राजस्थान

भास्कर इन्वेस्टिगेशन पार्ट-2: आठ साल में 30 बड़े एग्जाम्स में नकल, पांच गैंग एक्टिव

भास्कर इन्वेस्टिगेशन पार्ट-2: आठ साल में 30 बड़े एग्जाम्स में नकल, पांच गैंग एक्टिव

जयपुर. आठ साल में 250 से ज्यादा एग्जाम्स…। सत्तर लाख से ज्यादा आवेदन…। लेकिन तीस से ज्यादा बड़ी एग्जाम्स में बड़े स्तर तक नकल के खुलासे। यह राज्य के ईमानदार कैंडिडेट्स के सब्र का इम्तिहान ही तो है…। जिस-जिस एग्जाम के लिए वे आवेदन भरते हैं, वहां नकलबाज़ पहुंच ही जाते हैं। हर बार नए हाईटेक तरीकों के साथ। आरपीएससी, पुलिस, पंचायती राज से जुड़ी ऐसी कोई एग्जाम हीं…जिसे नकल माफिया की नज़र न लगी हो। नकल कराने, पेपर लीक करने के मामले में आरपीएससी के एक तत्कालीन चेयरमैन और जिला जज तक का नाम भी सामने आ चुका है। नकल गिरोह के काम करने के तरीकों से तो एसओजी तक हैरान है। एसओजी के अनुसार अकेले पश्चिम राजस्थान में नकल कराने वाले 30 से ज्यादा लोग सक्रिय है। ये सरकारी सेवाओं तक में हैं। गिरोहों ने बाकायदा कैटेगरी बनाकर कैंडिडेट्स ढूंढने, एग्जामिनर्स को खरीदने और एक्सपर्ट्स को तैयार करने जैसे काम बांट रखे हैं।

जानिए पिछले 8 सालों में किस तरह नकलबाजों ने एग्जाम्स की प्रतिष्ठा गिराई

#वो गिरोह और सरगना जिनकी हर परीक्षा पर नज़र…

1) पर्चा लीक: एग्जाम से ठीक पहले प्रिंटिग प्रेस से पेपर आउट

सरगना: अमृतलाल

– 2014 में आरएएस का पेपर प्रिंटिग प्रेस से ही लीक किया था। अभी सरकारी कॉलेज में लेक्चरर है। केस चल रहा है। गिरोह जालोर और करौली में सक्रिय।

2) ब्लूटूथ: एग्जामिनर से सांठगांठ, परीक्षा से पहले पेपर वॉट्सऐप पर

सरगना:रामधारी उर्फ बाबा
– ब्लूटूथ गिरोह से जुड़े बदमाश एग्जामिनर तक को शामिर कर लेते हैं। एग्जामिनर वॉट्सऐप से पेपर भेज देते थे।

3) फर्जी कैंडिडेट:ये सरकारी नौकर पैसों के लिए बिक जाते हैं

सरगना:जगदीश विश्नोई.

– मुख्यत: पश्चिम राजस्थान से यह गिरोह ऑपरेट होता है। इस गिरोह से जुड़े नकलबाज सरकारी सेवाओं में अच्छे पदों पर हैं। पैसों के लिए फर्जी कैंडिडेट बन जाते हैं।

4) कंप्यूटर रिमोट: सिस्टम हैक

सरगना:विकास कुमार

– कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में यह गिरोह सामने आया। कैंडिडेट का कंप्यूटर रिमोट एक्सेस पर लेकर दूर बैठे एक्सपर्ट पेपर को सॉल्व कर देते हैं।

5) क्लोन: बायोमीट्रिक को धोखा

सरगना:नरेश सिनसिनवार
– थम्बप्रिंट का क्लोन बनाकर कैंडिडेट्स की जगह एक्सपर्ट से परीक्षा दिलवाई। इसका गिरोह भरतपुर में सक्रिय है। और भी साथियों की तलाश है।

#इनमें जगदीश विश्नोई सबसे कुख्यात

– जालोर का जगदीश विश्नोई राज्य में नकल का सबसे बड़ा मास्टरमाइंड माना जाता है। आरोप है कि अकेले जगदीश और उसके गैंग ने इन छह भर्तियों : वरिष्ठ शिक्षक भर्ती (2013), द्वितीय श्रेणी शिक्षक (2012), पटवारी भर्ती (2011), ग्राम सेवक (2011), बीएसटीसी (2010) और जूनियर अकाउंटेंट (2011) में बड़े पैमाने पर नकल कराई। कहीं फर्जी कैंडिडेट तो कहीं ब्लूटूथ के जरिए कैंडिडेट्स को पास कराया। जगदीश पांच मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। अन्य कई मामलों में उसके तार जुड़े होने की आशंका है।

#RPSC के तत्कालीन चेयरमैन पर केस, एक जिला जज तो गिरफ्तार

– बेटी के लिए आरजेएस भर्ती का पेपर लीक करने के मामले में खुद तत्कालीन आरपीएससी चेयरमैन हबीब खां के खिलाफ एसओजी ने केस दर्ज किया था। वहीं लिपिक भर्ती मामले में अजमेर के तत्कालीन जिला जज अजय शारदा को गिरफ्तार किया था।

#पिछले 8 साल में इन एग्जाम्स में हुई नकल

– आरएएस प्री एग्जाम-2013

– पटवारी भर्ती एग्जाम-2013
– स्कूल लेक्चरर -2015
– जेल प्रहरी एग्जाम-2015
– विद्यालय सहायक भर्ती -2015
– ग्राम सेवक भर्ती-2016
– सैकंड ग्रेड शिक्षक -2013, 2016

– कॉन्स्टेबल भर्ती एग्जाम 2013

– रीट-2017
– जूनियर अकाउंटेंट एग्जाम-2015
– एलडीसी भर्ती एग्जाम-2012
– ग्राम सेवक भर्ती एग्जाम-2011
– बीएसटीसी एग्जाम-2010
– एपीपी भर्ती एग्जाम-2011

– एमबीबीएस प्री एग्जाम

– आरजेएस भर्ती एग्जाम
– पोस्टमैन भर्ती एग्जाम
– हाल ही हुई कॉन्स्टेबल आॅनलाइन भर्ती-2018। इन सभी भर्तियों सहित छोटी-बड़ी कुल 30 भर्तियों में नकल के केस सामने आए हैं।

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