राजस्थान

सरकार के प्रयासों को झटका, 31 बजरी ब्लॉक की नीलामी पर रोक

सरकार के प्रयासों को झटका, 31 बजरी ब्लॉक की नीलामी पर रोक

जयपुर. सुप्रीम कोर्ट की बजरी खनन पर रोक के बाद बजरी संकट से राहत दिलाने के सरकार के प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने 31 छोटे ब्लाॅकों की नीलामी के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया पर शुक्रवार को रोक लगा दी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी लिए बिना ब्लॉक नीलाम करने पर प्रमुख खान सचिव व खान निदेशक को अवमानना नोटिस दिए हैं।

न्यायाधीश एसपी शर्मा ने यह अंतरिम निर्देश शु़क्रवार को भरत सिंह की याचिका पर दिया। गौरतलब है कि प्रदेश में 82 बजरी खनन ब्लॉक पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद सरकार ने बजरी खनन के लिए दो चरणों में क्रमश: 31 व 32 ब्लॉक की नीलामी करने के लिए 15 व 20 मार्च को अधिसूचना जारी की थी। अब 31 ब्लॉक की नीलामी अटक गई है।
रोक के कारण बजरी पहले के मुकाबले ढाई गुना से अधिक महंगी हो गई है। एक ट्रक बजरी 10 से 12 हजार रु. में मिल जाता था, उसकी कीमत 30 हजार रु. से अधिक हो चुकी है। आमजन को घर बनाने के लिए जनता को बजरी ब्लैक में खरीदनी पड़ रही है।

बजरी पर रोक से बड़े पैमाने पर बजरी के अवैध खनन का कारोबार पनप रहा है। खेत व पहाड़ खोदे जा रहे हैं। इसका असर पर्यावरण पर भी पड़ रहा।

ऐसे ही खनन चलता रहा तो इंडिया से चाइना तक छेद हो जाएगा: सुप्रीम कोर्ट
प्रदेश में 82 बजरी खनन ब्लॉक पर रोक संबंधी मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार से बजरी के अवैध खनन पर रोक लगाने को कहा। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि इस तरह से ही अवैध खनन चलता रहा तो इंडिया से चाइना तक छेद हो जाएगा। अदालत ने मामले की सुनवाई 2 अप्रैल तक टाल दी।

समझ नहीं आ रहा अब क्या विकल्प तलाशे जाएं : खान निदेशक
सुप्रीम कोर्ट की बजरी के 82 बड़े ब्लाॅकों से खनन पर रोक के बाद विभाग ने सरकारी प्रोजेक्ट के लिए शार्ट टर्म परमिट जारी करने की अधिसूचना निकाली। इसे भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। उसके बाद छोटे-छोटे बजरी के ब्लाॅक बनाए, जिसकी नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई। अब इस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। जनता को सस्ती बजरी देने के प्रयासों को इससे झटका लगा है। अब विभाग या सरकार के पास क्या विकल्प है, समझ नहीं आ रहा।

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