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सिटी बस सेवा–100 बसों के लिए कार्य आदेश जारी

चण्डीगढ़———– सिटी बस सेवा को मजबूत करने के दृष्टिगत हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम में सिटी बस सर्विस परियोजना के तहत 500 सिटी बसों का एक बेड़ा बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए 100 बसों के लिए कार्य आदेश जारी किए जा चुके हैं और इस वर्ष 15 अगस्त तक 25 बसों का शहर में संचालन आरम्भ हो जाएगा।

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज गुरुग्राम में विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने के लिए आयोजित एक बैठक में यह जानकारी दी गई। गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) द्वारा इन बसों का संचालन किया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि अगले चरण में गुरुग्राम में 100 सीएनजी बसें शुरू करने की प्रक्रिया की भी पहल की गई है। इसके अतिरिक्त, जीएमसीबीएल ने गुरुग्राम के लिए 100 इलेक्ट्रिक बसों की भी स्वीकृति प्रदान की है और इसके लिए जून के अंत तक टेंडर निकाल दिए जाएंगे।

बैठक में यह भी बताया गया कि सिटी बसों के यात्रियों को बसों में चढाने और और उतारने के लिए 453 बस क्यू शैल्टर्स का निर्माण किया जाना है। इनमें से 125 बस क्यू शैल्टर्स का निर्माण नगर निगम गुरुग्राम द्वारा और 328 बस क्यू शैल्टर्स का निर्माण गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है।

जीएमडीए द्वारा 50 और एमसीजी द्वारा लगभग 80 बस क्यू शैल्टर्स का निर्माण पूरा किया गया है और शेष ऐसे शैल्टरों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

बैठक में यह भी बताया गया कि फरीदाबाद में सिटी बस सर्विस के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप दिया गया है। पहले चरण में 90 बसों को सेवा में लगाया जाएगा, जिसमें 40 सेमी लोअर फलोर सीएनजी वातानुकूलित बसें और 50 सेमी लोअर फलोर सीएनजी गैर-वातानुकूलित बसों शामिल हैं। इसी प्रकार, दूसरे और तीसरे चरण में 100-100 बसें चलाई जाएंगी।

करनाल में सिटी बस सेवा पहले ही शुरू की जा चुकी है, जिसके तहत तीन एसी और तीन नॉन-एसी सहित छ: बसें संचालित हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी चालू कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश में किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की स्वयं समीक्षा करने के लिए नियमित बैठकों का आयोजन करेंगे।

साइंस सिटी परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने एक महीने के भीतर परियोजना के लिए स्थल को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए ताकि इन्हें स्वीकृति के लिए केन्द्र को भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में 14,000 तालाबों के जीर्णोंद्धार के लिए तालाब प्रबन्धन प्राधिकरण का गठन किया है।

उन्होंने कहा कि सिंचाई जल संसाधन विभाग इस कार्य के लिए नोडल विभाग है। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर ओवर फ्लो तालाबों की पहचान करने के निर्देश दिए ताकि तालाबों में से बह रह अत्यधिक पानी का सिंचाई कार्यों के लिए उपयोग किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सबके लिए घर एक बड़ी परियोजना है और सम्बन्धित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने हेतु प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए कि इस योजना के सभी लाभपात्रों को योजना का लाभ मिले।

उन्होंने राजीव कालोनी निवासियों और माजरी चौंक के आस-पास के मलीन बस्तियों में रहने वाले व्यक्तियों को मकान सुविधा प्रदान करने के लिए एक योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।

शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा संचालित सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश में सभी के लिए घर योजना के तहत 3.59 लाख पात्र लाभपात्रों की पहचान की गई है, जिसमें शहरी क्षेत्रों के 3.06 लाख और मलीन क्षेत्रों के 53,000 लाभपात्र शामिल हैं।

बैठक में यह भी बताया गया कि बरसाती मौसम के दौरान अत्यधिक बहने वाले पानी का दोहन करने के लिए शिवालिक फुटहिल्स में कुल 12 चैक डैम का निर्माण किया जाना है। इनमें से छ: डैमों का निर्माण अग्रिम स्तर में हैं।

शेष डैम के लिए सिंचाई और जल संसाधन विभाग अपर यमुना रीवर बोर्ड से एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया में है।

बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में 50 झीलों की स्थापना करने के राज्य सरकार के फैसले के अनुसार एजेंसी इसकी फिजीबिलिटी का अध्ययन कर 15 अगस्त, 2018 तक अपनी रिपोर्ट देगी। इसके उपरांत निविदाएं आबंटन का कार्य आरम्भ हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, विभाग ने सोनीपत और पलवल के जल निकायों सहित 15 जल निकायों की पहचान भी की है तथा इन्हें इस मानसून मौसम के दौरान पानी से भरा जाएगा।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्रीमती कविता जैन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी राज्य मंत्री डा० बनवारी लाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर और विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठï अधिकारी भी उपस्थित थे।

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