राजस्थान

राजस्थान चुनाव : भाजपा एवं कांग्रेस के लिए विद्रोही बने चुनौती

rajasthan assembly elections 2018 : rebel leaders trouble for BJP and Congress
rajasthan assembly elections 2018 : rebel leaders trouble for BJP and Congress

जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव में नामांकन के बाद सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी तथा कांग्रेस को विद्रोही उमीदवारों की चुनाव मैदान से हटाने की बड़ी चुनौती हैं भाजपा के चार मंत्री सहित कुछ विधायक तथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय तथा दूसरे छोटे मोटे दलों से खम ठोक रख रखा है।

चूरु जिले के रतनगढ़ में मंत्री राजकुमार रिणवा टिकट नहीं मिलने पर नाराज होकर मैदान में उतरे हैं, उनके सामने पिछली बार कांग्रेस के टिक्ट पर चुनाव लड़े अभिषेक महर्षि को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया हैं।

पाली जिले के जैतारण से मंत्री सुरेन्द्र गोयल भी चुनाव मैदान में हैं पार्टी ने उनके सामने अविनाश गहलोत को चुनाव मैदान में उतारा हैं। इसी तरह मंत्री हेमसिंह भडाना थानागाजी से चुनाव लड़ रहे हैं उनके सामने पार्टी ने पूर्व मंत्री रोहिताश को उम्मीदवार बनाया हैं।

मंत्री धन सिंह रावत भाजपा के टिकट नहीं देने पर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। पार्टी ने हकरु मइरा को टिकट दिया हैं। भाजपा के तेजतर्रार विधायक ज्ञान देव आहूजा ने रामगढ से टिकट नहीं मिलने पर सांगानेर से ताल ठोक दी हैं। इसी तरह डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा विधायक अनीता कटारा भी निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं भाजपा ने यहां शंकर लाल को टिकट दिया हैं।

भाजपा के तेजतर्रार विधायक भवानी सिंह राजवाता को लाडपुरा से टिकट नहीं मिला, वह निर्दलीय के रुप में पार्टी के सामने चुनौती पेश कर रहे हैं। भाजपा के विधायकों के अलावा अन्य कई नेता भी चुनौती बने हुए हैं।

कांग्रेस में भी पूर्व उपमुख्यमंत्री कमला बेनीवाल के बेटे आलोक कुमार शाहपुरा से निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में चुनाव मैदान में हैं। पार्टी ने यहां से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुडे मनीष यादव को उम्मीदवार बनाया हैं।

जयपुर के विद्याघर नगर में भी विक्रम सिंह ने ताल ठोक रखी हैं। पार्टी ने यहां से सीताराम अग्रवाल को टिकट दिया हैं। विक्रम सिंह के दो बार चुनाव हार चुके हैं। टिकट नहीं मिलने पर पूर्व विधायक संयम लोढा ने भी सिरोही से पार्टी प्रत्याशी जीवाराम आर्य के सामने ताल ठोक दी हैं।

इसी तरह डूंगरगढ से किशनाराम नाई को टिकट नहीं मिलने से निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में चुनाव लड़ रहे हैं । बीकानेर से पार्टी की टिकट को लेकर काफी उथलपूथल के बाद कांग्रेस के गोपाल गहलोत ने बीकानेर पूर्व एवं पशि्चम दोनों से नामांकन पत्र दाखिल किया हैं। बहरोड़ बलजीत यादव निर्दलीय लड़ रहे हैं।पार्टी आरपी यादव को टिकट दिया।

नवलगढ में पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह ने कांग्रेस के लिए चूनौती खड़ी कर दी। खंडेला में महावीर सिंह खण्डेला ने सुभाष मील के सामने चूनौती पेश की। तारानगर में पूर्व विधायक सीएस वैघ ने पूर्व सांसद नरेन्द्र बुढानिया के सामने ताल ठोक दी है। इसी तरह कुशलगढ में कांग्रेस प्रधान रमिला खड़िया ने निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। यहां कांग्रेस की गठबंधन पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल के फतह सिंह चुनाव लड़ रहे हैं।

इसी तरह मारवाड़ जक्शन से पूर्व विधायक खुशवीर सिंह ने कांग्रेस उम्मीदवार जस्सा राम के सामने ने चुनौती पैश कर दी हैं। पाली से कांग्रेस के महावीर सिंह के सामने भीमराज भाटी ने चुनाव लड़कर चुनौती पेश कर दी हैं। श्रीगंगानगर में पांच बागी दोनों पार्टियों के लिए चुनौती बने हुए हैं। दोनों पार्टियों में अन्य कई नेता भी चुनौती पेश कर रहे हैं।

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