राजस्थान

मलसीसर हैडवर्क्स से 5 शहरों और गांवों में जलापूर्ति पुनः

जयपुर———— झुन्झुनू जिले के मलसीसर हैडवक्र्स से 1 करोड़ 40 लाख लीटर पेयजल प्रतिदिन उत्पादित कर झुन्झुनू के 5 शहर क्रमशः झुन्झुनू, बगड़, मंडावा, खेतड़ी और गोठड़ा में जलापूर्ति पुनःआरम्भ कर दी गई है।

इसी तरह 98 गांवों में जलापूर्ति दोबारा बहाल करते हुए वर्तमान में कुल 114 गांवों में नियमित रूप से पेयजलापूर्ति की जा रही है।

गौरतलब है कि 31 मार्च 2018 को मलसीसर गांव में स्थित दो में से एक रॉ वाटर रिजरवायर टूट जाने से योजना से जोड़े गए सभी कस्बों और गांवों में जलापूर्ति बाधित हो गई थी।

जलदाय मंत्री श्री सुरेन्द्र गोयल द्वारा एक माह में पुनः पेयजल चालू करने की घोषणा के बाद प्रमुख शासन सचिव श्री रजत कुमार मिश्र की प्रभावी मॉनिटरिंग में युद्धस्तर पर कार्य करवाया गया।

निर्माणकर्ता कम्पनी मै.एन.सी.सी. लिमिटेड द्वारा रॉ वाटर पम्प करने के लिए 4 नए अस्थाई सबमर्सिबल पम्प सैट लगवाकर, स्वच्छ जल पम्प गृह के पम्पों को पुनः चालू कर पानी को शैंधित करते हुए बाधित पेयजलापूर्ति को विगत 28 अप्रेल 2018 से पुनः बहाल कर दिया गया।

मार्च 2018 तक योजना के माध्यम से झुन्झुनू जिले के 5 शहर क्रमशः झुन्झुनू, बगड़, मंडावा, खेतड़ी और गोठड़ा को जल उपलब्ध कराया गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में 134 गांवों में पी.एस.पी. और 25 गांवों को पाइप्ड योजना कुल 159 गांवों को लाभान्वित करने के लिए टेस्टिंग कर ली गई थी, जिनमें से 30 मार्च 2018 तक कुल 98 गांवों में पेयजलापूर्ति की जा रही थी।

उल्लेखनीय है कि एकीकृत-तारानगर-झुन्झुनू-सीकर-खेतड़ी वृहद पेयजल परियोजना के तहत झुन्झुनू जिले के 5 शहरों एवं 258 गांवों और 816 ढाणियों को इन्दिरा गांधी नहर का सतही जल उपलब्ध कराया जाना लक्षित था।

योजना का जल स्त्रोत तारानगर स्थित चौधरी कुम्भाराम आर्य लिफ्ट नहर को लिया गया है। योजना का रॉ वाटर भण्डारण, फिल्टर प्लांट एवं मुख्य पम्प हाउस इत्यादि मलसीसर में स्थित है।

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