लाइफस्टाइल

Ramadan 2018: चांद से रोशन हो रमज़ान तुम्हारा इबादत से भरा हो रोजा तुम्हारा, भेज़ें रमज़ान के ऐसे ही मैसेज

Ramadan 2018: चांद से रोशन हो रमज़ान तुम्हारा इबादत से भरा हो रोजा तुम्हारा, भेज़ें रमज़ान के ऐसे ही मैसेज

नई दिल्ली: रमज़ान का पाक महीना शुरू होने वाला है. यह पूरा महीना 30 दिनों का होता है, इस पूरे महीने रोज़े रखे जाते हैं. इस्लामी कैलेंडर में इस महीने को हिजरी कहा जाता है. मान्यता है कि हिजरी के इस पूरे महीने में कुरान पढ़ने से ज्यादा सबाब मिलता है. वहीं, रोज़े को इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक माना गया है. इस महीने मुसलमान ताक्वा को प्राप्त करने के लिए रोज़े रखते हैं. ताक्वा का अर्थ है अल्लाह को नापसंद काम ना कर उनकी पसंद के कार्यों को करना. आसान शब्दों में कहा जाए तो ये महीना मुसलमानों के लिए सबसे खास होता है, ऐसे में अपने मुसलमान दोस्तों या फिर परिवारवालों को रमज़ान की बधाई देना जरूरी हो जाता है.

यहां 12 शायरी और मैजेस दिए जा रहे हैं जिन्हें आप हर दिन रमज़ान की शुभकामनाएं दे सकते हैं…

रमजान आया है, रमजान आया है
रहमतों का बरकतों का महीना आया है
लूट लो नेकियां जितना लूट सकते हो
पूरे एक साल में ये ऑफर का महीना आया है

हटा कर जुल्फें चेहरे से न छत पर शाम को जाना
कहीं कोई ईद न कर ले अभी रमजान बाकी है

हुस्न -ऐ-मुजसिम हो या सांवली सी सूरत
इश्क अगर रूह से हो तो हर रूप बा-कमाल दिखता हैn

तेरी सादगी का हुस्न भी लाजवाब है
मुझे नाज़ है के तू मेरा इंतखाब है

गुल ने गुलशन से गुलफाम भेजा है
सितारों ने आसमान से सलाम भेजा है
मुबारक हो आपको रमज़ान का महीना
ये पैगाम हमनें सिर्फ आपको भेजा है

आसमान पे नया चांद है आया
सारा आलम खुशी से जगमगाया
हो रही है सहर-ओ-इफ्तार की तैयारी
सज रही हैं दुवाओं की सवारी
पूरे हों आपके हर दिल के अरमान
मुबारक हो आप सब को प्यारा रमजान
n

चांद से रोशन हो रमजान तुम्हारा
इबादत से भरा हो रोजा तुम्हारा
हर रोरा और नमाज़ कबूल हो तुम्हारी
यही अल्लाह से है दुआ हमारी

किसी का ईमान कभी रोशन ना होता
आगोश में मुसलमान के अगर कुरान ना होता
दुनिया ना समझ पाती कभी भूख और प्यास की कीमत
अगर 12 महीनों मे 1 रमजान न होता

खुशिया नसीब हो जन्नत करीब हो
तू चाहे जिसे वो तेरे करीब हो
कुछ इस तरह हो करम अल्लाह का
मक्का और मदीना की तुझे ज़ियारत नसीब हो

चुपके से चांद की रोशनी छू जाए आपको
धीरे से ये हवा कुछ कह जाए आपको
दिल से जो चाहते हो मांग लो खुदा से
हम दुआ करते है मिल जाए वो आपको

हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की
और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की
शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुद से है
क्या ज़रुरत थी तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की

दुपट्टा क्या रख लिया सिर पर
वो दुल्हन सी नज़र आने लगी
उनकी तो अदा होगी
अपनी जान जाने लगी

Leave a Comment