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स्पीड पर लगाम नहीं, यहां सात महीने में गई 29 लोगों की जान

स्पीड पर लगाम नहीं, यहां सात महीने में गई 29 लोगों की जान

रायपुर। नया रायपुर इलाके की सूनी सड़कों पर हाई स्पीड का जुनून इस कदर हावी है कि पिछले सात महीने में 29 लोगों की सड़क हादसे में जान चली गई। इनमें 20 युवा तो ऐसे हैं, जो खुद स्पीड से बाइक चलाते हुए हादसे के शिकार हुए हैं। बाकी दूसरे वाहनों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे।

नया रायपुर की चमचमाती सड़कों पर हाई स्पीड नया ट्रेंड सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण बन गया है। हादसे में मरने वालों में आधे से ज्यादा नाबालिग और युवा हैं। सभी हादसों में सिर में लगी चोट मौत की वजह बनी। बावजूद इसके पुलिस हाई स्पीड वाहनों पर लगाम कसने कोई उपाए नहीं कर पा रही है और न ही बिना हेलमेट पहनकर दोपहिया चलाने वालों पर सख्ती बरती जा रही है।

पुलिस की इसी लापरवाही से हाई स्पीड का शौक युवाओं में बढ़ता जा रहा है। पिछले दिनों नया रायपुर में जहां बाइक सवार तीन छात्रों की मौत हो गई थी, वहीं सोमवार सुबह भी एक छात्र हादसे का शिकार हो गया।

पुलिस की फाइल में दर्ज आंकड़ों पर गौर करे तो पिछले सात महीने में नया रायपुर इलाके के मंदिर हसौद और राखी थानाक्षेत्र में 86 एक्सीडेंट हुए है। इनमें 29 लोगों की मौत हुई, जबकि 86 लोग घायल हुए। सबसे ज्यादा मौतें बिना हेलमेट तेज रफ्तार में दोपहिया चलाने के कारण हुई हैं।

स्टंटबाजी और रेसिंग का खेल घातक

नया रायपुर में बाइकर्स के साथ-साथ कार स्टंट का ट्रेंड चल रहा है। युवा तेज रफ्तार में वाहन चलाकर एंजॉय करते देखे जाते हैं। पुलिस की इलाके में मॉनिटरिंग नहीं होने से कोई उन्हें टोकने वाला भी नहीं होता है। ऐसे में आए दिन हादसे होते रहते हैं

रेसिंग के घातक खेल बढ़ने से हादसे में लगातार इजाफा हो रहा है। अंधेरा होने के बाद सूनी सड़क पर बाइक पर सवार कॉलेज छात्र, बाइकर्स गैंग एक दूसरे से शर्त लगाकर रेस लगा रहे हैं। बावजूद इसके पुलिस न हेलमेट पर सख्ती कर रही है और न ही दोपहिया चालकों की लाइसेंस की जांच कर पा रही है।

नहीं पहना था हेलमेट इसलिए

नया रायपुर की सड़कों पर हादसों में मरने वालों में 80 फीसद युवाओं ने हेलमेट नहीं पहना था। सिर में गंभीर चोट लगने की वजह ही उनके मौत का कारण बनी।

नशे में गाड़ी चलाना भी वजह

नशे की हालत में गाड़ी चलाना प्रतिबंधित है। इसके बाद भी लोग शराब के नशे में गाड़ी चलाते हैं। इस साल 11 से ज्यादा लोगों की मौत नशे के कारण हुई है। नशे की वजह से ही हिट एंड रन की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। अकेले राजधानी में हिट एंड रन की 44 घटनाएं हुई हैं। इसमें 48 लोगों की मौत हुई है, जबकि खुद की लापरवाही से 12 लोगों ने जान गंवा दी। जबकि सड़क पर बैठे मवेशियों से टकराने से पांच लोगों ने दम तोड़ा।

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