मध्यप्रदेश

आवासीय पट्टों की भूमि का हो सकेगा कमर्शियल उपयोग

आवासीय पट्टों की भूमि का हो सकेगा कमर्शियल उपयोग

भोपाल । राज्य सरकार ने स्थाई आवासीय पट्टों के नवीनीकरण तथा शर्त उल्लंघन के प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया के संबंध में आज महत्वपूर्ण निर्णय लिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में तय किया गया कि आवासीय क्षेत्रों में स्थाई पट्टाधारकों द्वारा जमीन के कमर्शियल उपयोग के बाद होने वाले नवीनीकरण की समस्या को नियमों के सरलीकरण से दूर किया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग ने नई व्यवस्था स्थापित की है। स्थाई पट्टे के नवीनीकरण या शर्त उल्लघंन का मामलों कलेक्टर की निगरानी में होगा। वहीं पट्टा अवधि नवीनीकरण के आवेदन करने पर पहले 5 फीसदी प्रीमियम की राशि जमा कराना होगी। उसके बाद नवीनीकरण किया जा सकेगा। स्थल निरीक्षण नजूल अधिकारी या तहसीलदार नजूल के माध्यम से कराया जाएगा। यह अधिकारी पट्टेदार द्वारा जमा भू-भाटक, बकाया राशि, उल्लंघन या अपालन की स्थिति रिपोर्ट देंगे, जिसके आधार पर कलेक्टर 30 वर्ष के लिये पट्टे का नवीनीकरण कर सकेंगे। नवीनीकरण से पहले वार्षिक भू-भाटक भरना होगा। तय किया गया है कि पट्टे की वैधता अवधि में अथवा नवीनीकरण के बाद यदि पट्टेदार पट्टे का उपयोग कमर्शियली करना चाहता है तो वह निर्धारित राशि चुकाकर उसका उपयोग कर सकता है। आवेदन के छह माह के भीतर पट्टे के नवीनीकरण की कार्यवाही की जा सकेगी। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि यह मांग लंबे समय से की जा रही थी। सरकार के इस निर्णय के बाद करीब 5 लाख लोग इससे लाभान्वित होंगे।

कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों के कुल 18 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 17 पर निर्णय हुआ। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में सरकार ने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित वेंचुरा एयरक्राफ्ट की ही तरह प्रभातम एयरक्राफ्ट को हरी झंडी प्रदान की। नौ सीटर एयरक्राफ्ट की यह सेवा अंतरर्राज्जीय स्तर पर हवाई उड़ानों की सेवाएं देंगी, जिसमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित हवाई पट्टियों वाले शहरों से इसे जोड़ा जाएगा। इसके अलावा यह कंपनी एयर एबुलेंस और आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए भी अपनी सेवाएं प्रदान करेगी।

इस योजना का क्रियान्वयन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण विभाग, विमुक्त घुमक्कड़, एवं अद्र्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण विभाग, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य पालन विभाग और पशुपालन विभाग द्वारा किया जाएगा।

सहकारिता विभाग
मंत्रिपरिषद ने राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक एवं 38 जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों के शेष कर्मचारियों के संविलियन के लिए नयी संविलियन योजना को अनुमोदित किया। संविलियन योजना की अवधि 31 मार्च 2019 रखी गई है।

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