उत्तरप्रदेश

विभिन्न धर्म रँग बिरँगे फूलो के समान होते है- स्वामी मुक्तिनाथानन्द

विभिन्न धर्म रँग बिरँगे फूलो के समान होते है- स्वामी मुक्तिनाथानन्द

रामकृष्ण मठ में धर्म सँसद का शुभारंभ शँखनाद के सिथ हुआ शुरू
सभी धर्मों के धर्मगुरु ने स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को आत्मसात करने की सलाह दी

लखनऊ। शिकागो में दिनांक 11 सितम्बर 1893 की विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानन्द जी के भाषण की 125वीं वर्षगांठ की स्मृति में श्री रामकृष्ण मठ, लखनऊ में एक लघु धर्म संसद का आयोजन आज किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ 125 वर्ष पूर्व 1883 में जिस समय हुआ था ठीक उसी समय 3:30 बजे पर शंखनाद के साथ शुरू हुआ।
तदोपरान्त सायं 4:30 बजे रामकृष्ण मठ के प्रेक्षागृह में लघु संसद का आयोजन विभिन्न धर्मो से आए 7 प्रतिनिधियों ने द्वीप प्रज्जलित करके किया तथा रामकृष्ण मठ के सन्यासी भाई एवं ब्रहमचारियों ने वैदिक मंत्रोंच्चारणों का पाठ किया।
कार्यक्रम का शुरूआत स्वामी विवेकानंद जी द्वारा दिये गये मूल उदबोधन के रिकार्ड से सुना कर हूआ, साथ ही साथ चलचित्र और छायाचित्रों की झलकीयां भी दिखायी गयी। वहां उपस्थित दर्शक उस समय घटित ऐतिहासिक घटना को देख रोमाँचित हो उठे।
अपने विषय प्रवेश में रामकृष्ण मठ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज ने आज इस अवसर के महत्व व स्वामी जी के संदेशों, सर्व धर्मों को मान्यता प्रदान और अनेकता के बीच एकता के स्वामी जी के संदेशों को उजागर किया। भगवद् गीता और मूल शिकागो उदबोधन का संदर्भ लेते हुये उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्म ठीक उसी प्रकार से है जैसे विभिन्न प्रकार के रंग बिरंगे फूल एक माला में पिरोये हुये है। जिस धागे से वह माला पिरोया गया है वह इस बह्मड़ का एक भगवान है जिसने वादा किया है कि सभी प्रार्थनाये उसके पास ही पहूॅचती है।
बिशप ऑफ लखनऊ के माननीय जिराल्ड जॉन मैथियास ने इसाई धर्म व मौलाना सैयद कल्बे जावेद नकवी, अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एवं अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और सदस्य राष्ट्रीय एकता परिषद, गृह मंत्रालय भारत सरकार, भदन्त शान्ति मित्र, माननीय राज्य मंत्री, अन्तरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ने क्रमानुसार इसाई, मुस्लिम व बौद्ध धर्म का प्रतिनिधित्व किया। वही यहूदीवाद पर श्रीमती शीला रोहेकर, जैन धर्म पर डॉ0 अभय कुमार जैन राष्ट्रीय सहाध्यक्ष जैन तीर्थ क्षेत्र संरक्षक सभा, व सिख धर्म पर श्री राजिन्दर सिंह बग्गा, अध्यक्ष गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी ने भाग लिया।
रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, कनखल के स्वामी निर्विकल्पानन्द जी महाराज ने हिन्दुत्व का प्रतिनिधित्व करते हुये बताया कि हिन्दु धर्म सभी धर्मो की माता है जिसके कारण भारत समरसता के साथ सभी धर्मो को अपने अन्दर स्थान दिया।
रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, लखनऊ के कार्यकारणी समिति के अध्यक्ष पद्यम्श्री डा0 नित्या आनन्द, ने समापन भाषण दिया।
संध्या में आरती के उपरान्त एक सास्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें पंडित श्रीकुमार मिश्रा द्वारा मयूर वीणा के साथ श्री सुरेश यादव द्वारा तम्बारू वीणा व श्री सुनीन विश्वकर्मा द्वारा नक्कारा पर वादन तथा श्री भरत मिश्रा भातखण्डे संगीत संस्थान लखनऊ तबला पर संगत किया।
इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्मो के लगभग 300 प्रतिभागीयों ने भाग लिया। जो एक दूसरे के प्रति मित्रवत व्यवहार व एक दूसरे के साथ संबंध की भावना को सुदृढीकरण करने और एक समान भगवान की तरफ आगे बढने की प्रेरणा ली।
स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज ने बताया कि भविष्य में भी स्वामी विवेकानन्द जी के शिकागो में दिये गये 125वीं भाषण के उदबोधन पर पूरे साल विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जायेगा।

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