उत्तरप्रदेश

२१ बर्ष बाद भी कलान थाने से न्यायालय नहीं पहुंचा आरोप पत्र

२१ बर्ष बाद भी कलान थाने से न्यायालय नहीं पहुंचा आरोप पत्र

मिर्जापुर(शाहजहांपुर)। भले ही पुलिस की डाक स्पेशल मेसेंजर/पुलिस कांस्टेबिल के माध्यम से चलती हो। किंतु कलान थाने से सीओ के माध्यम से भेजा गया एक मुकदमे का आरोप पत्र २१ बर्ष बाद भी न्यायालय मे नहीं पहुंचा है। पीड़ित ने डीजीपी को प्रेषित पत्र मे सीओ कार्यालय से आरोप पत्र गायब किये जाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। पीड़ित बृहमदेव पुत्र दामोदर प्रसाद निवासी ग्राम सेंठा हाल निवासी कस्बा व थाना कलान ने पुलिस महानिदेशक लखनऊ को प्रेषित पत्र मे कहा है कि उसने कलान थाने मे गांव के ही सिपाहीलाल आदि के विरूद्ध मु०अ०सं० ८ए ध्९७ धारा १४७,१४८,१४९,३०७,५०४,५०६ आईपीसी दर्ज करवाया था। इस मामले मे पुलिस ने विवेचना के बाद नामजद आरोपियों का चालान न्यायालय किया था। कलान थाने के अभिलेखों के अनुसार उपरोक्त मुकदमे मे विवेचक ने ३१ दिसम्बर १९९७ को सभी आरोपियों के विरूद्ध आरोप पत्र सं० १६८ध्९७ सीओ कार्यालय के माध्यम से न्यायालय भेजा गया था। जो आज तक न्यायालय नही पहुंचा है। पीड़ित बृहमदेव ने डीजीपी को पे्रेषित पत्र मे २१ बर्ष बाद भी मु०अ०सं० ८एध्९७ का आरोप पत्र सं०१६८ध्९७ अब तक न्यायालय नहीं पहुंचने की उच्चस्त्तरीय जांच करवाकर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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