उत्तरप्रदेश

काशी पुरातन शहर से स्मार्ट सिटी बनने की ओर अग्रसर–राष्ट्रपति

रामनाथ  कोविन्द  --  काशी   विश्व  की  प्राचीनतम नगरी

लखनऊ : (सू०वि०)——भारत के राष्ट्रपति श्री प्राचीनता के साथ आधुनिकता को अपनाने की कला है। काशी पुरातन शहर से स्मार्ट सिटी बनने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने पं0 दीनदयाल हस्तकला संकुल में लगी प्रदर्शनी के बारे में कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि शहर स्मार्ट बन रहा है और वह बदलते भारत की तस्वीर है।

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द जी वाराणसी में पं0 दीनदयाल हस्तकला संकुल सभागार में कौशल विकास के तहत लाभार्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरण, राष्ट्रीय मार्ग एवं रिंग रोड के निर्माण कार्य के शिलान्यास सहित उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक जी की संस्मरणात्मक पुस्तक ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ के संस्कृत संस्करण के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

श्री कोविन्द ने कहा कि 2,118 करोड़ रुपये की लागत से एनएच-7 पर वाराणसी -हनुमना का निर्माण एवं पैकेज-3 के तहत 96.800 से 140.265 कि0मी0 तक चार लेन चैड़ीकरण एवं उन्नयन तथा 1,355 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वाराणसी रिंग रोड फेज-1 सहित कुल 3,473 करोड़ रुपये के लागत की परियोजनाओं का शिलान्यास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद
यहां के लोगांे सहित आसपास के जिलों एवं प्रदेशों तक के लोगों को समस्या से निजात मिलने के साथ ही रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

उन्होंने वाराणसी के खुलेएवं बिखरे बिजली तारों का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रपति बनने से पूर्व कई बार उनका काशी आना हुआ तथा उस दौरान शहर में जगह-जगह बिजली के पोल व तार सड़क पर एक से दूसरी ओर गये होते थे। जिसे देखकर डर लगता था तथा दुर्घटना की सम्भावना बनी रहती थी। किन्तु केन्द्र सरकार की भूमिगत विद्युत केबलिंग योजना को यहां पूरा कराया जा चुका है। शीघ्र ही अन्य क्षेत्र में भी इस कार्य को पूरा करा लिया जायेगा। इससे जहां विद्युत चोरी बन्द हुई, वहीं लोगों को बेहतर विद्युत सुविधा प्राप्त होने के साथ ही दुर्घटना की संभावना भी समाप्त हो गयी है।

राष्ट्रपति जी ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि वाराणसी के सांसद एवं देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वाराणसी को विश्व पटल पर लाकर खड़ा कर दिया है। गत् दिनों जापान के प्रधानमंत्री सहित फ्रासं एवं जर्मनी के राष्ट्रध्यक्षों के आगमन की चर्चा करते हुए उन्होने कहा कि काशी आकर्षण का केन्द्र है और इसी आकर्षण के कारण देश-विदेश से लोग यहां की संस्कृति, विरासत आदि को देखने हेतु खिंचे चले आते हंै।

राज्यपाल श्री राम नाईक जी ने जोर देते हुए कहा कि वर्ष 2025 तक विश्व में भारत सबसे बड़ा युवा देश हो जायेगा। उन्होंने कहा कि कौशल विकास, स्टार्ट अप व स्टैन्डअप आदि योजनाओं के क्रियान्वयन से विकास का नया रास्ता खुल गया है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गो के हो रहे निर्माण कार्य की चर्चा आज पूरे विश्व में हो रही
है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने राष्ट्रपति जी का स्वागत करते हुए कहा कि काशी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राजधानी है। उन्होंने अपने सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल की चर्चा करते हुए कहा कि गावं-गावं में छिपी प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री स्किल डेवलपमेंट योजना के तहत 6 लाख से अधिक बच्चों का इनरोलमेंट किया गया। 2.5 लाख बच्चे पासआउट हुए तथा एक लाख 40 हजार बच्चों को विभिन्न बड़ी-बड़ी कम्पनियों में प्लेसमेण्ट कराकर सेवायोजित कराया गया। उन्होने बताया कि देश की आजादी के बाद पहली बार राज्यपाल की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस मनाये जाने का गौरव भी प्राप्त हुआ है।

योगी जी ने बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराये जाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना लागू की है। इसके लिये 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान भी बजट में किया गया है।

इस योजना के तहत, हर जिले के वहां के किसी मशहूर उत्पाद को बाजार एवं हुनर को मंच प्रदान करने का कार्य होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत आगामी 03 वर्ष में 20 लाख नवयुवकों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने गत् 21-22 फरवरी को लखनऊ में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट को अब तक का सबसे सफल समिट बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में
04 लाख 68 हजार करोड़ रुपये के रिकाॅर्ड निवेश के एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित किये गये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा 4 लाख सरकारी नौकरियों के लिए कार्यवाही की जा रही है। पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर एक लाख 62 हजार नियुक्तियां की जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में विकास का नया कीर्तिमान बन रहा है।

इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द जी ने सूर्य प्रकाश, दिव्या कुमारी, चंदन सोनकर, हिना जाफरी, रोहन सिंह, मतीउल्लाह, सीता कुमारी, बिन्दु कुमारी, संदीप तिवारी व श्रद्धा पाण्डेय को कौशल विकास योजनान्तर्गत विभिन्न कम्पनियों में नौकरी के लिये नियुक्ति-पत्र उपलब्ध कराया।

तत्पश्चात् कार्यक्रम के दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक जी की सद्यः प्रकाशित संस्मरणात्मक पुस्तक ‘‘चरैवेति! चरैवेति!!’’ के संस्कृत संस्करण का मुख्यमंत्री जी ने विमोचन कर पुस्तक की प्रथम प्रति राष्ट्रपति जी को भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल जी ने जहां अपने राजनैतिक जीवन के तमाम संस्मरण सुनाये, वहीं राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द जी ने राज्यपाल श्री राम नाईक जी के राजनैतिक जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री मनसुखएल0 मांडविया, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, उत्तर प्रदेश के खेल, युवा कल्याण एवं व्यावसायिक शिक्षा तथा कौशल विकास मंत्री श्री चेतन चैहान, होमगार्डस राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) श्री अनिल राजभर, सूचना राज्य मंत्री डाॅ0 नीलकंठ तिवारी एवं जूना अखाड़े के महामण्डेश्वर अवधेशानंद गिरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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