लाइफस्टाइल

ये नन्हा सा काला कलूटा फल जानिए आपके लिए कितना फायदेमंद है

ये नन्हा सा काला कलूटा फल जानिए आपके लिए कितना फायदेमंद है

नई दिल्ली। फालसा से तो सभी लोग भलीभांति परिचित होंगे। नन्हा सा काला कलूटा फल फालसा न केवल लू से बचाता है बल्कि यह तेज धूप से चेहरे के जलन और कालेपन को दूर करने के साथ ही हृदय रोग, मघुमेह और लीवर रोग के लिए लाभदायक है। फालसा एक से दो सेन्टीमीटर आकार का गोल फल है जो कच्चे में बैंगनी, लाल, पीला और पकने पर काले रंग का हो जाता है। शरीर में पानी की कमी दूर करने और ठंडी तासीर वाले इस फल में कई प्रकार के विटामिन के साथ ही अनेक तरह के खनिज पदार्थ होते हैं जो इसके औषधीय गुणों को बढ़ा देते हैं।

बंजर, ऊसर और असिचित क्षेत्र में फालसे के पेड़ आसानी से लग जाते हैं और भरपूर उत्पादन भी देते हैं। फालसे में 14.7 ग्राम कार्बोहाईड्रेट, 1.3 ग्राम प्रोटीन, 0.9 ग्राम वसा, 1.2 ग्राम रेसा, 419 माइक्रोग्राम बीटा कैरोटिन, 0.3 मिलीग्राम विटामिन बी 3 और 22.0 मिलीग्राम विटामिन सी पाया जाता है। इसके अलावा इसमें 3.1 मिलीग्राम आयरन, 3.51 मिलीग्राम पोटेशियम, 4.0 मिलीग्राम सोडियम, 129 मिलीग्राम कैल्शियम और 39 मिलीग्राम फास्फोरस भी पाया जाता है।

एक से दो माह तक मिलने वाला खट्टा-मीठा फल फालसा इन दिनों बाजार में उपलब्ध है। इसकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसका भंडारण दो से तीन दिन तक ही किया जा सकता है। इससे मूल्यवर्द्धित उत्पाद बनाकर इसकी उपयोगिता को बढाया जा सकता है जो प्रचलन में नहीं है। फालसे से जैम, चटनी और अचार तैयार किये जा सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार फालसा कई प्रकार की बीमारियों में लाभदायक है। लू लगने, शरीर में जलन और अधिक प्यास लगने पर फालसे का रस लाभदायक है। यह शरीर में पानी की कमी को दूर करता है। अधिक गर्मी से होने वाली घबराहट, मानसिक तनाव और सिरदर्द को दूर करने में इसका फल उपयोगी है। हृदय रोग और मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए इस फल का सेवन लाभदायक होता है। फालसे के रस को जीरा और सोंठ के साथ सेवन करना हृदय रोग के लिए लाभदायक है।

फालसे के पेड़ का छाल मधुमेह में लाभदायक है। पेटदर्द, बदहजमी, गैस आदि की समस्या के समाधान में इसका रस लाभदायक साबित हुआ है। इसके रस में अजवाइन मिलाकर पीने से पेटदर्द से राहत मिलती है। कच्चे फल की चटनी भोजन को जल्दी पचाने में सहायक है। मूत्र रोग में इसका जड़ का हिस्सा लाभदायक साबित हुआ है। फालसे की पत्तियों का उपयोग चेहरे पर कालापन, झाइयां और मुहांसों को दूर करने के लिए किया जाता है।
खून की कमी को दूर करने में फालसे का रस उपयोगी है। फालसे के चूर्ण में काला नमक आजवाइन और जीरा मिलाकर खाने से रक्त शुद्ध होता है। इसका रस कई प्रकार के अन्य रक्त विकारो को दूर करने में सहायक होता है। बंजर, ऊसर और असिंचित क्षेत्रों में फालसे के फल की व्यावसायिक खेती की जा सकती है जिससे किसान अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि जानकारी के अभाव में बाजार में अच्छी मांग के बावजूद किसान व्यावसायिक ढंग से इसकी पैदावार नहीं ले पा रहे है।

Leave a Comment