राजस्थान

कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा रद्द: नकल गिरोहों के आगे बेबसी, अब ऑफलाइन कराने की तैयारी मे

कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा रद्द: नकल गिरोहों के आगे बेबसी, अब ऑफलाइन कराने की तैयारी मे

जयपुर. नकल गिरोहों के हाईटेक तरीकों के आगे बेबस नजर आए पुलिस मुख्यालय ने कॉन्स्टेबल भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा को रद्द करने का फैसला ले लिया। मंगलवार को डीजीपी ओपी गल्होत्रा ने पुलिस मुख्यालय में पुलिस संस्थापन बोर्ड की बैठक बुलाई। इसमें इस भर्ती परीक्षा को रद्द का निर्णय हुआ। अब यह परीक्षा ऑफलाइन कराने की तैयारी है। एसओजी ने खुलासा किया था कि नकल गिरोह कम्प्यूटर हैक कर परीक्षा केंद्रों के बाहर बैठकर हरियाणा जैसी जगहों से पेपर हल करा रहे थे। थम्बप्रिंट का क्लोन बनाकर फर्जी परीक्षार्थी से पेपर दिलाने के मामले भी पकड़े थे। अब तक 37 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 10 आपराधिक मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।

परीक्षा नए सिरे से कराई जाएगी

पुलिस मुख्यालय ने कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए एपटेक कंपनी को टेंडर दिया था। इसके बाद मेपल इंफोटेक कंपनी ने एपटेक को परीक्षा सेंटर उपलब्ध कराकर परीक्षा आयोजन के लिए आधारभूत सुविधाएं दी। डीजीपी ओपी गल्होत्रा ने बताया कि एपटेक कंपनी की भूमिका की भी एसओजी जांच कर रही है। परीक्षा नए सिरे से कराई जाएगी। 5,390 पदों के साथ ही बजट में हुई 15,291 पदों पर कॉन्स्टेबल भर्ती की घोषणा के लिए भी परीक्षा होगी।

बड़ा सवाल : 16 लाख ने आवेदन किया, अब परीक्षा कब होगी?

इस ऑनलाइन परीक्षा में 16 लाख अभ्यर्थी शामिल होने थे। अभी परीक्षा की नई तिथि घोषित नहीं की गई है। यह भी तय नहीं कि इसे ऑफलाइन कराया जाएगा या ऑनलाइन।

5390 पदों की परीक्षा करवा नहीं पाए, 20681 पदों पर भर्ती करवा पाएंगे?

नौकरी की आस लगाए लाखों बरेोजगार युवाओं को अब कॉन्स्टेबल बनने के लिए 7 माह का और इंतजार करना पड़ेगा। हैकिंग कर अभ्यर्थियों के पेपर हल करने व थम्बप्रिंट क्लोनिंग से फर्जी अभ्यर्थियों के परीक्षा देने के मामले सामने आने के बाद 5,390 पदों पर हो रही ऑनलाइन कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2017 आखिरकार मंगलवार को रद्द कर दी गई। अब विभाग इन पदों पर परीक्षा के साथ बजट में घोषित 15,291 पदों पर भी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा करवाएगा। इन सबके बीच बड़ा सवाल वही है, 5,390 पदों पर परीक्षा कराने में नाकाम रहा विभाग क्या महज 7 माह में 20,681 पदों के लिए भर्ती परीक्षा सफल तरीके से करवा पाएगा। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतने पदों पर गड़बड़ी न हो, इसके लिए परीक्षा ऑफलाइन कराने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान राजस्थान में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। ऐसे हुआ था खुलासा : 11 मार्च की रात एसओजी को सूचना मिली थी कि मालवीयनगर स्थित सरस्वती इंफोटेक के संचालक विकास, कपिल व मुख्तार गड़बड़ी कर रहे हैं। पुलिस मुख्यालय हैडक्वार्टर आईजी संजीब कुमार नार्जरी सेंटर पर पहुंचकर संचालकाें व अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो हाईटेक नकल का गिरोह सामने आ गया। एसओजी व पुलिस अब तक 37 जनों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा आरोपी फरार हैं। एसओजी और पुलिस अब भी उनकी तलाश में जुटी है।

हकीकत : 45 दिन की परीक्षा, 11 दिन बाद ही रद्द करनी पड़ी

पहली बार ऑनलाइन कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 7 मार्च से जयपुर, अलवर, अजमेर, बीकानेर, झुंझुनूं, जोधपुर, कोटा, सीकर, गंगानगर व उदयपुर में 34 परीक्षा सेंटरों पर शुरू हुई थी। 11 मार्च को हैकिंग का पहला मामला सामने आने के बाद कई जगह नकल के खुलासे हुए। अजमेर व कोटा में भी केस सामने आए। ऐसे में परीक्षा शुरू होने के 9 दिन बाद ही 17 मार्च को परीक्षा को स्थगित करनी पड़ी और 11 दिन बाद अब रद्द कर दी गई, जबकि परीक्षा 45 दिन तक चलनी थी।

दावा : डीजीपी बोले, अक्टूबर में 20 हजार कॉन्स्टेबल मिल जाएंगे

विभाग की मानें तो जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किए थे, उन अभ्यर्थियों को आवेदन करने की अब जरूरत नहीं पड़ेगी जबकि जो अभ्यर्थी पहली बार परीक्षा के लिए आवेदन करेंगे, उन अभ्यर्थियों के ही आवेदन लिए जाएंगे। दोबारा परीक्षा कराने के लिए अगले माह यानी अप्रैल से प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। संभवत: अक्टूबर तक परीक्षा हो जाएगी। डीजीपी ओपी गल्होत्रा का दावा है कि अक्टूबर तक 20 हजार के करीब कॉन्स्टेबल मिल जाएंगे।

7 करोड़ खर्च, 14 लाख अभ्यर्थी मायूस, 3 लाख परीक्षा दे भी चुके हैं

पड़ताल में सामने आया कि 5390 पदों के लिए 16 लाख रुपए से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। करीब 2 लाख परीक्षा आवेदनों में खामियां होने कारण उनको खारिज कर दिया था। आवेदनों से करीब 68 करोड़ रुपए राजस्व को मिले थे। ऑनलाइन परीक्षा कराने की जिम्मेदारी एपटेक कंपनी को दी गई थी। ऐसे में कंपनी को परीक्षा के लिए आधी राशि का भुगतान करना था। परीक्षा 7 मार्च से शुरू हुई थी और 34 परीक्षा सेंटरों पर 17 मार्च तक 3 लाख अभ्यर्थी परीक्षा दे चुके थे। एपटेक कंपनी द्वारा परीक्षा सेंटरों को एडवांस के तौर पर 15 फीसदी राशि का भुगतान कर चुकी थी। परीक्षा सेंटरों को एपटेक कंपनी द्वारा 140 रुपए प्रति अभ्यर्थी के हिसाब से भुगतान किया गया है। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस मुख्यालय द्वारा एपटेक कंपनी को एडवांस दी गई राशि वापस ली जाएगी या नहीं।

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