उत्तरप्रदेश

एक देश एक चुनाव’ के लिए योगी सरकार ने शुरू की पहल, सिद्धार्थनाथ ने कहा- 30 अप्रैल तक देंगे रिपोर्ट

एक देश एक चुनाव’ के लिए योगी सरकार ने शुरू की पहल, सिद्धार्थनाथ ने कहा- 30 अप्रैल तक देंगे रिपोर्ट

लखनऊ.पीएम मोदी के ‘एक देश एक चुनाव’ वाली बात को यूपी सरकार ने गंभीरता से लेते हुए काम शुरू कर दिया है। सरकार के प्रवक्ता और मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि देश में जो लोकसभा-विधानसभा और स्थानीय निकाय के चुनाव अलग-अलग होते हैं। उनको एक साथ कराने के लिए चर्चा हुई है। इसके साथ ही एक रिफार्म भी तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल को हम फिर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। इसके बाद हम लोग कोशिश करेंगे की 30 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट समिट कर दें।

बीजेपी ने अपने सभी CM को लिखा था लेटर

– ‘एक देश-एक चुनाव’ के लिए बीजेपी ने अपनी राज्य सरकारों के मुख्यमंत्रियों को लेटर लिखा था। इसमें सभी से इस आइडिया पर एक राय बनाने को कहा था। इनसे कहा गया कि बीजेपी शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री आम सहमति बनाने में विपक्ष के नेताओं से भी बातचीत करें। यह लेटर बीजेपी नेशनल जनरल सेक्रेटरी भूपेंद्र यादव ने भेजा था। बता दें कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सभी चुनाव एकसाथ होना चाहिए। इससे देश का बोझ कम होगा।

संसद में बताया था एक देश-एक चुनाव का गणित

-राष्ट्रपति के बजट अभिभाषण पर नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा में धन्यवाद दिया था। इस दौरान उन्होंने एक देश-एक चुनाव की वकालत की थी। उन्होंने कहा था-”राष्ट्रपति जी ने स्पीच में लोकसभा-विधानसभा चुनाव साथ कराने का जिक्र किया। प्रणब दा ने भी कहा था। ये हम सभी का काम है। हम सब हिम्मत करके एक स्वस्थ परंपरा की दिशा में जा सकते हैं क्या? 1967 तक लोकसभा-विधानसभा साथ हुए। एकाध अपवाद हो सकते हैं। तब कोई तकलीफ नहीं हुई। बाद में राजनीतिक कारणों से असंतुलन पैदा हुआ। अब एक चुनाव के बाद दूसरे चुनाव की तैयारी शुरू हो जाती है। चुनाव के वक्त तूतू-मैंमैं ठीक है।”
– ”चार-साढ़े चार तक देश के लिए कामों पर चर्चा हो। 2009 में चुनाव पर एक हजार करोड़ खर्च हुआ, 2014 में चार हजार करोड़ खर्च हुआ। उसके बाद असेंबली में 3 हजार करोड़ खर्च हुए। भारत में गरीबों के लिए करना हमारी जिम्मेदारी है। हमारे यहां एक करोड़ से ज्यादा लोग 9 लाख 30 हजार पोलिंग स्टेशन पर जाते हैं। सिक्युरिटी फोर्सेस सुरक्षा में लगते हैं। इसमें मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मिलकर रास्ता खोजें और इसे आगे बढ़ाने में सफल हो सकते हैं।”

देश का बोझ कम हो जाएगा
– मोदी ने कहा था कि एकसाथ चुनाव करा लिए जाते हैं तो देश एक बड़े बोझ से मुक्त हो जाएगा। अगर हम ऐसा नहीं कर पाते तो ज्यादा से ज्यादा संसाधन और पैसा खर्च होता रहेगा। 2014 में लोकसभा चुनाव के बाद देश में उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव हुए।
– ” 2018 में 8 राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं, जबकि 2019 में लोकसभा इलेक्शन होने हैं। ये किसी एक पार्टी या एक व्यक्ति का एजेंडा नहीं है। देश के फायदे के लिए सबको मिलकर काम करना होगा। इसके लिए चर्चा होनी चाहिए।”

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