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कचरा मुक्त शहरों के स्टार रेटिंग—छत्तीसगढ़ और ओडिशा की संयुक्त कार्यशाला

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रायपुर—————स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कचरा मुक्त शहरों के निर्माण के लिए स्टार रेटिंग प्रोटोकॉल को लेकर छत्तीसगढ़ और ओड़िसा राज्य की संयुक्त कार्यशाला का शुभारंभ नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने किया। कार्यशाला में दोनों राज्यों के नगरीय निकायों के अध्यक्षों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

केन्द्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सहयोग से क्षमता विकास के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया।

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री बी.के. जिंदल, ओडिषा के अतिरिक्त मिशन संचालक श्री कल्याण कुमार रथ एवं सचिव नगरीय प्रशासन डॉ. रोहित यादव भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अग्रवाल ने मिशन क्लीन सिटी योजना के अंतर्गत बेहतरीन कार्यों के लिए विभिन्न नगरीय निकायों की 7 महिला स्व सहायता समूहों सहित स्वयंसेवी संस्था ‘पाईव्ह एम आर्मी’ और ‘बंच ऑफ फूल्स’ को सम्मानित किया। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जनजागरूकता के लिए प्रकाशित पुस्तिका ‘स्वच्छता दीदी’ का विमोचन भी किया।

श्री अग्रवाल ने स्वच्छता के बारे में लोगों में जागरूकता लाने के लिए छोटे भीम किरदार को लेकर तैयार की गई लघु फिल्म ‘लगे रहो’ का लोकार्पण भी किया। नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अग्रवाल ने रायपुर नगर के 30 वार्डों के हर घर से कचरा उठाने और परिवहन लिए 71 वाहनों की चाभी सौंपते हुए उन्हें हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

श्री अग्रवाल ने सालिड वेस्ट मैनेजमेन्ट के अंतर्गत कचरों के विभिन्न इस्तेमाल को लेकर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसकी सराहना भी की।

श्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री की घोषणा के दो साल पहले राज्य के सभी 168 नगरीय निकायों के ओडीएफ हो जाने पर खुशी जाहिर करते हुए निकायों के अध्यक्षों और पार्षदों सहित शहर की जनता को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि राज्य के साफ-सफाई का अम्बिकापुर मॉडल ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश में काफी लोकप्रिय हुई है। महिला समूहों के जरिए शहर को साफ करने का यह नया प्रयोग काफी सफल हुआ है। अम्बिकापुर मॉडल को पूरे राज्य के शहरी इलाकों में लागू कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि लगभग 9 हजार महिलाओं की रोजी-रोटी का साधन यह अभियान बना हुआ है। मंत्री ने कहा कि कचरा के उपयोग से निकायों को अब आमदनी भी होने लगी है।

उन्होंने बताया कि पिछले साल सूखे कचरे से लगभग साढ़े 8 करोड़ और गीले कचरे से ढाई करोड़ की आमदनी निकायों को हुई है।

उन्होंने उम्मीद जताई के साल भर के भीतर सभी निकाय कचरा प्रबंधन के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएंगे। कचरा उन्हें बोझ नहीं बल्कि उनकी आमदनी के एक साधन साबित होंगे।

मुख्य सचिव श्री अजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता संबंधी आह्वान छत्तीसगढ़ राज्य की शहरी जनता ने उत्साह के साथ लिया । जिसके कारण समय से पहले ओडीफ बनाने मेें उनका सहयोग और सफलता मिला। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति लोगों की मानसिकता में अभी और बदलाव लाने की जरूरत है।

हम देखते हैं कि लोग अपने घर के भीतर की साफ-सफाई के प्रति तो काफी सजग होते हैं। लेकिन इतनी सजगता अपने आस-पास के प्रति नहीं दिखाई देती। उन्होंने कहा कि स्वच्छता संबंधी अधोसंरचना के काफी काम पिछले दो-तीन साल में हुए हैं।

केन्द्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री बी.के जिन्दल ने बताया कि देश के 4500 शहरों में से 2100 शहर ओडीएफ हो चुके हैं। प्रधानमंत्री ने 2 अक्टूबर 2019 तक इन सभी शहरों को ओडीएफ बनाने का लक्ष्य दिया है।

उन्होंने बताया कि शहर के निकलने वाले कचरे में से केवल 28 प्रतिशत का अभी रियूज हो पा रहा है। हमें शत-प्रतिशत कचरे को रियूज कर निकायों की आमदनी का स्रोत बनाना है।

नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव श्री रोहित यादव ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने स्टार रेटिंग योजना के बारे में बताया कि इससे निकायों और लोगों में आपसी प्रतिस्पर्धा होगी और अपना स्तर सुधारने के लिए वे प्रयासरत होंगे।

नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक श्री निरंजन दास ने आभार प्रदर्शन किया।

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