राजस्थान

चुनावी साल में अगड़ों को आरक्षण देने की तैयारी कर रही वसुंधरा सरकार

चुनावी साल में अगड़ों को आरक्षण देने की तैयारी कर रही वसुंधरा सरकार

जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। चुनावी साल में अगड़ी जातियों को खुश करने के लिए राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार एक बार फिर आर्थिक रूप से पिछड़ी जातियों (ईबीसी) को आरक्षण देने पर विचार कर रही है । इससे पहले भी राजस्थान सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़ी जातियों को एक बार आरक्षण दिया था,लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी।

ईबीसी में शामिल जातियों को 14 प्रतिशत आरक्षण देकर पिछले कुछ सालों से नाराज चल रहे राजपूत और ब्राहम्ण मतदाताओं को खुश करने का प्रयास वसुंधरा सरकार द्वारा अगले माह में किया जा सकता है । जानकारी के अनुसार आर्थिक पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है।

आयोग के अध्यक्ष और रिटायर जज अनूप चंद गोयल ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रिपोर्ट के बारे में अनौपचारिक रूप से बता भी दिया, जिसमें कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में राजपूत और ब्राहम्ण समाज के लोगों की आर्थिक हालात काफी खराब है। उन्होंने इन दोनों समाजों को आरक्षण के साथ ही विशेष पैकेज की भी आवश्यकता बताई।

गोयल से मिली जानकारी के बाद मुख्यमंत्री ने अपने विश्वस्त अधिकारियों एवं दो मंत्रियों की अलग से टीम बनाकर पूरे प्रकरण का अध्ययन करवाया। इस टीम ने भी गोयल की राय पर सहमति जताई। गोयल और मंत्रियों एवं अधिकारियों की टीम से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने अब आर्थिक रूप से पिछड़ी जातियों को 14 प्रतिशत आरक्षण देने का मानस बनाया है।

जानकारी के अनुसार आर्थिक पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद सरकार ने कुछ समय तक रोकने के लिए कहा था,लेकिन अब जून माह में आयोग अपनी रिपोर्ट विधिवत रूप से दे देगा और इसके बाद सरकार ईबीसी आरक्षण की घोषणा कर सकती है। जानकारी के अनुसार ईबीसी के युवाओं को स्वरोजगार के लिए सरकार द्वारा दिए जाने वाले 50 हजार रूपए तक लोन की राशि बढ़ाकर 1 लाख रूपए करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री आरक्षण के साथ ही कर सकती है। यह लोन 4 प्रतिशत की ब्याज दर पर दिया जा रहा है। शैक्षणिक संस्थाओं में आरक्षण को लेकर भी प्रावधान किया जाएगा ।

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