राजस्थान

राष्ट्रपति कोविंद ने ख्वाजा साहब की दरगाह में दी हाजरी, पुष्कर में की पूजा-अर्चना

राष्ट्रपति कोविंद ने ख्वाजा साहब की दरगाह में दी हाजरी, पुष्कर में की पूजा-अर्चना

अजमेर/पुष्कर/ जयपुर।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को अपने परिवार के साथ महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह जियारत की। उन्होंने गरीब नवाज की मजार पर मखमल की खूबसूरत चादर और अकीदत के फूल पेश कर देश में अमन व खुशहाली की दुआ की। इस मौके पर राष्ट्रपति कोविंद का दरगाह में को दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन खादिमों और दरगाह नाजिम आई बी पीरजादा आदि ने जोरदार और शाहाना इस्तकबाल किया। परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति कोविंद के निजाम गेट की पहली सीढ़ी पर कदम रखते ही शादियाने बजाए गए।

– दरगाह के निजाम गेट पर राष्ट्रपति कोविंद की गाड़ी रुकी। वहां दरगाह से जुड़े पक्षों के पदाधिकारियों ने स्वागत किया। कफस बरदार ने राष्ट्रपति को पैताब पहनाए।

…और शादियाने बज उठे

– जैसे ही राष्ट्रपति ने निजामगेट की पहली सीढ़ी पर कदम रखा, परंपरा के अनुसार खुशी में दरगाह में शादियाने बज उठे। बाद में राष्ट्रपति बुलंद दरवाजे होते हुए रेड कारपेट पर ही बेगमी दालान से आस्ताना शरीफ पहुंचे। वे चादर व फूलों की टोकरी लिए थे। बेगमी दालान में दरगाह के सात हफ्त बारीदारान का परिचय अंजुमन पदाधिकारियों ने करवाया। हाजी सैयद अनीस मियां चिश्ती समेत सातों हफ्तबारीदार मोजूद थे। इसके बाद राष्ट्रपति ने आस्ताना शरीफ पहुंच कर गरीब नवाज की मजार पर अकीदत का नजराना पेश किया। अंजुमन सदर सैयद मोईन हुसैन चिश्ती ने दुआ कराई।

अंजुमन और हफ्त बारीदारान ने किया स्वागत
– जियारत के बाद सेहन साहबजादी में अंजुमन सैयद जादगान के सदर सैयद मोईन चिश्ती, नायब सदर सैयद इकबाल चिश्ती, सचिव सैयद वाहिद हुसैन अंगाराशाह, संयुक्त सचिव सैयद मुसब्बिर चिश्ती के नेतृत्व में व अंजुमन शेखजादगान के सदर शेखजादा जर्रार अहमद चिश्ती व सचिव डॉ. माजिद चिश्ती की अगुवाई में पदाधिकारियों ने और हफ्त बारीदारान के सात नुमाइंदों ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। राष्ट्रपति को सिपासनामा पेश किए गए और शॉल ओढा कर स्मृति चिह्न भेंट किए गए।

बुलंद दरवाजे पर नाजिम ने किया स्वागत
– दरगाह के बुलंद दरवाजे पर दरगाह कमेटी की ओर से नाजिम आई बी पीरजादा ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। कमेटी की ओर से राष्ट्रपति को शॉल ओढ़ाया गया, दस्तारबंदी की गई और तबर्रूक भेंट किया गया। लौटते समय दरगाह के निजाम गेट पर दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन और उनके पुत्र सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

8 बजे से परिसर हो गया था पूरा खाली
– राष्ट्रपति की जियारत को देखते हुए प्रशासन द्वारा दरगाह कमेटी के सहयोग से दरगाह परिसर सुबह 8 बजे से ही खाली करा लिया गया था। सुरक्षा कारणों से परिसर खाली कराया जाता है। परिसर में कोई जायरीन नहीं था। दरगाह बाजार और आसपास के बाजार भी बंद थे।

सुरक्षा ऐसी परिंदा भी पर नहीं मारे

– राष्ट्रपति की दरगाह जियारत को लेकर जिला प्रशासन और दरगाह कमेटी चाक-चौबंद सुरक्षा इंतजाम किए। दरगाह परिसर को शामियाने व कनातों से ढंका गया था। इधर, दरगाह के बाहर भी दरगाह बाजार में शामियाने लगाए गए। दरगाह परिसर में कलेक्टर आरती डोगरा, एसपी राजेंद्र सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ ही बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी व पासधारी गिने चुने प्रतिनिधि मौजूद थे।

लंबा काफिला था वाहनों का

– राष्ट्रपति कोविंद के साथ वाहनों का लंबा काफिला था। दरगाह बाजार में मोती कटला से आगे तक वाहन ही नजर आ रहे थे। दरगाह और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षा कर्मियों के हवाले था।

इससे पहले पुष्कर में पूजा-अर्चना की

– राष्ट्रपति ने परिवार के साथ पुष्कर में पूजी की। उन्हें वैदिक मंत्रोचारण के बीच सरोवर की पूजा पुश्तैनी पुरोहित सुरेंद्र राजगुरु ने कराई। इसके बाद ब्रह्मा मंदिर में दर्शन किए तथा सरोवर की पूजा की।

घाटों पर आमजन के प्रवेश पर रोक रही

– राष्ट्रपति कोविंद सुबह 11 बजे ब्रह्म घाट पर सरोवर की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। उनकी सुरक्षा व्यवस्था के चलते सरोवर के चारों ओर बने सभी 52 घाटों पर लोगों के प्रवेश पर रोक रही। सभी घाटों पर सुबह 8 बजे से आम जन का प्रवेश रोक दिया गया था।

ब्रह्मा मंदिर में सुबह से ही प्रवेश रहेगा निषेध
– आम जन के लिए ब्रह्मा मंदिर के कपाट सुबह से बंद रहे। आम श्रद्धालुओं के लिए राष्ट्रपति की यात्रा के बाद ही मंदिर के दर्शन कर सके।

ब्रह्मा मंदिर से तक बंद रहेगा मार्केट
– राष्ट्रपति की पुष्कर यात्रा के दौरान ब्रह्म घाट से ब्रह्मा मंदिर तक मुख्य मार्केट बंद रखा गया। उपखंड अधिकारी गोयल ने बताया कि ब्रह्म घाट से ब्रह्मा मंदिर तक का मार्केट सुबह 9 बजे बंद कर दिया गया।

14 साल बाद दूसरी बार पुष्कर आए राष्ट्रपति

– राष्ट्रपति कोविंद की यह भले ही राष्ट्रपति पद पर रहते हुए पहली पुष्कर यात्रा है, लेकिन वे 14 साल पहले भी पुष्कर आ चुके हैं। वे इससे पहले तीन जुलाई 2004 को पुष्कर आए थे। उस वक्त वे राज्यसभा सदस्य थे। इस दौरान उनके साथ अनिता भदेल, हेमंत भाटी मौजूद थे।

इससे पहले हैलिपैड पर हुआ स्वागत
– इससे पहले सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने परिवार के साथ सुबह अजमेर पहुंचे। घूघरा हैलिपैड पर मंत्री हेम सिंह भड़ाना, अनिता भदेल, वासुदेव देवनानी व जिला कलेक्टर आरती डोगरा ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। राष्ट्रपति वहां से पुष्कर में पूजा-अर्चना के लिए रवाना हो गए।

 

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