मध्यप्रदेश

12वीं में 70% अंक लाने वाले छात्रों की कॉलेज की पढ़ाई मुफ्त होगी, शिवराज ने किया बड़ा ऐलान

12वीं में 70% अंक लाने वाले छात्रों की कॉलेज की पढ़ाई मुफ्त होगी, शिवराज ने किया बड़ा ऐलान

भोपालः अब से कुछ ही देर में एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं कक्षा के नतीजे घोषित होने वाले हैं, एमपी बोर्ड द्वारा जारी सूचि में इसका समय सुबह 10.30 मिनट रखा गया था जिसे बढ़ाकर सुबह 11.15 बजे कर दिया गया है, यानि इसके बाद प्रदेश के सभी छात्रों को उनके भविष्य के बारे में पता चल जाएगा, कि आगे की रणनीति क्या होगी। इसे लेकर प्रदेश में 10वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले सभी छात्रों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। जैसे जैसे समय नजदीक आ रहा है। छात्रों की धड़कने बढ़ती जा रही हैं। इसी उत्साह को और बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने एमपी बोर्ड से पढ़कर 70 फीसदी से ज्यादा अंक लाने वाले छात्रों को एक बड़ी सौगात दी है।

मेघावी छात्रों को सीएम की सौगात

हालांकि, छात्रों को दी गई इस सौगात का जिक्र सीएम पहले भी कई बार कर चुके हैं, इसी को लेकर रविवार को सीएम ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘दिल से” के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहीं थी, जिस पर मुहर लगाते हुए उन्होंने अपनी और से एक ट्वीट जारी करते हुए एमपी बोर्ड में पढ़ने वाले छात्रों को सौगात दी है। सीएम ने ट्वीट करते हुए कहा कि, “12वीं कक्षा में 70% से अधिक अंक लाने वाले बच्चों की उच्च शिक्षा की पूरी फीस प्रदेश सरकार भरवायेगी।” यानि 12वीं कक्षा के ऐसे छात्र जिनके अंक प्रतिशत 70 फीसदी से ज्यादा आएंगे, उनकी भविष्य की अगली पढ़ाई का खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी। इससे एक बात और भी साफ है, कि सीएम ने भविष्य के छात्रों से ये बात भी की है कि, आप सिर्फ पढ़ते जाएं और उत्तीण अंको से पास होते जाएं, इसके बाद आपको और आपके माता पिता को ये बात सोचने की जरूरत नही कि, उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए फीस कहां से जुटाएंगे। ऐसे बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी सरकार की होगी।

गरीब परिवार के छात्रों को दी उससे बड़ी सौगात

इसके अलावा सीएम ने अपने द्वारा जारी किए ट्वीट में एक और बात कही, जिसमें उन्होंने आर्थिक रूप से कमजौर परिवारों के मेघावी छात्रों को भी एक बड़ी सौगात दी हैं, ट्वीट में सीएम ने आगे कहा कि, “अब हमने एक फैसला और किया है कि जो परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन परिवारों के बच्चों के लिए 70% अंकों की शर्त भी अनिवार्य नहीं रहेगी।” यानि ऐसे छात्र जो पढ़ने की इच्छा रखते हैं और परीक्षा में उत्तीर्ण अंको से पास होते हैं। लेकिन उनके परिवार की आर्थिक हालत ठीक ना होने के कारण वो अपनी परीक्षा सीधे तौर पर जार नहीं रख पाते, ऐसे छात्रों को सौगात देते हुए ‘मामा’ शिवराज ऐलान किया है कि, इन छात्रों के लिए 70 फीसदी अंक लाने की भी कोई शर्त नहीं है, वो सिर्फ ये तय करें कि, उन्हें आगे भी पढ़ाई जारी रखना है, उनके इस हौसले को प्रदेश सरकार उड़ान देगी और उनकी आगामी पढ़ाई का खर्च उठाएगी।

पास ना होने वाले छात्रों को सीएम की सलाह

इससे पहले रविवार को सीएम ने दिल से कार्यक्रम में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में अच्छे नंबरों से पास होने वाले विद्यार्थियों को अग्रिम बधाई दी। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि असफल होने पर निराश होने की जरूरत नहीं है, ऐसे छात्रों को ये सोचना चाहिए कि वो आगे और ज्यादा बेहतर ढंग से तैयारी करें। सीएम ने आगे कहा था कि, केवल डिग्री अथवा अच्छे नंबर आना सफल होने की गारंटी नहीं है। सीएम ने महात्मा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम , मैरी कॉम , सचिन तेंदुलकर , अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति जार्ज वाशिंगटन का उदाहरण देते हुए कहा कि, परीक्षा में कम नंबर आने के बावजूद उन्होंने महान काम किए।

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