उत्तरप्रदेश

28 साल में स्टेनो को वेतन मिला 39 लाख, छापे में 3.5 करोड़ रु. से अधिक की संपत्ति बरामद

28 साल में स्टेनो को वेतन मिला 39 लाख, छापे में 3.5 करोड़ रु. से अधिक की संपत्ति बरामद

ग्वालियर/मुरैना. चंबल संभाग के कमिश्नर एमके अग्रवाल के स्टेनो सुरेन्द्र सिंह यादव के निवास पर गुरुवार की सुबह 5.30 बजे लोकायुक्त पुलिस ने छापा मारा। 28 साल की नौकरी में 39 लाख रुपए कुल वेतन पाने वाले स्टेनो के यहां से 3.5 करोड़ से अधिक कीमत की संपत्ति मिलने का पता चला है। सर्चिंग में शामिल दो टीमों को टीआरपुरम स्थित घर से 8.69 लाख नगद, 31 तोला सोने के जेवरात, डेढ़ किलो चांदी, एक ड्युप्लेक्स, लग्जरी कार मिली है। वहीं दत्तपुरा सब्जी मंडी क्षेत्र में स्टेनो के स्वामित्व का एक फ्लैट, कोचिंग सेंटर की चार दुकानें भी यादव के नाम पाई गई हैं। यादव ने अपनी कमाई छिपाने के लिए बेटे के नाम से कोचिंग, पत्नी के नाम से ड्युप्लेक्स और ससुर के नाम से कार ले रखी है।

फिलहाल मिली संपत्ति का कराया जा रहा मूल्यांकन

लोकायुक्त एसपी अमित सिंह ने बताया कि फिलहाल स्टेनो के घर से मिली संपत्ति का मूल्यांकन कराया जा रहा है। लोकायुक्त पुलिस ने स्टेनो सुरेन्द्र यादव के खिलाफ छापे की कार्रवाई सवा साल पुरानी शिकायत पर की है। शिकायत में जिक्र किया गया था कि स्टेनो ने अपने पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत के तथ्यों का सत्यापन करने के बाद बुधवार को इस मामले में स्टेनो यादव के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया और गुरुवार की सुबह 5.30 बजे दो स्थानों पर छापा मारा।

सहायक ग्रेड-3 के पद पर हुए थे भर्ती , वेतन से अब तक मिले कुल 39 लाख

चंबल आयुक्त के स्टेनो यादव 28 फरवरी 1990 में सहायक ग्रेड-3 के पद पर भर्ती हुए थे। उस समय उनका वेतनमान लगभग 3500 रुपए महीने था। 2005 में उन्हें स्टेनो टाइपिस्ट का पद मिला। तब वेतनमान 3050-4500 के ग्रेड में जा पहुंचा। ग्रेड-पे फिक्स होने के बाद उनका वेतन 22 हजार रुपए महीने हो गया था। 5 नवंबर 2012 को जब चंबल आयुक्त के पूर्व स्टेनो आरएन शाक्यवार को पद से हटाया गया तब एसडीएम कार्यालय मुरैना से स्टेनो सुरेन्द्र यादव को कमिश्नरी में स्टेनोग्राफर के रूप में पदस्थ कर दिया गया। 2012 से लेकर 2018 तक छंटवे और सातवें वेतनमान का लाभ मिलने के बाद उनका वेतन जुलाई 2017 में 41 हजार रुपए महीने हो गया था। 28 साल की नौकरी में स्टेनो को करीब कुल 39 लाख वेतन मिला।

पेपर आउट मामले में स्टेनो के बेटा-बेटी पर हुई थी कार्रवाई
2016-17 में बोर्ड परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। उस मामले में पुलिस ने यादव के बेटे व बेटी के मोबाइल से लीक हुआ प्रश्न-पत्र जब्त किया था। पुलिस ने बेटी-बेटी के खिलाफ कार्रवाई की थी। हालांकि स्टेनो के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले थे। स्टेनो यादव, वैष्णवी शार्टहैंड एंड टायपिंग कोचिंग सेंटर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को पढ़ाते हैं। कोचिंग सेंटर से हर साल छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में सरकारी नौकरी में चयनित हो रहे हैं। 2012-13 की टाइपिंग परीक्षा में पास हुए बच्चों को लेकर एक शिकायत हुई थी, जिसमें कहा गया था कि इनकी कोचिंग के छात्र बिना परीक्षा में बैठे पास हुए हैं। उसके बाद स्पेशल टास्क फोर्स ने स्टेनो यादव समेत कुछ छात्र-छात्राओं को पड़ताल के लिए तलब किया था।

परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थी सीखते हैं शार्टहैंड

-सुरेंद्र यादव मुरैना शहर में शॉर्टहैंड का कोचिंग संस्थान संचालित चलाते हैं। वैष्णवी शॉर्टहैंड के नाम से शहर की सब्जी मंडी इलाके में ये कोचिंग संस्थान है। बताया जाता है कि यहां से अब तक 2 हजार से ज्यादा विद्यार्थी शार्टहैंड सीखकर नौकरी पा चुके हैं। फिलहाल छापे की कार्रवाई जारी है और वहां पर क्या-क्या मिला है, इसकी जानकारी लोकायुक्त की तरफ से जारी नहीं की गई है।

 

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