मध्यप्रदेश

10 सीएचसी और 51 पीएचसी को काया-कल्प अवार्ड

भोपाल : (सुनीता दुबे)———-प्रदेश के 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों(सीएचसी) और 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पीएचसी) के लिये काया-कल्प अवार्ड 2017-18 घोषित किये हैं।

जबलपुर के सिविल अस्पताल रानी दुर्गावती और सीहोर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, इछावर को पिछले वर्षों में निरंतर अच्छा कार्य करने के कारण कंटीन्यूड एक्सीलेंस अवार्ड दिया गया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कट्ठीवाड़ा (अलीराजपुर) को प्रथम पुरस्कार दिया गया है। इन तीनों को पुरस्कार स्वरूप 10 लाख रुपये की राशि दी जायेगी। टीकमगढ़ के बड़गाँव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को को 5 लाख रुपये का द्वितीय पुरस्कार मिला है।

देवास के कन्नौद, टीकमगढ़ के पलेरा, शिवपुरी के पिछोर और कोलारस, पन्ना के देवेन्द्रनगर और राजगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को सांत्वना पुरस्कार दिया जायेगा।

काया-कल्प अवार्ड के लिये 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चयनित किये गये हैं। इनमें इंदौर संभाग के बोरी, दसई, सिमरोल, सरौला, बामनिया, करही, उज्जैन संभाग का नेमावर और नाहरगढ़, ग्वालियर संभाग के फूफ, पनवाड़ीहाट, चिन्नौर, सुमावली, खोड, वीरपुर, भोपाल संभाग के रातीबढ़, बैतूल बाजार, सांडिया, रहटगाँव, देहगाँव, कुरवार, अमलाहा और लायरा, रीवा संभाग के नौरोजाबाद, बिठौली, बरगवाँ, खन्नौधी और अमरकंटक, जबलपुर संभाग के कटंगी, बांदोल, पगारा, किशलपुरी, हटा, बिलहरी, पिंडरई और बोहानी, सागर संभाग के ढाना, राजनगर, रैपुरा, सदगुआ और लिधौरा शामिल हैं। इन्हें 2-2 लाख रुपये की राशि दी जायेगी।

काया-कल्प के नोडल अधिकारी डॉ. पंकज शुक्ला ने बताया कि काया-कल्प अभियान के 6 विधाओं के 250 बिन्दुओं पर सुधार कार्य कर मरीज को अच्छा और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाया जाता है। इनमें मुख्य रूप से भवन का रख-रखाव, संक्रमण नियंत्रण, सहायक सेवाएँ, अपशिष्ट निष्पादन, मूलभूत सुविधाएँ, बैठक व्यवस्था, शौचालय आदि शामिल हैं।

अस्पतालों में इन्फेक्शन पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। काया-कल्प अभियान में अधिकांश जिला चिकित्सालयों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है, जिससे संतुष्ट होने के कारण मरीजों में वृद्धि हुई है। प्रदेश के अधिकांश अस्पतालों में पिछले 3 सालों में 70 प्रतिशत तक सुधार किया है।

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