मध्यप्रदेश

आलोचना की चिंता नहीं, हमें पर्यावरण बचाना है, इसलिए इस बार 15 जुलाई से 15 अगस्त तक पेड़ लगाएंगे : सीएम शिवराज

आलोचना की चिंता नहीं, हमें पर्यावरण बचाना है, इसलिए इस बार 15 जुलाई से 15 अगस्त तक पेड़ लगाएंगे : सीएम शिवराज

भोपाल/होशंगाबाद. मुझे किसी की आलोचना की चिंता नहीं है, कोई गाली दे तो देता रहे। हमें पर्यावरण की चिंता है। इसलिए इस बार हमने तय किया है कि पेड़ एक महीने तक अभियान चलाकर लगाएंगे। 15 जुलाई से 15 अगस्त तक पूरे प्रदेश में पेड़ लगाए जाएंगे। ये घोषणा सीएम शिवराज सिंह चौहान ने होशंगाबाद में नर्मदा सेवा यात्रा के एक साल पूरे होने के कार्यक्रम में की।

– उन्होंने कहा, पेड़ सिर्फ एक दिन नहीं लगाए जाने चाहिए, उससे हड़बड़ी हो जाती है, इसलिए इस बार एक महीने तक अभियान चलाकर पेड़ लगाएंगे। पेड़ सिर्फ मां नर्मदा किनारे और उसके कैचमेंट एरिया में लगाए जाएंगे, हम प्रदेश की दूसरी नदियों के किनारे भी पेड़ लगाएंगे। जिससे पूरे प्रदेश हरा भरा कर सकें। पर्यावरण में संतुलन बनाने के लिए ये जरूरी है।

– इस मौके पर नर्मदा पर लिखी गई किताबें और डॉक्यूमेंट का विमोचन किया गया। मध्य प्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा के बारे में इन डॉक्यूमेंट में संरक्षण का जिक्र किया गया है। इस मौके पर पिछले एक साल में नर्मदा के संरक्षण के लिए क्या और कहां किया गया। इसके बाद सीएम शिवराज पोस्ट ऑफिस घाट पर श्रमदान करेंगे।

नीलाम नहीं होंगी नर्मदा की खदानें
– नर्मदा तट की खदानों को नीलाम नहीं किया जाएगा। इन्हें पंचायतों को दिया जाएगा। मेरी पंचायत से अपील है कि वह खदानों को संभालें, उसका व्यवस्थित प्रबंधन करें, जिससे जनता को रेत भी मिल सके और नदियों की खुदाई का काम भी हो सके। अब नर्मदा के घाटों को नीलाम नहीं किया जाएगा। वह ठेका लेने के लिए पैसा खूब देते हैं, लेकिन बाद में वह जेसीबी मशीनें और पोकलेन लगाकर वह तटों का बहुत दोहन करते हैं।

गाली देने वालों को जनता जवाब देती है
– मेरी आलोचना करने और गाली देने वालों को क्या कहूं, उन्हें तो जनता ही जवाब देती है। अब लीजिए जनता ने उन्हें कर्नाटक में जवाब दे दिया। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कर्नाटक में हम जीत रहे हैं। मां नर्मदा के संरक्षण की शपथ दिलाई गई।

दूसरी नदियों को भी पुनर्जीवित करेंगे
– सीएम शिवराज ने कहा कि इस बार हमने तय किया है कि पर्यावरण को बचाना है तो हमें केवल नर्मदा ही नहीं प्रदेश की दूसरी नदियों को भी बचाना होगा। हमें दूसरी नदियों को पुनर्जीवित करना है। इसलिए प्रदेश की करीब 300 नदियों के गहरीकरण का काम चल रहा है। उनके किनारे और कैचमेंट एरिया में पेड़ लगाए जाएंगे।

किसानों ने खेतों में लगाए पेड़
– निजी क्षेत्रों में भी किसान पेड़ लगाएं। हमारे पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 26139 किसानों ने शपथ पत्र भरे थे कि हम अपने खेतों में पेड़ लगाएंगे, जिसमें किसानों ने 41 हजार पेड़ लगाए हैं। नर्मदा जी की गोद में गंदा पानी नहीं जाना चाहिए। हमने 1377 करोड़ रुपए के सीवेज प्लांट बनाए जा रहे हैं, इससे नर्मदा में गंदा पानी और मलमूत्र को को पूरी तरह से रोका जाएगा।

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