंद्र चावला और अखिलेश ने बताया कि निर्धारित 30 दिन में सूचना नहीं दी जाती और न ही राज्य सूचना आयोग दोषी अधिकारियों को उम्मीद के मुताबिक दंडित करता।

पीपी कपूर ने कहा कि आरटीआई एक्ट के सेक्शन-चार के तहत राज्य सूचना अधिकारियों ने तमाम सूचनाओं को एक्ट लागू होने के चार माह के अंदर वेबसाइटों पर डालना था, मगर 12 वर्ष बीत जाने पर भी सूचनाओं के स्वत: प्रकटीकरण का यह कार्य नहीं किया गया। आरटीआइ एक्टिविस्ट अपनी जान जोखिम में डालकर धांधलियों को उजागर कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी जाती।

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