मध्यप्रदेश

व्यापारियों के सुझाव पर प्रदेश की ””व्यापार नीति”” बनेगी – श्री मदनमोहन गुप्ता

व्यापारियों के सुझाव पर प्रदेश की ””व्यापार नीति”” बनेगी – श्री मदनमोहन गुप्ता

उज्जैन – ईपत्रकार.कॉम |मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जिस प्रकार समाज के विभिन्न वर्गों की पंचायतें भोपाल में आयोजित कर उनके कल्याण के लिए नीतियां एवं कार्यक्रम बनाए हैं, उसी प्रकार आगामी जुलाई माह में भोपाल में व्यापारियों की महापंचायत आयोजित कर उनके कल्याण की नई योजनाएं बनाई जाएंगी। ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन ने आज गुरूवार को मेला कार्यालय में सम्पन्न व्यवसायिक संगठनों की बैठक में यह बात कही।

 बैठक की अध्यक्षता करते हुए मप्र व्यापार संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष श्री मदनमोहन गुप्ता ने कहा कि उनके द्वारा उज्जैन सहित प्रदेश के सभी जिलों में आज से निरन्तर व्यवसायिक संगठनों की बैठकें कर व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझाव के आधार पर प्रदेश की व्यापार नीति तैयार किए जाने के लिए शासन को सुझाव दिए जाएंगे, जिनके आधार पर प्रदेश की व्यापार नीति बनाई जाएगी। बैठक में कलेक्टर श्री मनीष सिंह सहित उद्योग, वाणिज्यिक कर तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं जिले के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।

””व्यापार नीति”” बनाने का हक व्यापारियों को

        मप्र व्यापार संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष श्री मदनमोहन गुप्ता ने कहा कि मध्य प्रदेश के व्यापारियों को यह हक है कि वे स्वयं यहां की व्यापार नीति का निर्धारण करें। वे सुझाव दें कि प्रदेश में ””सुखी व्यापारी एवं समृद्ध व्यापार”” के शासन के लक्ष्य को कैसे पूरा किया जाए। उन्होंने व्यापारियों का आव्हान किया कि वे प्रदेश में व्यापार एवं व्यवसाय की तरक्की के लिये अपने बहुमूल्य सुझाव अवश्य दें।

आप परेशानी बताएं, हम उन्हें दूर करेंगे

        श्री मदनमोहन गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में जीएसटी लगने के बाद व्यापारियों में एक कसमसाहट-सी है। वे जीएसटी की तारीफ जरूर करते हैं, परन्तु उन्हें खासतौर पर छोटे व्यापारियों को प्रक्रियात्मक परेशानियां हैं। नई पद्धति से परिचित होने में थोड़ा समय लगेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि व्यापारी अपनी परेशानियां खुलकर बताएं, शासन उन्हें दूर करेगा।

कस्बों में जाकर सुविधा प्रदान करें

        श्री गुप्ता ने वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे जीएसटी के सम्बन्ध में कस्बों में जाकर व्यापारियों को मार्गदर्शन एवं सुविधाएं प्रदान करें, जिससे उन्हें टैक्स भरने में कोई परेशानी न आये।

””आपकी सरकार, आपके द्वार””

        मंत्री श्री पारस जैन ने व्यापारियों से कहा कि आपके व्यापार-व्यवसाय, उद्योग आदि में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिये ””आपकी सरकार आपके द्वार”” आई है। आप अपनी समस्याएं बताएं, उन्हें तुरन्त दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी के माध्यम से आप समय पर टैक्स भरकर देश को मजबूत करेंगे। इससे ””सबका साथ, सबका विकास”” का नारा सार्थक होगा।

मैं मंत्री के साथ व्यापारी भी हूं

        श्री पारस जैन ने कहा कि मैं मंत्री होने के साथ व्यापारी भी हूं तथा व्यापारियों की समस्याओं को अच्छी तरह समझता हूं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश शासन ऊर्जा विभाग ने व्यापार-व्यवसाय के लिए भरपूर बिजली उपलब्ध कराए जाने के साथ ही पॉवरलूम सहित नये उद्योगों को दी जाने वाली बिजली की छूट का दायरा काफी बढ़ा दिया है। भरपूर बिजली मिलने से उत्पादन भी बढ़ा है।

व्यापारी संगठनों द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए

        बैठक में उज्जैन जिले के विभिन्न व्यापारिक संगठनों दौलतगंज होलसेल किराना व्यापारी एसोसिएशन, मंडी व्यापारी एसोसिएशन, खेरची किराना व्यापारी संघ, चेम्बर ऑफ कॉमर्स, पॉवरलूम एसोसिएशन, खाद बीज दवाई विक्रेता संघ, बड़ा सराफा व्यापारी संघ, लखेरवाड़ी व्यापारी एसोसिएशन, पोहा परमल निर्माता संघ, लघु उद्योग भारती, लघु उद्योग भारती (महिला) आदि द्वारा व्यापार, व्यवसाय एवं उद्योगों में बेहतरी के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।

व्यापारियों द्वारा दिए गए प्रमुख सुझाव
  • मंडी शुल्क कम किया जाए।
  • विभिन्न प्रकार के लायसेंस की अवधि में एकरूपता हो।
  • प्रसंस्करण के लिए करों में छूट दी जाए।
  • बैंकों द्वारा लिए जाने वाले प्रोसेसिंग चार्जेस में एकरूपता हो।
  • व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण के लिये फास्ट ट्रैक कोर्ट हों।
  • उज्जैन में ट्रांसपोर्ट नगर बनाया जाए।
  • नैट कनेक्टिविटी बेहतर की जाए।
  • जीएसटी की विसंगतियों को दूर किया जाए।
  • मंडियों को भी उद्योग का दर्जा देकर, उद्योगों जैसी सुविधा मिले।
  • जीएसटी का सरलीकरण हो।
  • कर में 20 लाख की छूट की सीमा को बढ़ाया जाए।
  • सभी वस्तुओं का एक जैसा कोड हो, जिससे रिटर्न भरने में आसानी हो।
  • पेट्रोल, डीजल एवं शराब को भी जीएसटी के दायरे में लें।
  • सभी पर एक जैसा जीएसटी हो।
  • नये उद्योगों की कई तरह पुराने उद्योगों को भी सरकार की ओर से छूट मिले।
  • पॉलीथीन पर प्रतिबंध के साथ ही उसका विकल्प भी बताया जाए।
  • आगर रोड औद्योगिक क्षेत्र को अधिसूचित करें तथा वहां सड़कें, नाली निर्माण आदि कार्य हों।
  • जीएसटी का रिटर्न भरने पर उसकी रसीद भी मिले।
  • बड़े सराफे में ठेके वाले एवं फेरी वालों को व्यवस्थित किया जाए।
  • हॉलमार्क कराने के लिये भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा हॉलमार्क सेन्टर्स खोले जाएं।
  • जीएसटी में दोहरे टैक्स की व्यवस्था हटाई जाए।
  • ऑटोमोबाइल्स में टैक्स की छूट समान होनी चाहिए।
जिला प्रशासन पूरा सहयोग करेगा

        बैठक में कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने कहा कि जिले में व्यापार, व्यवसाय एवं उद्योगों के विकास के लिए जिला प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। किसी को भी यदि कोई परेशानी आती है तो तुरन्त जिला प्रशासन से सम्पर्क करे। समस्या का त्वरित निराकरण किया जाएगा। बैठक में व्यापारिक संगठनों से आए सुझावों को शासन को भिजवाया जाएगा।

अब एक ही रिटर्न देना होगा

        बैठक में वाणिज्य कर विभाग के उपायुक्त डॉ.गोपाल परमार ने जीएसटी के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक व्यापारियों को एक माह में 3 रिटर्न भरने होते थे, परन्तु शासन अब ऐसी व्यवस्था कर रहा है, जिससे व्यापारियों को 3 की जगह 1 ही रिटर्न भरना होगा। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा छोटे-छोटे स्थानों पर जीएसटी सुविधा प्रोवाइडर केन्द्र खोले जा रहे हैं, जो न केवल जीएसटी के सम्बन्ध में व्यापारियों को मार्गदर्शन देंगे, अपितु जीएसटी भरने में उनका सहयोग भी करेंगे।

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