मध्यप्रदेश

16 हजार 200 मेगावाट ट्रांसमिशन सिस्टम की उपलब्धता 99.15 प्रतिशत

भोपाल : (प्रलय श्रीवास्तव )——मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के लिए बीता वित्तीय वर्ष उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा।

इस दौरान प्रदेश के अति-उच्चदाब उपकेन्द्रों की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता 55,880.5 एमवीए, अति-उच्चदाब लाईनों की कुल लम्बाई 33270.39 सर्किट किलोमीटर एवं अति-उच्चदाब उपकेन्द्रों की कुल संख्या 345 हो गई है।

वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान कंपनी द्वारा 14 नए उपकेन्द्रों का निर्माण कर उन्हें ऊर्जीकृत किया गया तथा कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता में 2464.5 एमवीए की वृद्धि की गई।

इस प्रकार वर्ष 2017-18 की अवधि में पारेषण क्षमता में 1100 मेगावाट की वृद्धि हुई। कंपनी के गठन के समय प्रदेश की पारेषण क्षमता 3890 मेगावाट थी, जो बढ़कर वर्ष 2017-18 में 16 हजार 200 मेगावाट हो गई है।

ट्रांसमिशन के बेहतर प्रबंधन और सुदृढ़ नेटवर्क के कारण पूरे राज्य में सफलतापूर्वक बिजली की गुणवत्तापूर्ण सप्लाई की गई है।

मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा बीते वित्तीय वर्ष के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम (पारेषण प्रणाली) की उपलब्धता 98 प्रतिशत निर्धारित की गई थी।

पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने अपने बेहतर प्रबंधन और सुदृढ़ नेटवर्क के कारण ट्रांसमिशन सिस्टम की उपलब्धता 99.15 प्रतिशत तक प्राप्त की है।

वर्ष 2016-17 में उपकेन्द्रों की संख्या 331 थी, जो 2017-18 में बढ़कर 345 हो गई। इसी तरह ट्रांसफामेंशन क्षमता 53,416 एमवीए थी, जो वर्ष 2017-18 में बढ़कर 55,880.5 एमवीए हो गई।

ट्रांसफार्मर की संख्या 2016-17 में 810 थी, जो वर्ष 2017-18 में बढ़कर 836 हो गई। वर्ष 2016-17 में ट्रांसमिशन लाइनों की लम्बाई 32,369.39 सर्किट किलोमीटर थी, जो 2017-18 में बढ़कर 33,270.39 सर्किट किलोमीटर हो गई।

कंपनी के गठन के बाद पारेषण हानि 7.93 प्रतिशत थी, वर्ष 2017-18 में घट कर 2.75 प्रतिशत पर पहुँच गई, जो नियामक आयोग के निर्धारित मापदण्ड 2.82 प्रतिशत से कम है।

वर्ष 2017-18 के दौरान विगत 28 दिसम्बर को पारेषण प्रणाली क्षमता 12 हजार 240 मेगावाट की अधिकतम मांग की आपूर्ति की गई।

Leave a Comment