उत्तरप्रदेश

फोकस प्रदेश के किसान, नौजवान, बहन-बेटियों और हर तबके पर है

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लखनऊ————–उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान सभा में वर्ष 2018-19 के बजट की सामान्य चर्चा में कहा कि राज्य सरकार का पूरा फोकस प्रदेश के किसान, नौजवान, बहन-बेटियों और हर तबके पर है। इसलिये सरकार ने विकास के फोकस प्वाइंट तय किये हैं। फोकस सेक्टर के अनुसार धनराशि भी आवंटित की गयी है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी एक वित्तीय वर्ष का बजट उसी अवधि में पूरी तरह से इस्तेमाल हुआ हो। पूरे वित्तीय वर्ष में मात्र 9-10 महीने की अवधि में अधिकांश मदों के तहत बजट में आवंटित धनराशि का लगभग पूरा-पूरा उपयोग किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2017-18 का बजट 3 लाख 84 हजार करोड़ रुपये था। कृषि मद में 97.53 प्रतिशत, पंचायतीराज में 77.96 प्रतिशत, ऊर्जा में 93.99 प्रतिशत, लोक निर्माण विभाग में 63.36 प्रतिशत, गृह विभाग में 99.54 प्रतिशत, ग्राम्य विकास में 84.18 प्रतिशत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण में 78.88 प्रतिशत, खाद्य एवं रसद विभाग में 100 फीसदी धनराशि खर्च हो चुकी है।

वन विभाग में 98 प्रतिशत, आयुष विभाग में 92.43 प्रतिशत,पशुपालन विभाग में 85.68 प्रतिशत, महिला कल्याण के तहत 99.71 प्रतिशत
धनराशि का उपयोग किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश के इतिहास में जनहित में बजट का ऐसा उपयोग पहली बार हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा बजट आवंटन के साथ ही यह निर्देश दिये गये थे कि धनराशि का उपयोग निश्चित अवधि के अन्दर कर लिया जाए अन्यथा धनराशि वापस कर दी जाए, जिसे लैप्स मान लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विद्युत व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर प्रदेश में विद्युत वितरण की एक समान व्यवस्था लागू की। इसके तहत, जिला मुख्यालयों पर 23 से 24 घण्टे की विद्युत आपूर्ति, तहसील मुख्यालयो
और बुन्देलखण्ड में 19 से 20 घण्टे और ग्रामीण क्षेत्रों में 17 से 18 घण्टे की विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इस दौरान प्रदेश के लगभग 62 हजार मजरों के विद्युतीकरण का कार्य सम्पन्न किया है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सौभाग्य योजना के तहत गरीब परिवारों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन वितरित किये गये। अब तक 32 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन दिये गये हैं। प्रदेश में अभी भी 62 हजार से अधिक मजरे ऐसे हैं, जिनमें बिजली नहीं पहुंची है। इसलिये वर्ष 2018-19 के बजट में 29,883.05 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है।

योगी जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किसानों की आय को दो-गुना करने के लक्ष्य को पाने के उद्देश्य से सिंचाई की वर्षाें से लम्बित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष बजट में 54 फीसदी की बढ़ोत्तरी सिंचाई के मद में की गयी है।

यह योजनाएं पूर्ण होने के बाद हर खेत तक पानी पहुंचाया जा सकेगा। कृषि और उससे सम्बद्ध क्रियाकलापों जिसमें कृषि, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, पशुधन, डेयरी विकास, सहकारिता शामिल हैं, पर गत वर्ष की तुलना में 17.5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी 2018-19 बजट में की गयी है। ग्राम्य विकास के लिए गत वर्ष की तुलना में

28.80 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है तो पंचायती राज में भी गत वर्ष की तुलना में 16 फीसदी से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। चिकित्सा और स्वास्थ्य में 17.30 प्रतिशत और नगर विकास में भी गत वर्ष की तुलना में बढ़ोत्तरी की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 99 स्मार्ट सिटी में से 10 सिटी अकेले उत्तर प्रदेश के हैं, जिन्हें स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। शिक्षा विभाग के तहत वर्ष 2018-19 के बजट में 68 हजार 263.20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

महिला एवं बाल कल्याण विभाग के लिए भी गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी की गयी है। अनुसूचित जाति से सम्बन्धित स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लाॅन के तहत गत वर्ष की तुलना में 1824 करोड़ रुपये अधिक उपलब्ध कराये गये हैं। अनुसूचित जनजाति के लिए भी 73.83 करोड़ रुपये अधिक धनराशि की व्यवस्था की गयी है।

योगी जी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2014 से 2017 तक पिछली सरकार 50 हजार आवास भी नहीं बना पायी थी, जबकि वर्तमान सरकार अपनी एक वर्ष की अवधि में 8 लाख 85 हजार ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों को देने में सफल रही है। इसी प्रकार, शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 लाख 60 हजार से अधिक आवास उपलब्ध कराने की स्वीकृृति जारी कर दी गयी है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान,स्वस्थ भारत अभियान का हिस्सा बन रहा है, और स्वस्थ भारत का अभियान समृृद्ध भारत का अभियान बनेगा।

प्रधानमंत्री के इस लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए और उनके सपने को साकर करने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के साथ मिल करके कार्य-योजना तैयार की है। गरीबों के लिए पिछले एक वर्ष के दौरान 37 लाख से अधिक शौचालय बनाये गये हैं।अब तक प्रदेश के 8 जिले खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। 19 हजार से भी अधिक गांव पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं।

योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार इस वर्ष 06 मेडिकल काॅलेज पूरे करवाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केन्द्र सरकार की मदद से 8 मेडिकल काॅलेजों की स्थापना करने जा रही है, जिसमें डिस्ट्रिक्ट हाॅस्पिटल तथा जमीन राज्य सरकार की होगी। इन पर राज्य सरकार 20 प्रतिशत धनराशि खर्च करेगी, जबकि बाकी 80 प्रतिशत धनराशि भारत सरकार देगी। इसकी कार्य-योजना स्वीकृृत हो चुकी है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज अगर निवेशकों और उद्योगपतियों का विश्वास बढ़ा है तो इस बात को ले करके कि सरकार जो कहेगी उसको करेगी। इसके लिए 1400 करोड़ रुपये की राशि की व्यवस्था की गयी है। अगर किसी उद्योगपति ने राज्य सरकार से एम0ओ0यू0 किया था तो उसे लागू किया जाएगा। इन्क्यूबेटर्स को बढ़ावा देने के लिए यानि स्टार्ट -अप के लिए 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था 2018-19 के बजट में की गयी है।

योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष 24 जनवरी को पहली बार उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना लागू की गयी है। इसका उद्देश्य प्रदेश के उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और नौजवानों को राज्य के अन्दर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

प्रदेश के हर जनपद में उसका एक यूनीक उत्पाद मौजूद है। इस योजना के तहत इन उत्पादों को ब्राण्ड के रूप में विकसित कर और बेहतर मार्केटिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि इससे रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ, कानपुर,आगरा, वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, इलाहाबाद, झांसी में मेट्रो रेल परियोजना लागू करने के उद्देश्य से
‘यू0पी0 मेट्रो कारपोरेशन’ गठित किया गया है। इसकी डी0पी0आर0 के लिए धनराशि की व्यवस्था बजट में की गयी है।

दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ कोरीडोर में रीजनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम, यानी रेपिड रेल परियोजना लागू की जा रही है। इसके पूरे होने के बाद दिल्ली से मेरठ मात्र एक घण्टे में पहुंचा जा सकेगा।

यह योजना 32000 करोड़ रुपये की है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी है। मेरठ को इसके साथ जोड़ा जाना चाहिए। रीजनल कनेक्टिविटी परियोजना के तहत एयर कनेक्टिविटी से प्रदेश के विभिन्न जनपदों को जोड़ने की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जा रही है।

पिछली सरकार द्वारा निर्मित आधे-अधूरे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी है।

योगी ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भी वर्ष 2018-19 के बजट में धनराशि की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे से बलिया, वाराणसी, इलाहाबाद को भी जोड़ा जाएगा। इलाहाबाद पूर्वांचल और बुन्देलखंड एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ा जाएगा। बुन्देलखण्ए क्सप्रेस-वे के लिए भी बजट में व्यवस्था की गयी है।

विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य गंगा नहर योजना द्वितीय चरण के लिए 1701 करोड़ रुपये, सरयू नहर राजकीय परियोजना के लिए 1614 करोड़ रुपये, अर्जुन सहायक परियोजना के लिए 741 करोड़ रुपये, कनहर सिंचाई परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये, बाण सागर परियोजना के लिए 127 करोड़, सिंचाई की अन्य परियोजनाओं के लिए 2215 करोड़ रुपये, और बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी के लिए एक हजार चार करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गयी है।

मुख्यमंत्री जी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी0डी0एस0) का जिक्र करते हुए कहा कि सत्यापन में 30 लाख राशन कार्ड फर्जी पाये गये, जबकि 37 लाख ऐसे परिवार थे, जिनके पास अपना राशन कार्ड नहीं था। सभी पात्र लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध करा दिये गये हैं।

वनटांगिया गांव की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 23 गांव को मान्यता दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बाढ़, अग्निकाण्ड से जिन गरीबों की झोपड़ियां जल जाती थीं,उनके लिए आवास की कोई व्यवस्था नहीं होती थी। सरकार एक सामान्य अनुदान दे देती थी। पीड़ितों को मात्र 4 हजार रुपये का अनुदान मिलता था। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए एक नयी आवास योजना ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ लागू की जाएगी।

योगी ने कहा कि बजट में निराश्रित गोवश्ं के लिए हर जनपद में एक-एक गो अभ्यारण्य बनाने की कार्यवाही की जाएगी। विभिन्न जनपदों में यह कार्य प्रारम्भ भी हो गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय लघु डेयरी योजना के लिए पैसे की व्यवस्था की गयी है। मत्स्य पालन कल्याण फण्ड के लिए भी इस बजट में व्यवस्था की गयी है। डेयरी विकास के लिए भी व्यवस्था की गयी है और चीनी उद्योग के लिए भी व्यवस्था की गयी है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में चीनी मिलें लग रही हैं। पिपराइच में चीनी मिल लग गयी है। मुण्डेरवा में 29 तारीख को चीनी मिलों का शिलान्यास किया जाएगा। रमाला और मोहद्दीनपुर की चीनी मिलों पर कार्यवाही प्रारम्भ की गयी है।

राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। अब तक लगभग 27 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों के खाते में गया है।

महिला एवं शिशु कल्याण योजना में ‘शबरी संकल्प योजना’ के लिये भी राज्य सरकार ने 524 करोड़ रुपये दिये हैं। कुपोषण से मुक्ति के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था की गयी है।

इसी प्रकार, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत गरीब कन्याओं की शादी के लिए 35 हजार रुपये का अनुदान प्रदेश सरकार उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधा के लिये बजट में व्यवस्था की गयी है। यह व्यवस्था पहली बार की गयी है। बच्चों की संख्या में एक वर्ष में ही 18 लाख की वृद्धि हुई है। उन्हें समय पर यूनीफार्म, बैग और बुक्स मिलीं। पहली बार प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले गरीब के बच्चे ने जूता-मोज़ा पहना है।

राज्य सरकार ने बच्चों को स्वेटर भी दिया है। नये सत्र में 02 अप्रैल से ‘स्कूल चलो अभियान’ चलेगा। इस सत्र से एन0सी0ई0आर0टी0 का नया पाठ्यक्रम लागू होगा। राज्य सरकार ने मिट्टी पर से राॅयल्टी खत्म कर दी है।

उद्योगों को बढ़ावा देने और नौजवानों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘यू0पी0 इन्वेस्टर्स समिट-2018’ का सफल आयोजन किया गया। इसके तहत 4 लाख 68 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आये हैं।

योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय को साढ़े तीन हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर दस हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। प्रदेश के नौजवानों को बिना भेदभाव और भ्रष्टाचार, नौकरियां दी जाएंगी। राज्य सरकार ने सत्ता में आने के बाद प्रदेश को 150 लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंसेज उपलब्ध करायीं।

किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रुपये घोषित किया गया है। उन्हें 10 रुपये अतिरिक्त भी दिये जाएंगे। गेहूं खरीद के लिए प्रदेश में 5500 केंद्र स्थापित किये जाएंगे। किसानों से 43 लाख मी0 टन धान खरीदा गया और उनका पैसा 24 घण्टे के अंदर उनके खाते में आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 01 लाख 60 हजार किलोमीटर सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने के बाद अब नवीनीकरण की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी है। सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर एण्टी करप्शन पोर्टल लाॅन्च किया गया है।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार ने जीरो टाॅलरेन्स की नीति अपनाई है।

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