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नेपाल में PM मोदी, ‘बिमस्टेक’ समिट में होंगे शामिल; आतंकवाद के मुद्दे पर होगी बातचीत

नेपाल में PM मोदी, ‘बिमस्टेक’ समिट में होंगे शामिल; आतंकवाद के मुद्दे पर होगी बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर नेपाल पहुंचे हैं। वे यहां होने वाले 14वीं बिमस्टेक समिट में शामिल होंगे। यह सम्मेलन नेपाल के काठमांडू में आयोजित किया जा रहा है। पीएम मोदी बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (बिमस्टेक) की बैठक में तमाम मुद्दों पर बात करेंगे। इस समिट में आतंकवाद, सुरक्षा के विविध आयाम, ड्रग्स तस्करी, साइबर क्राइम, कारोबार समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, आपसी सहयोग मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा।

– ‘बिम्सटेक’ सम्मेलन में हिस्सा लेने काठमांडू पहुंचे पीएम नरेन्द्र मोदी। रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल ने पीएम मोदी का स्वागत किया।

आतंकवाद समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा

बिमस्टेक सात देशों का समूह है, जिसके सदस्य देश- भारत, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड हैं। इस समिट को लेकर विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि यह तमाम सदस्य देशों के लिए काफी महत्वपूर्ण समिट है। इस बार आतंकवाद सहित आतंकी संगठनों के नेटवर्क को किस तरह से खत्म किया जाए, इसपर चर्चा होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंक को पनाह देने वाले देशों की जवाबदेही तय करने के साथ उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जरूरत है।

पीएम ने यात्रा को लेकर कहा

मोदी ने कहा, ‘ मैं नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ बैठक को आशान्वित हूं। इस दौरान मई 2018 में अपनी नेपाल यात्रा के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्ष करूंगा।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ओली और उन्हें पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में नेपाल भारत मैत्री धर्मशाला का उद्घाटन का अवसर मिलेगा।

बिम्सेटक से इतर इन नेताओं से मिलेंगे PM मोदी

बिम्स्टेक समिट के इतर प्रधानमंत्री मोदी बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, भूटान और थाईलैंड के नेताओं से मुलाकात करेंगे। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से पीएम मोदी मुलाकात आज निर्धारित की गई है। नेपाल रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं अपने क्षेत्रीय सहयोग को और अधिक समृद्ध बनाने, हमारे व्यापार संबंधों को बढ़ाने और बंगाल क्षेत्र की एक शांतिपूर्ण और समृद्ध खाड़ी बनाने के लिए अपने सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए बिम्सटेक के सभी नेताओं के साथ बातचीत करूंगा।’

गोवा में हुआ था पिछला बिम्सटेक

पिछला बिम्सटेक समिट 2016 में गोवा में हुआ था। उस दौरान भी आतंकवाद से मुकाबले पर विचार-विमर्श हुआ था। 2016 की बैठक में जोर दिया गया था कि आतंकी गतिविधियों को किसी भी तरह से जायजा नहीं ठहराया जा सकता है। पिछली बैठक में बिम्सटेक नेताओं ने आतंकवाद की निंदा करते हुए कहा था कि आतंकियों,आतंकवादी संगठनों और आतंकी नेटवर्क के खात्मे और उन्हें प्रोत्साहन, समर्थन, वित्तीय सहयोग व सुरक्षित पनाह देने वाले देशों की जवाबदेही तय करने और उनके खिलाफ कठोर कदम उठाने की जरूरत है।

31 अगस्त को होगा समापन

ये बैठक 30 अगस्त यानी आज से शुरू हो रही है, जिसमें समूह के नेता संयुक्त बैठक करेंगे। आज दोपहर में पूर्ण सत्र होगा। वहीं, रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं रात्रि भोज होगा। जबकि 31 अगस्त को सदस्य देशों के नेताओं की मुलाकात और बैठकें होंगी। दोपहर बाद बिम्सटेक का समापन सत्र होगा।

क्या है बिम्सटेक?

बिम्सटेक (BIMSTEC) यानी बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग उपक्रम।
यह बंगाल की खाड़ी से तटवर्ती या समीपी देशों का एक अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग संगठन है।
इसकी स्थापना वर्ष 1997 में हुई।
बिम्सटेक में सात देश-बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाइलैंड शामिल हैं।
शामिल देशों की कुल आबादी 1.5 अरब है, लेकिन दुनिया के लिहाज से देखें तो यह 21 प्रतिशत है।
इस समूह में शामिल देशों की कुल जीडीपी 2500 अरब डॉलर है।
पीएम मोदी की चौथी नेपाल यात्रा

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी की यह चौथी नेपाल यात्रा है। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद ही नरेंद्र मोदी नेपाल गए थे, इससे पहले 17 साल तक कोई प्रधानमंत्री नेपाल नहीं गया था।

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