राजस्थान

राजस्थान से PAK भेजे गए हिंदू इस्लाम कबूलने काे मजबूर, सिंध में 500 लोगों का धर्म परिवर्तन होगा

राजस्थान से PAK भेजे गए हिंदू इस्लाम कबूलने काे मजबूर, सिंध में 500 लोगों का धर्म परिवर्तन होगा

जोधपुर.राजस्थान बॉर्डर के पार पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदुआें की आबादी तेजी से खत्म की जा रही है। यहां हिंदुओं के जबरन धर्म परिवर्तन के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। रविवार को भी यहां 500 हिंदुओं का धर्म जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाना है। जो लोग पाकिस्तान छोड़ कर भारत आए थे, मगर किन्हीं कारणों से उन्हें वापस जाना पड़ा, उन परिवारों को खास तौर से टारगेट किया जा रहा है। पिछले 3 सालों में भारत में शरण लेने आए 1,379 हिंदुओं को पाकिस्तान लौटना पड़ा है।

जबरन इस्माल कबूलने का दबाव

– पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 25 मार्च को बड़े स्तर पर हिंदुओं को जबरन इस्लाम धर्म कबूल कराया जा रहा है। यहां 500 हिंदुओं के धर्म परिवर्तन के लिए पर्चे भी बांटे जा चुके हैं।

– इनमें 5 अगस्त 17 को डिपोर्ट किया गया 80 वर्षीय चंदू, उसकी पत्नी धामी, बेटा भगवान, बहू धरमी और बच्चे धीरो, मूमल, जयराम व कविता भी शामिल हैं।

– इनकी किस्मत ही खराब है, राजस्थान हाईकोर्ट ने छुट्‌टी के दिन स्पेशल बेंच बैठा कर इनके डिपोर्ट आदेश पर स्टे भी दे दिया, मगर आदेश तामील होता उससे चंद मिनट पहले उनकी ट्रेन पाकिस्तान सीमा में प्रवेश कर गई। अब इस परिवार पर इस्लाम कबूलने का दबाव बना हुआ है।

बेटियों का रेप होने से बच जाएगा

– सिंध के अवामी आवाज अखबार के संपादक रहे असद चांडियो ने धर्म परिवर्तन के इस जलसे को हिंदुओं की लाचारी बताया। उन्होंने कहा, “मुझसे पूछो तो यही कहूंगा कि मुस्लिम बनने के बाद उनकी बेटियां अगवा होने और गैंगरेप से तो बच ही जाएंगी।’

– चांडियो पाक में लगातार हिंदुओं की दुर्दशा पर लिखते रहे हैं। लेकिन कट्‌टरपंथियों के जुल्मों के कारण उन्हें देश छोड़ कर अमेरिका में शरण लेनी पड़ी।

हिंदू न घर का है न घाट का: संगठन के अध्यक्ष

– सीमा के इधर भारत में विस्थापितों के लिए संघर्ष करने वाले सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष हिंदूसिंह सोढ़ा कहते हैं कि पाकिस्तान का हिंदू न घर का है न घाट का। वहां धर्म बदलने की मजबूरी, यहां रोजी-रोटी और न जाने कब खदेड़ दिए जाने का खतरा हर समय मंडराता है।

– भारत सरकार विस्थापित हिंदुओं के पुनर्वास के नियम बनाती तो है, परंतु जिला स्तरों पर उनकी पालना नहीं होती। इसलिए जो लौट रहे हैं, उनके पास धर्म बदलने के अलावा दूसरा कोई रास्ता भी नहीं है।

शादीशुदा करते हैं हिंदू लड़कियों का रेप

– मानवाधिकार संगठन से जुड़े कृष्ण शर्मा और पाकिस्तानी हिंदू परिषद के संरक्षक इन चीफ डॉ. रमेश वानकवानी लिखते हैं कि यहां स्वेच्छा से कोई रूपांतरित नहीं हुआ है।

– यहां के शादीशुदा मुस्लिम लड़कियों का अपहरण करते हैं, उनका रेप करते हैं और उन्हें धमकाते हैं। जिससे वे ये कहने लगे कि उन्होंने खुद ही धर्म परिवर्तन किया है।

– दक्षिण सिंध में सबसे ज्यादा हिंदू रहते हैं, अधिकांश कृषि अाधारित बंधुआ श्रमिक है। शिक्षा, स्वास्थ्य या कोई भी बुनियादी सुविधाएं नहीं है, ऐसे गरीब लोग जमीदारों के लिए आसान लक्ष्य है।

कई जगह हिंदू ज्यादा, लेकिन जिंदगी अल्पसंख्यक

– पाकिस्तानी समाचार पत्र डॉन के स्तंभकार नाजिहा सईद अली ने हाल ही एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें बताया कि राजस्थान से लगती सीमा पर 2000 में जहां इक्का-दुक्का मदरसे थे, वे 2015 से अचानक 20 तक पहुंच गए हैं। ये मदरसे धर्म परिवर्तन कर नए मुस्लिमों के बच्चों की तालीम के लिए खुले हैं।

– कई संगठन कलमा पढ़ने वालों को रहने के लिए अफोर्डेबल घर, घरेलू सामान, दहेज का सामान, काम करने के लिए सिलाई मशीनें, नहरों से खेती करने के लिए साल भर पानी का प्रलोभन भी दे रहे हैं। थारपारकर व उमरकोट में ऐसी कहानियां अक्सर दोहराई गई है।

राजस्थान सीमा के पार हिंदुओं की आबादी

– पाकिस्तान के कई क्षेत्रों में आधी से ज्यादा हिंदू आबादी है। इसके बावजूद यहां हालत बदतर हैं।

मीठी 63%
नगर पारकर 59%
इस्लामकोर 55%
कुनरी में 52%
समारो में 51%
उमरकोट 48%
दीपलो 42%
पिथारो में 41%
छाछरो 37%
कलोई 27%

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