मध्यप्रदेश

सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिये खर्च होंगे 1 लाख 10 हजार करोड़ : CM

सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिये खर्च होंगे 1 लाख 10 हजार करोड़ : CM

भोपाल। बिजनेस लीडर्स समिट को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होना चाहिये। इसके लिये संविधान में संशोधन होना चाहिये, साथ ही कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने पर एक लाख दस हजार करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे।

समिट में सीएम ने बताया कि, इससे सत्ताधारी राजनीतिक दलों को विकास योजनाएं बनाने और उन्हें अच्छी तरह लागू करने का समय मिलेगा। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनावों से धन और ऊर्जा दोनों का क्षय होता है। प्रयोग के तौर पर प्रदेश में पंचायतों, नगरीय निकायों, सहकारिता संस्थाओं, जल उपभोक्ता संस्थाओं और अन्य संस्थाओं के चुनाव एक साथ कराने पर विचार किया जायेगा।

‘मध्यप्रदेश में हुआ अभूतपूर्व विकास’
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने पर एक लाख दस हजार करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। अगले 5 सालों में सिंचाई क्षमता बढ़ाकर 80 लाख हेक्टेयर की जायेगी। सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश का अभूतपूर्व विकास हुआ है। प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। विकास दर पिछले 13 सालों में दो अंकों में रही है।

प्रदेश की 65 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर निर्भर
उन्होंने कहा कि प्रदेश की 65 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। किसानों ने अभूतपूर्व कृषि उत्पादन दिया है। कृषि उत्पादन अब समस्या नहीं रही। अब किसानों को सही मूल्य दिलाने की चुनौती है। इसके लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य, भावांतर भुगतान योजना और मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना जैसे बेहतर विकल्प उपलब्ध कराये गये है। उन्होंने कहा कि भावांतर भुगतान योजना को पूरे देश में लागू करने पर केन्द्र विचार कर रहा है।

1908 से बासमती चावल का उत्पादन
बासमती चावल के मुददे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रदेश के किसान 1908 से बासमती चावल का उत्पादन कर रहे हैं। कनाडा और अमेरिका में जितना बासमती चावल का निर्यात होता है, उसमें 50 प्रतिशत सिर्फ मध्यप्रदेश से हो रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ निर्यातकों और विशेष रूप से पाकिस्तान को यह पसंद नहीं कि, मध्यप्रदेश के बासमती चावल को भौगोलिक पहचान का प्रमाणपत्र मिले। बासमती उत्पादक किसानों के लिये पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेंगे और जीतेंगे।

श्रमिकों का मिलेगा मुफ्त इलाज
सीएम ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने से राज्यों का राजस्व आधार मजबूत हुआ है। राज्य को केन्द्रीय करों और अन्य योजनाओं में एक लाख करोड़ रुपये मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री असंगठित क्षेत्र श्रमिक कल्याण योजना देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना है। श्रमिकों के बच्चों की पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई-लिखाई, श्रमिकों का मुफ्त इलाज जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

गुंडों को सबक सिखाने में नागरिकों का सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को 2022 तक पक्का मकान मिलेगा। वे आवासीय जमीन के मालिक होंगे। पूर्ण शराब बंदी के बारे में अपने विचार रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, यह सामाजिक जन-जागरण से जुड़ा विषय है। इसकी हानि के प्रति जागरूकता बढ़ाकर इसे पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। कानून व्यवस्था के संबंध में उन्होंने कहा कि सरकार गुंडो के लिये कठोर है। गुंडों को सबक सिखाने में नागरिकों का सहयोग चाहिये।

निर्माण इकाइयों का संचालन सौंपने का फैसला
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, महिलाओं के स्व-सहायता समूहों के परिसंघों को पोषण आहार तैयार करने की निर्माण इकाइयों का संचालन सौंपने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगले 6 महीनों में महिला स्व-सहायता समूहों के परिसंघ पोषण आहार कारखानों का संचालन करने की स्थिति में होंगे।

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