मध्यप्रदेश

कमलनाथ के शब्‍दों में उनके संस्‍कार झलकते हैं: शिवराज सिंह चौहान

कमलनाथ के शब्‍दों में उनके संस्‍कार झलकते हैं: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्‍ली: कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष कमलनाथ द्वारा की गई टिप्‍पणी और उसमें इस्‍तेमाल किए गए शब्‍दों से मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बेहद आहत हैं. आहत शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कमलनाथ के शब्‍दों में न केवल उनके बल्कि कांग्रेस पार्टी के संस्‍कार झलक रहे हैं. उन्‍होंने मेरे लिए नालायक, वैश्‍या और जनरल डायर जैसे शब्‍दों का इस्‍तेमाल किया है. कमल नाथ ने जिस तरह के संस्‍कार दर्शाए हैं, वह संस्‍कार न ही प्रदेश की जनता पसंद करती है और न ही ये शब्‍द हमारे देश के संस्‍कारों के अनुरूप हैं.

उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष कमलनाथ द्वारा जिस तरह की शब्‍दावली का इस्‍तेमाल किया गया है, उससे उनकी और कांग्रेस पार्टी की बौखलाहट साफ नजर आ रही है. दरअसल, मेरे नेतृत्‍व वाली बीजेपी सरकार ने मध्‍य प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. नतीजनत, कांग्रेस की बौखलाहट है कि मेरे रहते वह मध्‍य प्रदेश की सत्‍ता हासिल करे में सफल नहीं हो सकते हैं. सत्‍ता की राहत में कांग्रेस मुझे सबसे बड़ा कांटा मानती है. लिहाजा, कांग्रेस पार्टी के नेता न केवल मेरे ऊपर अनरगल आरोप लगा रहे हैं, बल्कि मेरे लिए अपशब्‍दों का इस्‍तेमाल भी कर रहे हैं.

मध्‍य प्रदेश में बढ़ा है बीजेपी का आधार
एंटी इंकम्‍बेंसी को लेकर मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि यह शब्‍द का इस्‍तेमाल विपक्ष के नेता खुद को खुश करने के लिए कर रहे हैं. बीते 15 साल में हमारी सरकार ने सिर्फ जनता के हितों में ध्‍यान में रखकर विकास का कार्य किया है. इसी का नतीजा है कि मध्‍य प्रदेश में 2008 और 2013 की अपेक्षा बीजेपी के आधार में बढ़ोत्‍तरी हुई है. प्रदेश में बीजेपी के बढ़े हुए जनाधार का प्रमाण कोई भी जन आर्शीवाद यात्रा के दौरान देख सकता है. प्रदेश की जनता, सरकार का चुनाव विकास के कार्यों और विकास की रफ्तार को देख कर करती है.

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, कांग्रेस के नेता भले ही बाहर से खुद को एक दिखाने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन मुख्‍यमंत्री के पद को लेकर आपस में सभी बटे हुए हैं. कांग्रेस के चुनाव प्रचार में इसका सबसे बड़ा प्रमाण नजर आता है. जैसे जैसे इलाके बदलते हैं, वैसे वैसे लोगों के लिए उनका मुख्‍यमंत्री पद का उम्‍मीदवार बदल जाता है. कहीं पर ‘अबकी बार सिंधिया सरकार’ सुनने को मिलता है, कहीं ‘अब की बार कमलनाथ सरकार’ चल रहा है तो कई पर ‘कांतिलाल भूरिया सरकार’ के नारे लगाए जा रहे हैं. कांग्रेस में कार्यकर्ताओं से लेकर आलाकमान तक किसी को पता नहीं है कि उनका मुख्‍यमंत्री पद का उम्‍मीदवार कौन है.

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