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शरीर में दिख रहे हैं अगर ये बदलाव, तो हैं इस बीमारी की संभावना!

थायराइड

आजकल की भाग-दौड़ भरी जिन्दगी में कोई भी ठीक से अपना ध्यान नहीं रखा पा रहा हैं जिसकी वजह से थायराइड, मधुमेह व हृदय रोग जैसी बड़ी बीमारियों के रोगी काफी संख्या में हो गये है। इनमे से एक बीमारी हैं थायराइड की जिससे पूरे संसार के बहुत सारे लोग प्रभावित हैं। ये बीमारी पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में देखी जाती है। इस बीमारी के लक्षणों को ज्‍यादा गंभीरता से नहीं लिया जाता क्योंकि ये लक्षण आयु बढऩे के साथ व रजोनिवृत्ति के समय ही पाए जाते हैं। इसी कारण से इस बीमारी के होने का पता नहीं चल पाता।

थायरायड ग्रंथि गले में सांस नली के ऊपर, वोकल कॉर्ड के दोनों ओर दो भागों में होती है। इसका आकार तितली जैसा होता है। ये ग्रंथि थाइराक्सिन नामक हार्मोन बनाती है। यह एक ऐसा हार्मोन होता हैं जो शरीर के एनर्जी, प्रोटीन उत्पादन एवं अन्य हार्मोन्स के प्रति होने वाली संवेदनशीलता को कंट्रोल करता हैं। जब थायराइड ग्रंथि ज्यादा मात्रा में थायराइड हार्मोन बनाने लगती है तो इसे हाइपरथायराडिज्म कहते हैं जबकि हाइपोथायरायडिज्म में थायराइड हार्मोन के स्तर में कमी होती है।

यह एक ऐसा रोग हैं जिसकी वजह से शरीर में कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इस बीमारी को महिलाओं में कुछ सामान्य लक्षणों के द्वारा पहचाना जा सकता है। इस बीमारी का पता अगर सही समय पर चल जाए तो इसका इलाज अच्छी तरह किया जा सकता है। तो आइये जानते हैं इसके कुछ सामान्य लक्षण-

अनियमित पीरियड्स- महिलाओं में थायराइड की समस्या होने पर पीरियड्स की अनियमितता शुरू हो जाती है। कई बार इस वजह से पीरिड्स का इंटरवल बढ़ जाता है और 28 दिन की बजाय पीरिड्स और ज्यादा दिन में होते हैं।

डिप्रेशन- थायराइड की बीमारी के कारण आपको डिप्रेशन भी हो सकता है। अगर थायराइड ग्रंथि कम मात्रा में थायरॉक्सिन उत्पन्न करती है तो इससे डिप्रेशन यानि अवसाद वाले हार्मोन एक्टिव हो जाते हैं। डिप्रेशन की वजह से आपको रात में सोने में भी परेशानी होने लगती है।

वजन का तेजी से बढ़ना– थायराइड के कारण मेटाबॉलिज्म भी प्रभावित होता है क्योंकि थायरॉक्सिन हमारे मेटाबॉलिज्म को भी कंट्रोल करता है। मेटाबॉलिज्म के प्रभाव के कारण हम जो भी खाते हैं वो पूरी तरह एनर्जी में नहीं बदल पाता और अतिरक्त वसा के रूप में जमा होता रहता है, जिससे वजन बढ़ने लगता है।

कमजोरी और थकान का महसूस होना- कमजोरी और थकान भी थायराइड का एक प्रमुख लक्षण है। मेटाबॉलिज्म पर थायरॉक्सिन के प्रभाव से जब खाना पूरी तरह एनर्जी में नहीं बदल पाता, तो शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगती है और आपको थकान और कमजोरी शुरू हो जाती है। हालांकि महिलाओं में कमजोरी और थकान का कारण एनीमिया भी हो सकता है। इसलिए अगर आपको ऐसे लक्षण दिखते हैं तो चिकित्सक को दिखाकर जांच करवाएं।

सीने में दर्द होना- अगर आपको हाइपरथायरॉइडिज्म हो गया है तो ये कई गंभीर परिणाम ला सकता है। इसके कारण दिल की धड़कन भी प्रभावित होती है और इसकी वजह से धड़कन अनियमित भी हो सकती है। धड़कन की इसी अनियमतता के कारण कई बार सीने में तेज दर्द की समस्या भी हो सकती है।

भोजन का न करना- थायराइड की समस्या होने पर भूख तेज होने के बावजूद खाना नहीं खाया जाता है और कई बार जरूरत से ज्यादा खाने के बावजूद तेजी से वजन घटता रहता है। इस समस्या का कारण भी शरीर के मेटाबॉलिज्म में असंतुलन है।

सर्दी या गर्मी बर्दाश्त न होना- थायराइड की समस्या में मौसम का प्रभाव हमारे शरीर पर ज्यादा दिखाई देने लगता है। अगर आपको हाईपोथॉयरायडिज्म है तो आपको ज्यादा ठंड नहीं बर्दाश्त होगी और अगर आपको हायपरथॉयरायडिज्म है तो ज्यादा गर्मी नहीं बर्दाश्त होगी।

स्मरण शक्ति की क्षमता पर प्रभाव- थायराइड के कारण आपकी स्मरण शक्ति और सोचने-समझने की क्षमता पर भी प्रभाव पड़ता है। इस कारण से आपकी याददाश्त कमजोर हो सकती है। इसके अलावा थायराइड की समस्या में व्यक्ति का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है।

पेट की समस्या- थायराइड होने पर पेट की गड़बड़ियां जैसे कब्ज आदि की समस्या शुरू हो जाती है। इसके कारण खाना पचाने में दिक्कत होती है साथ ही इस रोग में खाना आसानी से गले से नीचे नहीं उतरता है।

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